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10 महीनों में 14 आपत्तियां, चुनाव आयोग में सब ठीक नहीं? अंजना के साथ देखें हल्ला बोल

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00:00नमस्कार हला बोल में आपका स्वागत है आपके साथ मैं हूँ अंजिनाउं कश्य पाच चुनाव आयोग पर सबसे बड़ा घमासान
00:05चुड़ गया है
00:29बलकि वोट चोरी के आरोपों पर और बड़ा मोर्चा खोल दिया ग्यानेश कुमार की गिरफतारी जैसी मांगो के साथ साथ
00:35बंगाल बेहार और दिल्ली जैसे राज्यों के चुनाव जो की मुख्य चुनाव आयोग के तौर पर ग्यानेश कुमार के रहते
00:41हुए हैं उनको वो
00:57सामूहिक युनाने मसली लिये गए हैं अब बीजेपी ने भी असहमयतियों को लोगतंत्र की निशानी कहा है साथी वोट चोरी
01:04के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि ग्यानेश कुमार के सीसी बनने से पहले से बीजेपी लगातार जीत रही
01:10है सवाल है कि क्या चुना
01:2522 होने के मसलों पर दोनों चुनाव आयोगतों की आपतियों को सिर्फ असहमति कहके खारिच किया जा सकता है क्या
01:30चुनाव आयोगतों की आपतिया है और सीसी की मनमर्जिया है चुनाव आयोग में दरार यही है आज हल्ला बोल का
01:37विशय हमारा चर्चा का लेकिन पहले ये र
01:54इंपोर्ट क्या छपी, SIR के बहाने वोट चोरी का आरोप लगाते आए, विपक्ष को नया मुद्दा मिल गया।
02:00मुख्य चुनाव आयुक्त, ज्यानेश कुमार से दोनों चुनाव आयुक्तों के मत्भेद के दावों के साथ, ज्यानेश कुमार और सरकार की
02:07मिली भगत के आरोपों पर विपक्ष ने तूफान खड़ा कर दिया।
02:32जिन 14 मसलों पर सुखबीर सिंग, संधू और विवेक जोशी ने आपत्ती नोट दिया है, उनमें सबसे बड़ा मसला है,
02:38SIR प्रक्रिया के बीच नए वोटर को जोडने वाले फॉर्म 6 में बदलाव।
03:00करता है वन मैन, वन वोमन, वन वोट, करता है के नहीं।
03:06चुनावायोग ने खुद ने अपने आपको एक ऐसी संसा बना दी है, जहां नो वन वोट, नो वन वैल्यू।
03:13उच्चतम नयायले का 95 का निर्ने डस्बिन में पड़ा है।
03:18लिखित विरोध का जवाब नहीं है, सामविधानिक जवाब दे ही नहीं है।
03:24आपने बदला फॉर्म 6, हाँ, किस ने बदला, चुनावायोग ने नहीं बदला, CC ने बदला।
03:31और जब चुनावायोग के बाकी मेंबरान ने पूछा, तो सन्नाटा साइलेंस का।
03:35और सबसे रोचक बात लिखा क्या है, संदु साव जोशी साब ने, कि इस फॉर्म को सिरफ सरकार बदल सकती
03:41है।
03:43ये रूल्स और रेगुलेशन में आता है, चुनावायोग नहीं बदल सकता इसको।
03:48अब इसका दुश्प्रभाव देखिए, हर युवा व्यक्ती जो वोट में आने वाला है, वो वोटर बनने में बहुत संग्दिक्द हो
03:56जाएगा, बहुत सारे लोग बनी नहीं पाएंगे।
04:00चुनावायोग के कदमों पर दोनों चुनावायुक्तों की अन्य अहम आपत्तियों में शामिल है, मतदाता सूची डेटाबेस का सेंट्रलाइस्ट होना।
04:1029 माई को विवेक जोशी ने ये अपत्ति दर्ज की और 13 जुलाई को संधु ने भी सापत्ति के साथ
04:16अपनी सहमती दी। 12 अगस्त को चुनावायुक्त संधु ने पश्चिम बंगाल में SIR के खिलाफ अपील प्रक्रिया पर अपनी अपत्ति
04:24जताई।
04:2529 जुलाई को विवेक जोशी ने Cabinit Secretary को लिखे नोट में आधिकारिक कामों के बंटवारे पर जानकारी न मिलने
04:32की बात कही। 29 जुलाई को ही संधु ने Cabinit Secretary को लिखे नोट में वर्क रॉस्टर का मुद्दा उठाया
04:38और कारवाई की मांग की।
04:4016 अप्रेल को विवेक जोशी ने आयोग की बैठकों के मिनट्स नहीं जारी किये जाने और बैठक के पहले एजेंडा
04:46नहीं मिलने पर आपत्ती दर्ज की
04:50चुनाव आयोग के इस अंदरूनी खुलासे के बाद विपक्ष के लगभग हर एक दलने चुनाव की निश्पक्षता पर अपने आरोपों
04:57को दोहरा दिया
05:00जोदी एक पोटा मोल ठाके आमादेर इलेक्षान फिरिये दीन जोर करे जे इलेक्षान उगलो जिते छे न
05:09अपनारा जेतनी पिहारे जेतनी मुग्दो बोदेशे जेतनी खोडियानाते जेतनी बंगलाई जेतनी गाए जोरे जे राग जे इलेक्षन होचे
05:25बीजेपी भाप चामदे फूल रुका कब उस तो इलेक्षन कॉमिशन बुचे हाचे
05:31कि जिसके सबसे बड़ी मानिता है हम और आप सोचते हैं कि वो निस्पक्ष है निस्पक्ष इंस्ट्यूशन से ही उमीद
05:41करते हैं कि डिमोक्राइसी को और स्ट्रॉंग करेंगे डिमोक्राइसी को और मजबूत करेंगे
05:47लेकिन जब वहीं पर इस तरह का बिवहार हो रहा हो तो आप कल्पना कर सकते हैं इलेशन कमीशन किसके
05:53बिहाब पर इस तरह का बिवहार कर रहे हैं
05:55यह हमारे लोगतन के लिए घा तक है
05:57कि ज्यानेश कुमार को गिरफतार किया जाए और उनके उपर मुकदमा चलाए जाए और पिछले कुछ सालों में जितने चुनाव
06:06हुए हैं दिल्ली का महराश्ट्र का बिहार का वेस्ट बेंगॉल का हर्याना का मध्यपरदेश का ये सारे चुनाव कैंसल करके
06:15दुबारा करा�
06:20जैसे मैंने कहा कि एक जैसे की एक टो जैसे घ्यायन होती है न को पार्टी च्वरि करती है और
06:31प्रजातंत्र का तुन करती है थे खत्या करती है तो वे उस ग्यायन पारदाफर्जी कि दोनों ने किया इसलिए इनको
06:39धन्यावाद ज्याए� reliefies व्यभैम्य हाँ अब हामारी मा
06:50रिपोर्ट पर विपक्ष की इन प्रतिक्रियाओं के बाद चुनाव आयोग ने मामले पर बयान जारी किया, इसमें कहा गया कि
06:58अलग-अलग विचार और टिपणिया निर्णय की स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा है
07:03पिछले 10 महीनों के कुछ आंतरिक नोट्स और अब्जर्वेशन को बताना जबकि अप्रूवल, निर्णय, निर्देश और इनिशेटिव को नजर अंदाज
07:12करना केवल तस्वीर का एक पहलू दिखाता है
07:15हाल के महीनों में आयोग ने कई निर्णय लिए निर्देश दिये और 40 नए इनिशेटिव लिए और SIR समेथ कई
07:22चुनाव सुधार किये
07:23सभी निर्णय पिछले एक साल में आयोग के सामुहिक निर्णय है
07:29चुनाव आयोग के बयान के बाद बीजेपी ने भी विपक्ष के आरोपों को खारज करने में देर नहीं की
07:35मीडिया में जो आया है कि तीनों के बीच में कुछ ओफिशियल डेलिबरेशन्स हुए है
07:39जो की एक अच्छे लोकतंत्र की निशानी है जहां पर डेलिबरेशन्स हो रहे है
07:45और इलेक्षन कमीशन ने अपने पहले ही चंद में अपने पहले ही पारग्राफ में
07:51एक बात बड़े पस्टता के साथ लिख दिया है
07:54सारे ओफिशियल डेमोकरटिक डेलिबरेशन होने के बाद
07:58अंततो गत्वा अट दी एंड
08:01SIR जो हुआ
08:04Special Intensive Revision जो हुआ
08:06वो युनानिमिटी के साथ हुआ
08:09अर्थात हम सबने तीनों कमीशनर उसमें युनानिमस थे
08:14उसमें किसी प्रकार का मतांतर, मतभेद, मनांतर नहीं था
08:19दे वर अल ऑन दे सेम पेज
08:24चुनाव आयोक के बहाने राजनीती की लड़ाई लंबे समय से लड़ी जा रही है
08:28अब इसमें नया चैप्टर जुडने के बाद
08:30लोकतंतर के नाम पर हंगामा अभी और बढ़ेगा
08:33आज तक प्यूरो टाइम आएगा हम आपको पकड़ेंगे
08:37हमारे साथ इस वक्त अभिशेक मनु सिंग्वी जी जूड़ रहे है
08:41पांच बार के वो राज्यसभा में सांसद रह चुके हैं
08:44और इसी के साथ साथ वो कॉंग्रेस वरकिंग कमिटी के सदस्य भी है
08:48और एक वरिष्ट अधिवक्ता भी है एक एमिनेंट लोयर भी है
08:53बहुत स्वागत है आपका विशेक मनु सिंग्वी जी
08:55मैं देखिए बाकी सवालों पर आऊंगी चुनाव आयुक को लेकर जो है और जो बने हुए है
08:59लेकिन सबसे पहले शुरुआत भारती जनता पार्टी से करते हैं
09:02उन्होंने प्रेस कॉंफरेंस की है और सीधा आरोप लगाया है
09:06कि कॉंग्रस पार्टी यूपी ए की सरकार तो मुख्य चुनाव आयुक्तों को सीधे-सीधे
09:12मंत्री सांसद और ऐसे पदों पर न्यूक्त कराती थी और उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट भी दिखाते हुए कहा
09:19सोनिया गांधी अपॉइंट्स नवीन चावला इस पर आपका क्या जवाब है
09:26अब आप अपना एक पर जवाब यह देख लिए पीजेपी का जो आपने पढ़ा है
09:45इससी से मालूम नीपड़ता है कि उनको क��에 जवाब नहीं है तत्यों का
09:49सब्साइरा पीपस एक सिंगल शब्स वाक्या का जवाब नहीं हमश नंबर दो
09:58क्या आपको इससे मानों नहीं पढ़ता कि जो अग्रेजी शब्द है वाटर बाउटरी उतर्त निकालना ये तो घनीमत है कि
10:05संभित पाताजी ने सुनिया गांधी से शुरू किया आके नहीं
10:10कि सांतियों कई घलतीयं कि होंगी उनकी गलती वाटर देना चाहिए था उसके बाद विंद्रागानी की गलती को चिट्था पढ़ना
10:19चाहिए था इससे दोजार ठाविश पे जो हो रहा है वो किसी रूप से वैद्रों और वीडिया में नेरेटिव पुछले
10:29कि यह कि आप दो
10:40कि तीन चिठ्धिया लिखी, 10 चिठ्धिया लिखी, 14 चिठ्धिया लिखी, हम जवाब चाहते हैं आप से. यह जवाब है मिरा
10:47एंजिरा जी.
10:49लेकिन अगर यह वाटवाउटरी भी है विशेक जी तो भई चुनाव आयुक्तों को या फिर मुख्य चुनाव आयुक्तों को इनाम
10:57के तौर पर पद देना यह तो एक एक मुरालिटी का नेतिकता का है रा प्रश्ण
11:05जरूर दो तीर उधार नहीं हमारे वक्त के लेकिन आज दस बारा साल इस सरकार में कोई
11:15कोई को सीवीटी का चेर्मेन नहीं है जिसको एक नहीं दो नहीं ती एक्सेंशन दिये गए कोई ऐसा व्यक्ति नहीं
11:25इसको प्रमोट नहीं किया गया है उससे बड़े-बड़े ओदों पर लोगसभा राजसभा सेक्रेटरियर इस चाहती हम कोई ऐसा इडी
11:35का अज्यक्ष न
11:44कि उनका क्या संबंद रहा है गुजरात के क्या संबंद रहा है सहकारिता कोपरेशन मिनिस्ट्री में ये पुरा विश्व जानता
11:53है तो आप किसकी बात कर रहे हैं मैंने गलती अगर मान लीजे की भी तो गलती की डिग्री उसका
12:01आयाम उसका स्वरूप उसकी विशालता उस
12:13सच्चा ही सब जानते हैं, उसकी व्याफकता सब जानते हैं, और वो उत्तर वैसे ही नहीं है, बॉटम पाउटरी है,
12:23अच्छा अब आते हैं चुनाव आयों के जवाब पर जो मेरे हाथ में है, जो प्रेस्नों टुनों ने जारी किया
12:27है, वो कह रहे हैं कि ये डिसेंट तो लो
12:43एक मच से लिए गए हैं, तो इस पर आपको क्या पती है, इस पर इसमें क्या गलत दिख रहा
12:48है?
12:50देखे, अंजरा जी, ऐसा है, अगर मुख्य आयुक्त, अब ये चुनाव आयुक्त नहीं रहा है, ये सरफ मुख्य आयुक्त कूलते
13:01हैं, कि टिक खेहरे हैं देश को समझाने के लिए, ये 10 महीने में 14 बार बड़े कंभीर सहमती बन्यादी
13:12मुद्दों पर की गई, और उसक
13:15जवाब मेरे पास ये नहीं है कभी भी, कि मैंने तुरंट एक दो महीने में दो अफ्टे में उसका जवाब
13:20दिया, मेरे पास ये जवाब नहीं है, कि मैंने फॉर्म सिक्स में क्यों ये नया कंडिशन रखा, जो फॉर्म सिक्स
13:27में नहीं रखा है, मेरे पास इसना कोई जवा
13:51जवाब नहीं है कि इसका जवाब नहीं है कि वास्तम में हमारे चुनाव आयों के आई टी डिपार्ट्पेंट ने सभी
13:57भी एक्सेस मना नहीं किया एरोस को कोई भी बुन्यादी तत्यों के आधार पर जवाब नहीं आता है
14:07जवाब जो ऊपर चटान पर बैठके अपनी प्रजा को एक अड्रेस कर रहा है कि जो मुझे कहना था मैंने
14:15कह दिया
14:17मैंने जवाब नहीं दिया तब जवाब का मैंने खुलासा नहीं किया देश के साम लेकिन उसके बाद क्योंकि मेरे दो
14:25सही होगी दो कॉलिग्स ने स्टीफा नहीं दिया
14:38इसको कुतर कहते हैं अंग्रेजी में इसको वाटर बाउटरी कहते हैं और अभी जवाब आया है जो दस्ता में जाया
14:43है उससे ही मालम पड़ता है कि चुनाब आयोग सब कुछ छुपा रहा है जवाब कुछ नहीं है एक उंचाई
14:49वाला ब्लैंकेट जवाब ए तत्यों का ए
14:51एक शब्द नहीं है उसको फॉर्म सिक्स जो दरसल यह तै करता है विशेग जी कि भई जो नए वोटर्स
14:57हैं उनके लिए फॉर्म सिक्स था कि वो एन्रोल होंगे उनका कहना है उनका जवाब इस पर यह कि फॉर्म
15:03सिक्स एसायार की ही प्रक्रिया का हिस्सा था और उसमें हस
15:08साक्षर सभी मतलब दोनों आयुक्तों और मुखे चुनाव आयुक्तीनों के थे
15:14आपने तो उत्रा ही आर्टिकल पढ़ा होगा इंडियन एक्सप्रक्स और मैंने पढ़ा है उसमें लिखा है कि अगस्त 13 को
15:21फॉर्म सिक्स के विशे में ये शब्द इस्तमाल कि ए अनौथराइज और इल्लीगल है
15:28अब उसके बाद उसका जवाब क्या लिखा आपने किस तरक पे क्या कारण दिये 1234 के मैंने ये जवाब दिया
15:34संदूस आपको कि ये नहीं है फॉर्म सिक्स इल्लीगल अनौटराइज क्योंकि इस पर ये ये ये ये आंसर है वो
15:39कहा है जवाब ये अलग बात है कि एक बाहर क
15:45है एक अंदर इस व्यक्ति ने पुरा हैजर्ट कर लिया चुनावाय को अपने आप अके लिए इससे और लोग फिर्चुप
15:52हो जाते हैं बाद में उसका मतलब ये नहीं है कि आप करेक्ट है या सही है या दूसरे लोग
15:58मान गए हर आदमी को लवासा जैसा एक सिध्धान्ति
16:03एक स्टैंड लेना असान नहीं होता है हर आदमी को एक सीमा से आगे विरोध ये आसमेदी प्रकट करना सक्षम
16:11नहीं होता है इसका मतलब नहीं है कि जो आदमी गलत काम कर रहा है वो सही है ये परिवाशा
16:20तो सरफ मुख्य आयुक्त की है अब देखिया विशेक जी ये जो �
16:24पूरा बवाल अपने दर्शकों को भी बता दें कि दरहसल बहुत सारे पोर्टल से सबको जोड़कर एक ECI NET बनाया
16:30आखरी सवाल है आपसे जल्दी से एक जवाब चाहेंगे नेट बनाया अब उस पे आरोप ये लग रहा है कि
16:34वहाँ पर जो DGIT थी चुनाव आयो की उन्ह
16:50उन्होंने ये प्रेस नोट जो जारी किया है उसमें उन्होंने स्पेसिफिकली लिखा इसका जवाब कि जो सम्वैधानिक तरीका है उसी
16:57से ERO और DEO ही अडिशन और डिलिशन और वोटर्स कर रहे थे
17:05मैं मैं में बाकी दौनों चुनाव आयो के मेंबरान ने कहा कि हजारों सेंपरों यारों हैं जो कह रहे हैं
17:16कि आपके खुद के चुनाव आयो के IT डिपार्टेमर उसके अध्यक्ष का नाम बिलिया सीमा करना axxets restrict कर रही
17:23है संकीड कर रही है रोक रही है अब उसका जवाब कह
17:28है इसका एक अचित्य है इसका एक उदेश्य है अंजरा जी जब यह पूरा आर्किटेक्ट्ट्ट्ट्र बना था चुनाव आयोग का
17:35तो एक प्राबधान बना था कि इसका दिकेद्री करण हो ती
17:38सेंट्रलाइबधेशन हैं यह इसलिए जिस्से के एक व्यक्ति विशेष यह दस व्यक्ति विशेष कहीं भी इसका
17:45कंट्रोल नहीं कर सके चाहिए पुरान मंत्रियों राश्पति हो मुख्यायोक्श कोई भी हो एक व्यक्ति नहीं हुआ हो इसका नियंतरण
17:54लोकल एरिया के EROs करते हैं जो की डॉर्बरी SDNs होते हैं जब यह आपके खुद ने इस्तमाल किया शब्द
18:02और अरोब लगाया है नाम के साथ तो उसके बात कहा है जवाब इसका अब यह अलग बात है कि
18:09अंत में तंगा के चुप हो गए हर व्यक्ति स्थानांतरन करना अपन
18:23हमारे साथ जुड़ने के लिए अभिशेक मनु सिंग्वी जी और तमाम सवालों के जवाब देने के लिए पिर से तमाम
18:27महमान जो हमारे साथ इस बहस के लिए जुड़ गये उन सभी को दिखा दीजे गौरव भाटिया जुड़े हैं कि
18:31हमारे साथ तो भारते जनता पार्ट
18:53चौदह आपत्यां दस महीने के अंदर जो उन्होंने की थी तरीकों पर फॉर्म सिक्स को लेकर हो या अन्यापत्यां वो
19:02सामने आई हैं आपको नहीं लगता है कि ये एक संकट की स्थिती पैदा करता है जिसमें केंद्रिक करण यानि
19:09सेंट्रिलाइजेशन ओफ आल पावर्
19:43रोप लगता है
19:44पहले एक बाद जरूर बड़ी दिब्यदारी से कहूंगा निर्वाचन आयो के प्रवक्ता हम नहीं हैं दूसरा जो एलेक्शन कमिशनर्स हैं
19:52उनके हवाले से कोई जानकारी ऑथेंटिक बहार नहीं आई है तीसरा ये एक अखबार का एक प्रस्तोती करण है जिस
20:02पे हम चर्
20:15इंदिए एक से कांटर क्वेस्चन है इस प्रेस नोड में एक से कंगेए इस से करेन के नहीं किया है
20:21उन्टोंने कि मतभेध हुए तो यह तो अपने आप में इस पूरे रिपोर्ट को सही ठेराता है जोब प्रेस नोड
20:29चिनाव का योग हम ने जारी किया है वो ऑन इंडियन
20:33एक्स्प्रेस की रिपोर्ट को सही ठहराता है वो डिनाई तो करी ने रहे है
20:40ठीक है अब मैं उतर दे दू क्रमवार तरीके से दूगा थोड़ा सा आप बस सयम रखेगा मैं जरूर आपकी
20:47बात का भी उतर दूगा
20:48सबसे पहले क्या ये अलोकतांत्रिक है कि अगर तीन चीफ एलेक्शन कमिश्टर एक है और दो एलेक्शन कमिश्टर है आपसी
20:57बाचीत करें समवाद करें और समवाद करने के बाद किसी निशकर्श पे आए तो मैं समझता हूँ ये तो पारदर्शी
21:07भी है और लोकतांत्रिक भ
21:18इलेक्शन कमिशन ओफ इंडिया के युनानिमिस हैं सर्व सम्मती से लिए गए हैं तीसरा बहुत महतपूर्ण बात उसी प्रेस नोट
21:29में ये भी लिखी है जो डिफरेंस ओव ऑपिनियन है या किसी ने कोई टिपड़ी करी है ये एक स्वस्त
21:37परंपरा है और ये नॉर्मल पा
21:42बाता है तो मैं समझता हूँ ये भी गलत नहीं है लेकिन अभी सवाल ये जरूर पूचा जाएगा और ये
21:48बात कॉंग्रेस के प्रवक्ता को भी बतानी चाहिए डॉक्टर अभिशेक मनू सिंग्वी जी तो बोल के चले गए ये बताईए
21:55जो एलेक्शन कमिशन ओफ इंडि
22:12लेकिन मोदी जी जब प्रदानमंत्री नहीं थे कॉंग्रेस की सरकार्ती उस समय चीफ एलेक्शन कमिशनर कमिशनर और एलेक्शन कमिशनर जो
22:21है वो कैसे बनाए जाते थे
22:22मेरे हाथ में आप ही के चैनल इंडिया टुडे की एक न्यूज रिपोर्ट है जिसमें लिखा है सोनिया गांधी एपॉइंट
22:30नवीन चावला एस दी एलेक्शन कमिशनर तीस मार्ट दोजार बारा अब मैं पूछना चाहता हूं सोनिया गांधी तो प्रदानमंत्री थी
22:38नह
22:50थोड़ा मुद्दे पर आते हैं आज का जो विशय है उस पर आते हैं ये सब हमने दिखा भी दिया
22:56मिस्टर पात्रा का पीसी और उस पर सवाल भी कर लिया मुझे आप ये बताएं कि ये जो चार आपतियां
23:01है इन आयुक्तों की चुनाव आयुक्तों की सबसे पहला दिखा�
23:07वोटर डेटाबेस का ओडिट हो सिर्फ अथॉरिटीज के अलावा कोई और बदलाव ना कर सके इस पर क्या स्पेसिफिक जवाब
23:16है प्रेस नोट में दूसरा अगस्ट दो हजार चबबिस को अगस्ट दो हजार चबबिस को अगला दिखाईए जिसमें पिश्रावाला वि�
23:34एकसेस रोकने का अधिकार नहीं है इस पर क्या स्पेसिफिक जवाब है तीसरा पिछले एसायार में पेरेंस ग्रैंट पेरेंस के
23:42एंट्री पूछने का बदलाव कैसे हुआ फॉर्म सिक्स में बदलाव कानून बदले बिना संभब नहीं है ये सबसे बड़ा है
23:50और इसके ब
24:03बिलकुर देखिए अंजरा जी आपका बड़े स्पेसिफिक सवालों के स्पेसिफिक जवाब मैं देता हूँ लेकिन उससे पहले मैं ये कहूंगा
24:12कि आज संदु जी अच्छे हो गए आज जोशी जी अच्छे हो गए लेकिन इसी एलेक्शन कमिशन ओव इंडिया पे
24:32राह�
24:33जिनके ऊपर राहूल गांदी स्वयम आरोब लगा रहे थे लेकिन अब आपने पूछा पहला सवाल फॉर्म सिक्स था तो मैं
24:40आपको बता दू कि अगर रेप्रेजेंटेशन और पीपल आर्ट अगर आप पढ़ें तो उसमें प्रावधान है कि उसको बदला जा
24:48सकता है और
24:49संवधानिक संस्ता है एलेक्शन कमिशन और इंडिया जब फॉर्म सिक्स बदला गया अंजना जी याद करिये ये मामला सर्वोट टैले
24:57में लंबित था सर्वोट टैले में सुनवाई हो रही थी सर्वोट टैले ने संग्याल या फॉर्म सिक बदला गया है
25:04उसके बावजू
25:19का बदलाव जो हुआ है वो कानूनी प्रक्रिया का पालन करके नहीं हुआ है, ये बात क्या election commissioners ने
25:26कही पे
25:27लिखित में दी है, क्या ये बात सरवोट त्याले के समक्ष रखी है कि हम लोग सहमत नहीं थे, किसी
25:35भी
25:35body का मैं सरवोत त्याले की भी बात करता हूँ और वो सीसी और
25:39election commissioners पे भी लागू होता है मालीजे तीन जज़िस की
25:43खंड़ पीट है या election commission तीन election commissioners हैं अगर
25:47उसमें एक सहमत नहीं भी है जो decision लिया जाएगा वो
25:52पूरे election commission of India का होगा पूरे खंड़ पीट का होगा और
25:56इसी लिए सर्व समती से एक साल में सारे निर्ने लिए गए हैं जिस
26:01पे अभी तक कोई आपती दोनों election commissioner जिनके हवाले से
26:05ये प्रेस्टोर्ट चल रहा है नहीं दी गई दूसरी बात आपने जो कही
26:09जो इरो नेट है तो मैं आपको बता दू इरो नेट का जो ये
26:14access है ये data को protect करने के लिए इसके मापदंड है इसके
26:19rules है और जिसके पास जिस level का access होना चाहिए वो access उस
26:25व्यक्ति के पास था इस पे भी कोई नहीं कह सकता है कि कि किसी
26:29और व्यक्ति को जिसको authorization ना हो उसको full access दे दीजे क्योंकि
26:35data की sensitivity भी होती है और इसके साथ वो hack भी हो सकता है इस
26:40लिए यहां लिखा भी हुआ है जो आपने press note कहा है कि जो मापदंड है उनका
26:46पालन करते हुए data को protect करते हुए ये access दिया जा चेक है चलिए अब
26:51लोग जी आपके पास आते हैं इसको what about री कहिए कुछ भी कहिए लेकिन ये बात सच्चाई है यह
26:57मैंने उन
26:57से भी पूछाता और उन्होंने स्विकारा भी अभिशेक जीने कि भई चुनाव आयुक्तों को तोफे में बड़े-बड़े
27:03पद देने का हमारे हावी उदारण रहा है यूपीए में और दूसरा जो एक आर्ग्यूमेंट है दूसरी तरफ से वो
27:10यह है कि कितने चुनाव हुए हैं ग्यानेश कुमार के
27:14सीसी बनने के बाद बिहार पश्चिम बंगार तमिलनाडू केरल असम और पुड्डुचेरी तो उसके पहले के सारे चुनाव तो माइनस
27:24ग्यानेश कुमार कराए जा रहे थे तब भी आप लोग उतने ही सवाल खड़े कर रहे थे चुनावायों की भूमेका
27:30पर अलोग जी
27:45उनके ऊपर वी तमाम आरोप लगे आप जहां पे हैं आलोग जी लगता ना सिगनल थोड़े गड़बढ़ हैं ठीक है
28:03बोले बोले फोनों का आउडियो ले ले ले जाए बोले बोले बोले आलोग चंडिगर मॉडल कोई ने बूजा है चंडिगर
28:11मॉडल में क्या हुआ हु�
28:14अलोग जी मुझे फिर से आपको कनेक करना पड़ेगा आपका आवाज बार बार कट रहा है मुझे आम सॉरी जल्दी
28:21से अपनी बात की जल्दी से उनका फोन फिर से कनेक कीजिए अशुतोष जी आपका रियाक्शन अब इसकी वजह से
28:29सारे चुनाव ही रद्द कर दिये जा
28:33अब देखें अजिना जी सवाल बहुत बड़ा है एलेक्शन कमिशन में जो कॉंट्रोवर्सी हुई है उसके सवाल का जवाब देना
28:41एलेक्शन कमिशन जो दे उत्व है समाजवादी पार्टी एक बात बहुत अच्छी तरीके से जानती है कि जिस प्रतार से
28:47हम SIR के प्रक्�
29:00बैदे नाम हटाने चाहिए यह बिल्कुल हटाने चाहिए लेकिन किसी जन्यून वोटर का नाम हटाना केवल प्रक्रिया कि में कमी
29:08बता देना आर्भिटरी एक नोटीस दे देना या टेक्निकल डिस्टूवाद्सी करा कि देना यह कहां तक सही है और एलेक्शन
29:17कमिशन ऑफ
29:30आपने गलत पाए जाने पर रिस्टोर किये गए हैं कोई डाटा नहीं है जिन वोटर्स को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के नाम
29:37पर नोटिस मिला है उनके इस्पष्ट कारल क्यों नहीं आज सक बताए गए और क्या जो डिलीशन के प्रतेग जनून
29:45वोटर को मेनिंग फिल हेरि
29:46कि कभी option दिये गया है क्या election commission of India वोटर डिलीशन का बूत वाइस
30:16है तो इसी office में मैं आपको बताते हूं उनका हो गया है बेटे का नहीं आ रहा है ना
30:21बच्चों का या बच्चों एक केस है जिसमें पिता का हो गया है
30:26और हमारे हां काम करने वाले के employee को मुश्किल आ रही है कि भाई आपका नहीं है एक ही
30:32परिवार के लोगों में क्या problem और पूरे में ने पश्चम बंगार में ट्रावल किया बिहार में ट्रावल किया चुनाओं
30:37में सारी शिकायते यही थी एक ही परिवार में दोका हो रहा है
30:41मजाद थोड़ी चल रहा है
31:10रहे आ सहमेति लोकतंत्र का बड़ा चाह दार है और कहरे कि साथ 14 बार है दस महिने में बहुत
31:15कम है
31:15140 बार होना चाहिए
31:17और सहमती कब से इस लोकतंत्र को खोकला करने लग गया
31:21इराहुल गांधी जी का दफ्तर है
31:23इर बीर फत्ते चल रहा है
31:24इर ने का एक लखड़ी काटो बीर ने का चलो हम भी लखड़ी काटे
31:27और फत्ते बोला चलो हम भी लखड़ी काटे
31:29ये राहुल गांदी जी का इर वीर भत्ते नहीं है
31:31असो गहलत होंगे की खड़गे होंगे
31:33जिसको चाहे बना दिये
31:34चावला जी होंगे की कावला जी होंगे
31:36जिसको चाहे 89 तक बनाते रहे हैं
31:39तीन election commission नहीं था पहले
31:41एक होता था
31:42सवाल है कि अगर election commission के अंदर में कोई गलती है
31:47चले जाए सुप्रीम कोट
31:48मैं उसको defend करने या नहीं बैठाओ
31:50एह समती सहमती लोकतंतर में होगा
31:53अधिकारियों ने कहा है कि form 6 नहीं बदल सकते
31:56ये form 6 को जानना जरूरी है कि क्या चुना आयोग
31:59धारा 324 जो सम्विधान के अनुच्छेद है
32:02उसकी अंतरगत election commission act 1991 के section 9 से 11 तक कितना powerful है
32:09ये सुप्रीम कोट बताएगा मैं तो नहीं बता सकता
32:11अब शेक मनू सिंग भी कहके चले गए विहार में what are what are you
32:15क्या मुझे तंगरी जी का ये word आस तक समझ में या बक्ठोतरी ना करे
32:18लोकतंतर में कोई अक्सवोर्ड dictionary को ये शामिल कर लेना चाहिए
32:22विहार का एक बहुत अच्छा word है
32:24अपने सारे चुना आयोग को जेब में लेकर घूमती रही कॉंग्रेस
32:27उसमें अशयमती समझी दिखाई नहीं जी कभी
32:30मैं मानता हूँ कि अगर चुना आयोग के किसी दो चुना आयोग्त ने
32:33अशयमती दर्ज कराई है लोकतंतर मजबूत होता है
32:37लेकिन क्या उन तीरो चुना आयोग्तों के फैसले से
32:41जितने चुनाव हुए उसको आप कहेंगे की चलो हटा दो
32:44और सहमेती तो होगा, डिस्कोर्स होगा, डिस्कसन होगा
32:47ऐसे थोड़ी की सुबह उठे ग्याने जी
32:49हाँ जी संदू जी ऐसा कर दो
32:51हाँ जी जोसी जी ऐसा कर दो
32:52राहुल जी का दफ्तर चल रहा है, सुनिया जी का
32:54हाँ जी खड़गे जी ऐसा कर दो
32:56चुनाव आयोग है संविधान की धारा
32:58324 के अंदर
33:00उसको जो अधिकार मिला है
33:02संविधान सम्मत होगा, किसी को
33:04दिक्कत है, सुप्रीम कोट जाने
33:06और जो कारवाई करना है करें
33:08इसमें क्या दिक्कत है, लेकिन आपने
33:10जो हरकत किया है इस देश के
33:11चम्मेदानिक सक्तियों के प्रती
33:13शुरू से लेकर आखिर तक, आजादी के
33:16पुनी सो पच्चास से लेकर
33:17नवासी तक, क्या क्या किया
33:19आधी आधी रात में गवर्नर उठा के फेके हैं आपने
33:22आधी आधी रात में CBI को घेर लिया
33:24आधी आधी रात में जिस इंडियान एक्स्प्रेस ने
33:26ये खबर चापी है ना
33:28रामनाद गोइनका को आधी रात में घेर लिया
33:30CBI ने, कौन था प्रधान मंतरी
33:32आदरनी श्रीर राजीव गंधी
33:34खोलूंगा चिठ्थे न तो दिखेंगे नी कोग्रेस पार्टी इस देश में
33:38मीडिया पर हमला, सम्मिधानिक संस्ताओं पर हमला
33:40आपका इतियास राज, बक्तोथरी बंद करिये
33:43मैं अभिशेक मनु सिंग्वी जी के
33:46पॉर्म 6 का जवाब सिर्फ इतना दूँगा
33:48कि रजिस्ट्रेशन ओफ एलक्टोरल रूल्स 1960
33:51उसके अंदर एलेक्शन कमिशन को
33:54धारा तीन सो अनुछे तीन सो चौबिस सम्मिधान की शक्ती
33:57और एलेक्शन कमिशन एक 1991 के अंदर
34:00कौन पावरफुल है
34:02कि उसके दोश सब्द को बदल सकता है
34:05या नहीं बदल सकता है
34:07करा लिजिए सम्मिधान को उपिनियन ले लिजिए
34:09इसमें धिकत क्या भाई
34:10एक मिलड़ जल्दी पूरा
34:12अरे आप बताईए कि आपने परिवार में कोई था क्या
34:15ऐसा यहर मैं
34:15पूछ लिया नहीं बताने हैं
34:18मत बताईए कुछ नहीं बदलाए
34:19अख़बार उठ गया
34:21बड़ी ऐसे चाप करके चल दिया
34:23हमारा बहस में कूथ पड़े
34:24अरे पर आयो की ओसमेतिया
34:28दस में अगर दस मेने में
34:2914 बार है मैं मानतां कम है
34:31140 बार होनी चाहिए
34:33और सहमेति हर देका दिखाईए
34:35एक फैसले पर पहुचिए
34:37चुना आलोग फैसले पर पहुचा है
34:40अलोग जी
34:41अंजयना जी कहा वा जना
34:43चोर की लाड़ी में तिनका
34:46हमें बता था बीजेपी प्रेसोंट में से
34:49लेक्शन कमिशन बजाओं में
34:51पीजेपी और अंदभग मैदान
34:53अर्वे वह पीशा पीशा पहले चाहओं को उसका बहुचन होई
34:57आप जो हुआ है उसकी उपर डिक्रेशन होना
35:01पीजेपी के तमाम लोगों को तरह से ज्यान है
35:04जो अंधू जी और विवेट जोशी जी लिख नोटे
35:10वो अपकानी है जो खस्तगरा दुरुभागी है
35:14कि सरकाहें बनी हम कई बर्षों से विद्प्रूव सारे के सारे
35:21अंदर से लाका रखते हुए चले आए
35:23अम आनिल मजी तो भूल गया होंगे चंडीगर वाला जो मैटर था
35:28चंडीगर में क्या हुआ था इस तरह से सुप्रिम पोस्ट में जाकर भी प्रूव हुआ
35:32और उसके बावजूद अभी बखी के ऊपर कोई एक्षेन इलेक्शन समिस्टन ओक इंडिया ने नहीं लिया
35:37अन्हीं अंजना जी आपने सवाल पूछा था कि जाने इस पहले भी लीज़ेटी जीत भी रही जाने से पहले भी
35:44इनके बड़े भाई राजीव कुमार से वह भी इस तरह से शेर उ चायरी करते थे एक सवाल का जवाब
35:49नहीं देते थे
35:49और उनको बचाने के लिए सबसे पहले सीधी बात थी, कि पहले उनको पहले चैन परकिरिया में बहुत बढ़िया तरीके
35:57से Chief Justice of India को बाहर किया, फिर उनको political और हर तरह से criminal immunity जी, क्या आपके
36:05उपर कोई case नी चलेगा, चोरी करो, जड़ले से करो, भाजपा के बैठे लोग हैं,
36:10चंके की छोट पर कोई करो, आज जो प्रेस नोट आया है, क्या election commission of India, ये कहेगा क्या
36:17हमने चोरी की है, क्या कभी election commission of India कहेगा हो, तो सफाई देगा ही न, इसमें कौन सी
36:23नहीं बास है, क्या audit हुआ के नहीं, क्या aaronet के ऊपर DDIT का problem था के नहीं, क्या specific
36:30answer मिला, form 6 unauthorized और illegal है, �
36:35ये किसी भार की रख्टी में, कॉंग्रेसी में नहीं लिखा है, पेरेंट की बारे में, क्या हमने लिखा है, नहीं,
36:42और appeal on behalf of election commission of India, 16,00,00 अपील, election commission of India ने की, बेंगौल
36:49में वोट काटने के लिए, वो किस ने authorized किया था, क्या ग्यानिज कुमार जी ने authorized किया था, दुरभा�
37:05अब ब्राजील मॉडल देखा, चंडीगड मॉडल देखा, वोट चोड़ी एक क्राइम है, देश द्रोह है, और देश द्रोह से बचाने
37:13का काम भाजपा की सरकार में किया, ओपी रावच भी पहले आए, अचोक लवासा जी आए सामने, आज संदू जी
37:20आए, और उसके बा�
37:31आटी बड़ी नाराज थी, तो जो जो डिसेंट कर दे या सरकार के खिलाब बोल दे या सरकार के खिलाब
37:37बात आजाए, वो सब आपके लिए अचानक से मांदार हो जाते हैं, है कि नहीं, आपने बहुत अच्छा सवाल लिया,
37:42किसी के अपॉइंट्मेंट में अगर कोई जल
38:01करतार उनको फेवर कर रही थी, अगर कर रही थी, लेकिन जब वो लोग बने उनको भी नहीं पता था
38:09कि इसनी बड़ी धांदली अंदर हो रही है, तक महिने में अगर 14 बार इस चीफ इलेक्शन कमिशनर के विदाब
38:15उने लिपकी गई, तो इसी मित रहे है, और तो नवस ब
38:40करनाटे का मॉडल हो, चाहे वो ब्राजील मॉडल हो, चाहे वो चंडीगर मॉडल हो, हर तहे से हर राजी में
38:48अलग-अलग
38:48मॉडल सोपरंडी अपनाई जाती है, वोट चोनी करके सरकार दनाई जाती है, और जब कुछ भी नहीं होता, तो इविएम
38:54से धानली की जाती है, काउंटिन में धानली की जाती है, और अगर वो भी ना हो, तो कि विदायक
38:59चुरा लिए जाते हैं, यह आज अंतिस तन है कि ल
39:15प्रेक्शन कमिशन का जो भी डाटा है, उसकी जात हो, उसका वारंटी कॉडिक हो, और साथ के साथ यह भी
39:20हो, कि जो जो नेने इन लोगों लिए हैं, उसके किस करह से जो ओपिस नोट है, फाइल नोटिंग से,
39:27अगर इस सरकार के अंदर फोड़नी की नहीं सिखता है, तो उ
39:44जीट करनेंगे, इस इस इस नोट होंगे, नहीं, वोटर आइडी वाला वोटर कार नीचेंगे हैं, यह पूरी तरह से बीजेपी
39:51का पिठ्ठू इलेक्शन का मिशन समगयाता, ठेक है, अब आलोग जी जवाब सुने, ठेक है, चोटा सा रिपाटल फिरमें गौर्व
39:57जी के �
39:58चुना आयोग सम्विधान के मताबिक एक और्टोनमस स्वाइद संस्था है, जब उसकी दियुक्ती हो जाती है मुख चुनायक, तो सम्विधान
40:05के अनुसार काम करता रहोगा, आजादी से लेकर अब तक, तो कॉंग्रेस पार्टी इस देश में जब जब सत्ता में
40:10रही है,
40:11एक चुम और चां कभी एलेक्शन कमिशन के खिलाफ कुछ बोला नहीं, उसको बना लिया, कभी राजसवा सदसे और कभी
40:19मंतरी, कभी चुनाओ का टिकट बाट दिया, इसका क्या मतलब है, कि क्या उस समय जब कॉंग्रेस सरकार में होती
40:25है, तो चुना आयोग सारी की सारी ब
40:41आते हैं, एक सरकार अगर आपकी मिल गई, कि आपके चुना आयोग आपके इशारे पे काम कर रही थी, उस
40:47पार्टी को बेहन कर देना चाहिए भारत में, जो पार्टी चुना आयोग का वेजा इस्तमाल शरकार में शामिल लगकर करती
40:55रही, मैं आपकी चुनाओकी के लिए �
40:57तयार हूं, मिस्टर आलोग शर्मा, कॉंग्रेस के राहुल गांदी से पूछ कराइए, यूपिये की सरकार की भी जाच होगी, दस
41:03साल रही है सरकार, क्या कर रहा था वो, क्या नाम था है, मैस गिल साहब, और उसके पहले टी
41:10एन सेसन चचा जो आपके थे, जो आडर पर रा
41:25सी धान्दलियां की, उसकी जाच हो, और जाच में दूद का दूद, पानी का पानी हो, मैं चुना आयो का
41:32प्रवक्ता तो नहीं हूँ, लेकिन मैं समविधान का प्रवक्ता हूँ, अगर सम्विधानिक शक्तियों पर आपने हमला हमेशा किया है, आपकी
41:40सरकारे चुझानिक �
41:49यहां प्रिखता नहीं है आप लोगों को बारे साल से आप लोगों को बारे लाना पड़ता है लेकिन वोड का
41:54सुनते इसकामाने बताए नहीं कि सरकार है प्रधान मंत्री नहीं थे नरेंद्र भाई मोदी
42:08जब वहाँ पर चुनाव हो रहा था गुजरात में
42:11जेम लिंग दो चुनाव आयोग थे
42:13सुप्रीम कोट ने तै किया सिर्फ एक मसला था
42:16कि छे महिना कब जब सरकार ने इस्तिफा दे दिया
42:19तब से छे महिना या विधान सबा जब पूरी होगी
42:22उससे छे मेने कंदर गुजरात में चुनाव कराया जा
42:26जेम लिंग दो तै नहीं कर पाए देव तो दे गए थे
42:29सुप्रीम कोट तै नहीं कर पाया
42:31देश के तमाम वकीनों को नोटी सारी ही सब जाके तै हुआ
42:35पर कोई हमला करेगा हम जब आप देंगे हम चुनाव के प्रवक्ता नहीं है
42:41आपके मेरा कान ठट जाएगा इतना जोर से आप बोलिएगा तो आइक से तो कर्मनों डवाज जाज करिए त्यार हो
42:46जाया लोगी
42:47ठीक है गौरव जी एक सिंपल सी वात है कि 26 पे रहते हैं सबसे पहले तो इस पर हम
42:53लोग अग्री करें
42:53दूसरा मेरे प्रशन का हिस्सा है कि चुनाव आयोग को लेकर वोट चोरी का मुद्दा विपक्ष लगातार उठा रहा है
43:01वोटर के मन में अलग-अलग तरह के सवाल उठ रहे हैं हम लोग भी फील में जाते हैं
43:05लोग पूछते हैं कि क्या हो रहा है चुनाव आयोग क्या कर रहा है नहीं कर रहा है
43:30मार को लेकर जो विपक्ष के आरोप थे उसमें दम है वो यही आरोप लगा रहा है न कि भई
43:35ये केंद्रिक करण हो गया था एक आदमी
43:38सिंगल हैंड़ली युनानिमस का मतलब है एक आदमी और उसी की चलती थी मतलब उसका वचन ही है शासन ये
43:45खेल चल रहा था
43:50अन्जिना जी देखिए मैं समझता हूँ जंता सब समझती है मीडिया भी जानती है और हम भी जानते हैं हमारी
43:56आस्था तो निर्वाचा नायोग में
43:58वो 56 साल के अपरिपक बालक ही होंगे जो मूर्खो वाली बात करें टी एन सेशन का जज्विंट है आप
44:06पढ़ लीजेगा अगर तीन एलेक्शन कमिशनर्स हैं तो जो मेजॉरिटी में होंगे उनका जो निर्णे होगा वो आगे बढ़ेगा
44:15यहाँ पर प्रेस्टोड कहता है एक साल में सारे निर्णे सरसमती से हैं एक की डिसेंट की भी बात नहीं
44:22है तो कौन होता है यह कहने वाला कि दो ने जो यह सहमती नहीं दिये
44:26मैं समझता हूँ यह अपने आपने गलते दूसरा वोट चोरी कहा गया अब कॉंग्रिस से भी कुछ सवाल पूछ ले
44:32मैंने पहला सवाल पूछा था कि नरेन मोदी जी के समय में एलेक्शन कमिश्टर्स की न्यूक्ती कोलिजियम बे हो रही
44:39है सोनिया गांदी कैसे न्यूक्
44:43दूसरा वोट चोरी की बात करिए देकि एक तस्रीर है इंटरेनेट पे दिखाई देती है अलाबाद उच न्याले में वोट
44:50चोरी का इल्जाम लगा था पूर प्रदान मंतरी इंद्रा गांदी पर इंद्रा गांदी अपना मूँ छुपा कर जा रही हैं
44:57और उनकी सदस्ता
44:58छली गई थी सज्वनेशन इव इंडिया के खिलाब बाहा आगळी अछर फोट जाव New York निर्वा निंडिया के खिलाब महा
45:15दिओकल्ड़ इंद्र हमारे उसे चान फार पर ठीक है लोग जिए चोटातर जवाब
45:23मुझे ले ले दीजे गारब जी चाल नहीं है अगर आपको लगता है कि जाच होनी चाहिए पिछने 50 साल
45:46की जाच ठीक है यहाँ पर इस बहस को आज छोड़ते हैं दोनों तरफ से जो चुनौतिया सामने रखी गई
45:50है वो आप देखी रहे हैं इस खबर पर हमारी नजर लगात
45:52कार बनी रहेगे

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