00:00गज मुख प्रभु के रूप अनोखे अगनित तेरी माया
00:12कभी भाल पर चंद्र विराजे कभी शक्ती बनाया
00:26દેવઓn કે સંકૃ હરને વાલે દીનોં કે રખવાલે
00:33बाल चंद्र बन चंद्र सुधारा विनाय की बन दैत्य संभाले
00:48एक समय चंद्र मा को अपने रूप रंग का मान था
00:55अपनी शीतल जोती पर उसको बहुत बड़ा भी मान था
01:03गनपति के अधुत स्वरूप को देख हसा चंद्र मा
01:10लंबो दर के रूप का उसने कर दिया उपहास वहाँ
01:17बड़े उदर और गजमुख को देखा उसने हस कर
01:24भूल गया वह प्रभु की महिमा अपने सौंदर्य में बह कर
01:32देख चंद्र का ये है अभिमान गनपति का अख्रोध जगा
01:39अहंकार में प्रभु का अपमान चंद्र का भाग्या बदल गया
01:49भूले गनपति है चंद्र अहंकार में में
01:55अपमान किया अपने रूप के मद में आकर मुझ पर तुने उपहास किया
02:05आज से तेरा तेज घटेगा जग तुझे को कलंकित जाने
02:12जो भी तुझे देखेगा चंद्र उस पर भी कलंक लग जाए
02:19ऐसा श्राप सुना कर प्रभु ने मौन धरा गंभीर
02:26चंद्र देब का तेज हु आक्षीन मन में भर गया पीर
02:33चंद्र मा की ऐसी दशा देख देव हुए चिन्पित सारे
02:41रिश्मुनी भी कहन लगे गणपती ही दुख हारे
02:48ऐ चंद्र अब गणपती की घोर तपस्या तुम करना
02:55उनकी स्तुति उनकी आराधना मन से नित्या तुम करना
03:02चंद्र चलावन की ओर त्याग दिया सब मान
03:09एक चित्त होकर गणपती ध्याई करने लगा गुनगान
03:17गणपती देवा गणपती देवा सुन लो मेरी कुकार
03:24तेरे चर्णों में शीश जुकाऊं तुम हो मेरे आधार
03:31गजानन लंबोदर विग्न हर्ता करुणा सिंधु महान
03:39दोश सभी मेरे क्षमा करो देदो प्रभु वरदान
03:46चंद्र की तपस्या से प्रसन गणपती सामने आए
03:53करुणा भर द्रिष्टी से प्रभु ने चंद्र को पास बुलाएं
04:00बोलें चंद्र शाप मेरा पून कभी टल नहीं सकता
04:07लेकिन तेरी सच्ची भक्ती से मैं इसे शिथिल कर सकता
04:14भरमा मस्याक्षिन होगा फिर पूर्णी मा पूर्ण खिलेगा
04:22तेरा खोया हुआ प्रकाश फिर जग में सुन्दर थेलेगा
04:29भाद्र पद शुक्ल चतुर्थी के दिन तू अद्रश ही रहना
04:36जो मेरी पूजा उस दिन करेगा चंद्र तुझे ना देखना
04:44जो उस दिन तेरा गर्शन कर ले कलंक उसे ना सकाए
04:51मेरी भक्ती और नियाह से सारा दोश मिट जाए
04:58फिर बोले प्रभू कृष्ण चतुर्थी हर मास तुम्हारे पूजा
05:06मेरे संग तुम्हारा स्मरण हो भक्त करे मन दूजा
05:13चंद्र ने जुक कर शीश नवाया मिट गया उसका माद
05:20गणपत के मस्तक पर बैठा आकर अपना स्थान
05:28भाल पर चंदा शोगे प्यारा गणपति रूप निराला
05:35चंद्र धरे जब गज वदन ने नां भुआ बाल चंद्र हमारा
05:43जे जवाल चंद्र गणेशा जै मंगल मूती
05:49चंद्र कला सै शोगित मस्तक तेरी महिमा अत्पुत
05:56झाल चंद्र गणाओंधन