00:00CCA की और वीडियोज देखने के लिए सब्सक्राइब करें और बेल आइपॉन को दबाएं
00:30किसानों और मजदूरों को और पूरे जानंदरी मानियोटी का साथ महराओं का साथ आदीवस्यों का साथ अगर सब्सक्राइब बड़ा जानंदरन
00:42दिल्ली की तर बड़ेगा तो मैं वादा करता हूं कि उसका असर पुरी दुनिया के लोगों के उपर होगा और
00:49दुनिया में �
01:00नहीं लहब चलेगी
01:06साथियों और देख्ष्टी और किसान सुगटन के लेक्तागान मेरे पीछे बैटेए हैं
01:14मेरे सामने बैटे इस अलाका से आए किसान साथियों बच्चियों बेहनों मुझे लगता है दिल्ली मैंने पता किया था यहां
01:26से काफी नजदीक है दिल्ली के और वही दिल्ली है जिस दिल्ली को तेरा महीं में हमने आपने पंजाब राजस्थान
01:37पूरे देश के किसानों न
01:38इसके पूरे बार्डर्स को 13 महीने के लिए सीर कर लिया था 2020-21 में और मुद्टे जो यहां उठाए
01:48जा रहे हैं जो उठाए गए हैं आप जानते हो वो चाहे किसानों की 2020 से लेकर 2020 तक फसलों
02:03की कम कीमत देने की वज़े से
02:06जो उनका 125 लाख करोड रुपया शोशित किया है केंदर या रज्जे सिरकारों ने
02:16और उसके चलते हुए जो किसानों पर अज कर्ज हो गया है पूरे देश में लाखों करोड रुपये में लेकिन
02:26वो जो उनका पैसा गया है उससे बहुत कम है पांच खुना कम है
02:31और किसान जब कहते हैं कि अदो दिन नहीं एक हफ़ते से जाना दस दिन हो गए
02:41पंजाब में फ्रीद कोड जिला में एक रेलवे लाइन के उपर दो नौजवान किसान बैट भाई सगे भाई वो आए
02:55और अराम से वो लाइन पर लेते हैं और ट्रेन के नीचे आके उन्होंने आतम अकली खुदकशी कर लें नौजवान
03:04भाई उन्हों वो चप्चा हो रही
03:06पंजाब में और वो क्यों की खुदकशी क्यों आतम हत्या की उन नौजवान भाईयों ने क्योंके उनका जो
03:18जो ये कॉटन की फसल थी कपास की या उसकी फसल जो उस पर करज़ा था जब फसल जो बरबाद
03:29हो गई जब फसल को मंदी नहीं मिली उससे इतना करज़ हो के के दोनों भाईयों ने मिलकर एक दूसरे
03:36को आग बाजू पकड़के पेल के नीचे खुदकशी कर ली
03:41थोड़े दिन पहले हमारी यहां से एक टीम गई थी सिम्यूप किसान मोर्चा की
03:51अपने ये महराश्टर में विदर बेरिया में वहां भी ये कपास की फसल होती है
04:00और कपास के किसानों में खुदकशिया आतम त्याय बहुत तेजी से हो रही थी
04:08सिम्यूप किसान मोर्चा ने एक टीम बेजी वहां
04:13और टीम से आके मेरे अपने संगठन का एक साथी गया था
04:19उसने बताया कि एक किसान अपने सरकारी अधकारी के पास
04:31गया अपना जो उसकी फसल खराब हुई थी उसका मौफजा लेने के लिए
04:38उसको जब जवाब मिल गया मौफजे से उसने अधकारी के दफ्तर में ही खुदकशि कर ली
04:48और जब उसकी खुदकशि का आतम हत्या का उसके परिवार में उसकी पत्नी को पता चला
04:56तो उसकी पत्नी ने अपने बच्चों के साथ घर में खुदकशि कर ली
05:01घर में आतम हत्या कर ली
05:05यहां ही नहीं जो साथी बता के गए हैं पहले अंग्रेश सिंग जी
05:10कि जब कपास के उपर मुद्धी जी ने 15 अगस्त का भाशन लाल की में से देकर
05:19कपास का टेक्स 9% से 0% कर दिया
05:24तो बड़े बड़े विपारियों ने कपास जो सस्ती मिल नहीं थी वार से आख लई
05:31और ख्रीदनी शुरू की उन दिनों में उस महराश्टर के विधरबा एरिये में
05:41एक दिन में 15 किसानों ने आतमत्या की 15 किसानों ने
05:47तो इसलिए मैं ये बात आपकी पंचायच में रखना चाहता हूँ
05:52कि मुझे ये बताईए कि देश या दुनिया में कौन सा वर्ग
06:02कौन से वो लोग है एक वर्ग के पैदा करने वाले
06:05वो मच्वारे है वो कोई और किते में है कोई और पेशे में है
06:14किसी और देश में है जो इतने बड़े पेमाने पर खुदकिशी जा आतमत्या कर रहे
06:21आप जानते हो रोज अखबारों में आता है
06:24कि दोजार के बाद इस देश में लाखों यानि अंकडे सरकार कहती है
06:35चार लाख पांच लाख लेकिन आंकडे इस से ज़्यादा इस से ज़्यादा किसान आतमत्याएं कर चुके है
06:47मैं खुलकशी कर चुके हैं तो जब ये बात आती है जब ये आतमत्याओं की बात आती है तो जिगंबर
07:04जी ने आपके सामने रखा मैं पंजाब से आता हूँ
07:09मैं बहुत ये बात इमानदारी से कहना चाहता हूँ कि एक समय था जब पंजाब में खेती से मुनाफ़ा होता
07:22था फाइदा होता था मुनाफ़ा होता था
07:26लेकिन जो उन्होंने बात रखी उसको मैं अकड़ों में नहीं लेकिन ऐसे बाताना चाहता हूँ के खाद मिशिनरी डीजल बिजली
07:39दवाईयां जो कीडे मार दवाई जो दूसरी दवाईयों के रेट बढ़ते गए फसल का रेट उस पैमाने पर नहीं बढ़ता
07:48है
07:49जिसके चलते कहते हैं कि खेती का कारोबार घाटे की तरफ जाने लगा नुक्सान होने लगा केले पंजाब में कम
08:02से कम तीन से चार लाख किसान पर वार अपनी जमीन बेच कर अब बिना जमीन के हैं उनके पास
08:11लैंडलेस से कुई जमीन नहीं हो उनके पास
08:13चोई एक परकुर्या डीप इसेटाइजेशन भूमी पती से भूमी ही होने की शुरू होगी
08:21और लास्ट रुआ कर्ज से मौत डेथ और डेथ में भी पूरे देश में जो पहले मैं बता रहा था
08:32आपको
08:32पंजाब में नहीं पंजाब में उतनी नहीं लेकिन पंजाब में खुदकशियां होती हैं हुई हैं हो रही हैं लेकिन आप
08:42शुरू हो जाओ तलंगाना से
08:52कौन सा स्टेट है जहाँ खुदकशियां नहीं हो रही हैं और मैं ये स्वाल आपके सामने रखना चाहता हूं किसानों
09:01के इलावा और खेतों में काम करने वाले गाओं में काम करने वाले मज़़ूरों के अलावा
09:08बहुत सारे लोग खुदकशिय करते हैं यूथ नौजवान भी करते हैं किसी लग करन से लेकिन अपनी घर की हालत
09:20में गरीबी के चलते हुए करज के चलते हुए फसल का नुपसान होने के कारण फसल का मंदीना मिनने के
09:29कारण जो मैंने बताया आज भी अनमल के ये चीज़ो
09:33करोके चलते हैं खेती किसानी आज एक संकट के है इसको बोलते हैं का संकट खेती का संकट यह संकट
09:45और संकट के लक्षन जैसे होता है न बिमार के पास डाक्टर के पास जाता है एक मरीज
09:51मरीज बोलता है डाक्टर मुझे बुखार हो गया तो डाक्टर तीन चार स्वाल पूछता
09:58बुखार कितना हुआ क्या साथ में आपको जाडा लगा शिवरिंग हुई
10:06क्या आपको पसीना आया आपको खांसी तो नहीं गला तो नहीं खिराब यह है डाक्टर वो लक्षन जानना चाहता है
10:15कि इसको मलेरिया है या टाइफेड है या टीवी है या कोई और बिमारी है उसी तरह से
10:23खेती को लगने वाली संकट की बिमारी के भी लक्षन है
10:29कोई वैसे नहीं बोल रहे हम
10:31के हमें union का जंडा पकड़ लिया है
10:34इसलिए हमको ये बात करनी है
10:36देश के अर्थ शास्त्रियों
10:39खेती हर अर्थ शास्त्रियों
10:42समाज शास्त्रियों
10:44और खेती में लगे हुए जो लोग हैं उनका ये कहना है कि ये कारणों के चलते हुए ये संक्ट
10:53आया है इसके ये लक्षन है और इसका अलाज ढूंडना होगा रोज अख़बारों में बहुत सारे आर्टिकल देख शबते हैं
11:05टीवी में बहस होती है रेडियो में बहस होती है
11:08यूनियनों में चर्चा होती है
11:10लीडर चर्चा करते हैं
11:12और आज की सबा भी शहद इसलिए ही है
11:15कि हम इन बातों के उपर
11:17उस सीख के जाएं सोच के जाएं
11:19और मैं जो बात आपको कह रहा था
11:21उस पर मैं फिर आपका ध्यान दे रहना चाहता हूं
11:24कि ये जो महामारी आतम हत्याओं की है साथियों
11:30इस देश में गाओं के लोगों के इलावा
11:35और कोई खुदकशी इस तरीके से नहीं कर रहा है
11:39जो एक फेनामना जो एक वरतारा
11:43जो एक प्रकिरिया बन चुकी है हमारे देश में
11:46खेती में लगे हुए किसानों की आतम हत्याओं को हम देखने को मिलती है
11:53इसमें सरकार की नीतियां
11:56सरकार का नीजी जो घराने हैं उसका खेती को खोल देना
12:01खेती को जो नीतियां वो लाए जैसे
12:06मनमौन सिंग और नरसिमा राओ की सरकार लाई थी
12:10और नई खेती बनाई थी उसमें उसकी पॉलिसी वो सारी चीज़े आती हैं
12:15और वो सारी चीज़े आने के कारण ही लगता है कि किसान को जो हमारे एक साथी जहां बोड़के गए
12:23थे
12:24मैं उसका आपके सामने रखना चाहता हूँ क्योंकि मैं उसका चश्म दीद गवाबी हूँ
12:30मद्या परदेश की पिपलिया मंडी मंसौर जिले में जब पांच छे किसानों की मौत हुई थी शहीद हुए थे
12:41तो उनका एक ही मुद्दा था किसानों का
12:45वो कहते थे कि सरकार में गेहूं का रेट ये एलान किया है हमारी मंडी में हमें रेट क्यों नहीं
12:54मिलता जब पंजाब में मिलता है हर्याना में मिलता है
12:58तो मनसौर जिले की पिपलिया मंडी में छे नौजवान किसानों को जिनकी उमर्ट 25-30 साल से कम थी
13:08बिल्कुल ब्लैंक पॉइंट से गोली मारके खुदके मारा गया था शीद किये गए थी
13:15और वो एक ऐसा टाइम था शत्तरा का जूंचे शत्तरा का जिसके बाद हिंदोस्तान के किसानों ने एक होने की
13:27कोशिश की
13:28उसकी पहली बैठिक हुई अपने जंतर मंतर में जो फेल हो गई
13:34दूसरी बैठिक हुई गंधी पीस फोलेशन में जो काम्याब हो गई
13:41जिससे लगातार फिर किसान अंदोलन और किसान अंदोलनों के जो सलठन थे वो मिलते रहे
13:49और अल्टी मेटी दो हजार बीस में आके उसकी लगातारता में जो देश का अंदोलन था
13:57मैं ये बात पताना चाहता हूँ कि उसमें करोना का लॉक डॉन लगा हुआ था
14:03करोना के लॉक डॉन में पंजाब के किसानों ने देश व्याप्पी आ रहे अंदोलन के जो भी कॉल्स थी जो
14:13भी संदेशा था उसको इंप्लिमेंट किया
14:16और जब तीन कानून आगे तीन कानून के बाद पंजाब के किसानों के संगतनों ने जो उस समय उस मोर्चे
14:26में थे जो मनसौर के किसानों की शहादत के बाद बनाता उन्हों ने उस मोर्चे के प्रोग्राम्स को लागू किया
14:36और फिर जो बचे हुए किसान संगतन थे पंजा�
14:41सबने मिलकर मैं इतना आपको याद दिनाना चाहता हूं कि सबने 25 सेफ्टमबर को पूरे पंजाब को ऐसे बंद कर
14:51दिया एक भी रेड़ी एक भी दुकान एक भी साइकल एक भी रिक्षानी चला था
14:57अछान इसके बाद एक अर्टूबर को पंजाब के किसानों ने पूरे टोल प्राजे खोल दिये पूरे अल्रांस के पट्रोल पं
15:08toothpaste बंद कर दिये पूरे जो अडानी एंबानी के जो भी कारोबार थे वो बंद कर दिये और बीजे पी
15:16के मेर्ताओं के घरों के सामने एक अंदो
15:20जरनकारी धरने लग गए इसके बाद शुरू होता है दिल्ली की तरफ आने का फैसना इसी दोरान पूरे देश के
15:28किसांत संगस्नों और मोर्चों की मीटिंग होती है अक्तूबर लास्ट में और नुवंबर शुरू में और 26 नुवंबर को काफले
15:36दिल्ली की तरफ पूरे दे
15:49का जा रहा था खंद के खोदी जा रही थी तो माम को सरपास करते हुए दिल्ली के बॉर्डर तक
15:56पहुंच गया और आगे आप जानते हो तेरा मीन ने दिल्ली को खेर के रखा और 20 नुवंबर 2021 को
16:04वही मोधी जिन्होंने पार्लीमेंट के तीन कनून पास किये थे उन्होंने
16:10आके टीवी के उपर बोला अपना ही थुका हुआ चाटा उन्हों के मैं तीन कनून वापस लिता हूँ और ये
16:19पहली बार हुए देश के इत्यास में कि किसी संसद में पास किये हुए कनून वही संसद उन कानूनों को
16:28वापस करे खत्म करे अभी तक नहीं हुआ इस देश के �
16:36आफ ये बात कर नहीं के सथियों बहुत बड़ी चुनौन हैं बहुत बड़े हमारे उपर हमारे लिये बहुत सारे ऐसे
16:45किसानों og
16:46मिदूरों के लिए हम ने हमारे उपर हो रहे बिजली बिल है सीन बिल है नरिगा का कनून हो गया
16:53चार लेबर कोड़ा अभी ये ट्रेड के बारे में साथियों ने बोल दिया मैं इतना नहीं बोलूं है इसके उपर
16:59लेकिन ये हमारे लिए फांटिसी का फंदा है सारे
17:03इसलिए क्योंकि मैं दिल्ली के पड़ास में आप से बात कर रहा हूँ
17:08ज़रा सोचिए आज दोहजार चब्वीस का एप्रल है
17:15दोहजार उनत्थिस में दोबारा केंदर की सरकार बननी गए
17:19और दोहजार सथाइस में यूपी और पंजाब के एलेक्शन होने है
17:24क्या ऐसी हलात बन सकते हैं के यूपी का ये एरिया जिसमें एक तकेंदर और बीकेई उर बाकी संगटन है
17:35जो दिल्ली के साथ सटे हुए हैं
17:38और पंजाब और हरयाना के बड़े संगटन तकडे होके क्या डेज़ दो साल में 30 डेज़ दो साल में
17:46धाइस हाल में
17:48क्योंकि उसके बिना आपकी कोई बात सुनेगा नहीं
17:51धरने हो जाएंगे
17:53ग्यापन दिये जाएंगे
17:56लेकिन काम करने वली सरकार बैठी है दिल्ली में
18:00उसको अगर चुनोती दे के
18:03उसको ललकारा नहीं जाता
18:05उसको च्टावनी नहीं दी जाती
18:08और उसके सामने सामने होके
18:11उसके साथ जड़ाई का बिगुल नहीं बजाया जाता
18:13तो हमारे समेलन जो है
18:16इनका कोई काम ही को
18:17हमारी संगछनों का कोई काम नहीं तक है
18:21हमारे मोर्चों का कोई मतलब नहीं
18:23हाँ असम चोटे मोटे काम करवाते रहते हैं
18:27कर58 जूजक करेशा करफे हैं जी हमने लेंड पूलिंग पालिसी जिसका थे 7591AD सरकार कचा
18:38कर वे रहे थी वह लैन्ड पूलिंग पालिसी पन्जाब के किसानों ने वापस करवाई मिलके करवए ऐसे
18:45मार्किटिंग पॉलिसी आई थी वो असेंबली में उसको रद करवाया ये ट्रेश दीर के बारे में भी पंजाब की इसेंबली
19:17हम दिल्ली के इर्द गिर्द बैठे हुए लोग हैं हमारे हमारी रगों में हमारी आंतरियों में हमारे खून की नाडियों
19:28में एक जैसा खून चलता है
19:32और हमारे अंदर दिल्ली दर्बार के खिलाफ एक लड़ने की नफरत है कि शक्ति है कि अकांक्षा इस चीज़ की
19:40खुश हो जाते हैं पंजाब के लोग भी दिल्ली के खिलाफ लड़ने चुने
19:47इसलिए हमें ये तैय करना होगा किसान सुगत्नों को कि कब वो अच्छा दिन आएगा महूर्त निकलेगा जिस दिन फिर
19:57उस समय तो हम आई थे हैं तजारों में
20:02जिस दिन आम इन पांच प्रांटों से कम से कम एक एक लाख आदमी पांच लाख लोग दिल्ली की तरब
20:10बढ़ेंगे
20:11और मैं यहां से यह वाइदा करता हूँ दावा भी करता हूँ कि दुनिया की कोई ताकल फिर उन पांच
20:18लाख लोगों को रोक नहीं सके लिए
20:22लेकिन इसकी तैयारी करने क्योंकर देखिए किसी भी लड़ाई के लिए किसी भी युद्ध के लिए किसी भी जीत प्राप्त
20:32करने के लिए
20:33हमें अपना अस्मान अस्बाब तैयार करना होता है हमारा रास्ता तैयार करना होता है
20:43अगर वो नहीं तो हम दिन दिन में कुछ रात में कुछ अगले जिन कुछ अगले उससे दिन कुछ करते
20:51रहेंगे
20:52लेकिन हमें अगर ये पूरी चीज है क्योंके देखिए आज इस सिटी में हम आपसे बात कर रहे हैं न
20:59ये दुनिया में और भी खतरनाक प्रस्ति बन चुकी है
21:03आने वाले दिनों में पट्रोलियूम पोड़क्श और ये फटिलाइसर खाज इनका गहरा संक्ट होने जा रहा है
21:12कल दिन में जो रात में बात हो रही थी एरान की और अमेरिका की वो फेल हो गई है
21:18और उसके अगर युद आगे चलता है तो युद ये नहीं के गैस नहीं मिलेगी डीजल नहीं मिलेगा बलके उससे
21:28पैदा होने वाली तमाम चीज़ें बजार में नहीं मिलेंगी
21:31यूरिया नहीं मिलेगा डीएपी नहीं मिलेगा पुटाक्ट नहीं मिलेगा इसलिए उसको अमेरिका जो एक ठावेदार का जो रोल कर रहा
21:45है पूरी दुनिया में उसको भी गिराने के लिए उसको भी सुलजाने के लिए एक बड़ी ताकत की और हिंदोस्तान
21:53के लोग जो ह
21:57पहले भी किसी से बात कर रहा था कि थोड़े जिन पहले नपाल में बंगला देश में श्री लंका में
22:04लोगों ने उठके बड़े बड़े अंदोलन किये सरकारे बदल दी लेकिन उसका एफेक्ट पूरी दुनिया में बहुत कम हुआ लेकिन
22:12हिंदोस्तान का जो किसानों का अं
22:20और अगर ये किसान अंदोलन आने वाले समय में मजदूरों और किसानों का जो हम टानक्टोरा स्टेडियन में जॉएंट ऐलान
22:30किये थे किसानों और मजदूरों का और पूरे जन अंदोली मानिरोटीज का साथ महराओं का साथ आदी वस्यों का साथ
22:39दलितों का साथ अगर स�
22:47असर पुरी दुनिया के लोगों के उत्रोगा और दुनिया में एक नई लहर चलेगी जिसके लिए हम आज पंचायत में
22:54अपनी मीटिमों में अपनी चर्चाओं में हमेशा सोचते हैं और मेरा इतना ही आपको संदेशा है कि विभारत तूर पर
23:04हम कैसे जीत प्राप्त करें किस
23:07इस रास्ते पर चले क्या निशाना हो इसके उपर जादा अंदोनल कारियों को ध्यान देना चाहिए चीजों को समझना भी
23:15चाहिए मैं नहीं कहता नहीं समझना चाहिए लेकिन समझना ही नहीं चाहिए चीजों को समझ के बदलना कैसे है इस
23:22पर हमें जोर लगाना चाहिए आ
23:33झाल झाल
24:22झाल झाल
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