00:00चुनावायोग में आखिर ऐसा क्या हो गया कि दू चुनावायोगों ने करीब 10 महीने के भीतर 14 बार आपतियां दर्स
00:06करवाई
00:06आमले यहां पर सिर्फ एक फैसले का बिल्कुल नहीं है या किसी एक वोटर लिस्ट तक सीमित भी नहीं था
00:12सवाल नए वोटरों के रेजिस्ट्रेशन से लेकर फार्म 6 में बदला वोटर डेटा की सौफ्ट विर तक पहुँच
00:17अधिकारियों के अधिकार और यहां तक की आयोग के नाम से जारी होने वाले पत्रों और संदेशों की प्रक्या तक
00:23गुठते नजर आए
00:24थास बात यह है कि आपत्यां चुनावायोक के ही दो सदस्यों चुनावायोक त सुखबीर जिंसंदू और विविग जूशी की और
00:31से दर्स करवाई गई
00:32अब आपको समझाते हैं कि आखर यह 14 आपत्यां क्या है इनके पीछे सवाल क्या था जो कि इस वक्त
00:38सब के मन में कौन रहा है एक ऐसा सवाल कि वो कौन सी 14 आपत्या थी जिन बोले कर
00:45इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपूर्ट में दावा किया और चुनावायोक के भीत
00:49पर मतभीत पैदा हुआ है चलिए बात करते हैं उन 14 आपत्यों पर
01:0328 अक्टूबर 2025 आयोक की मंजूरी के बिना पत्र आदेश चारी किये जाने पर संधु ने आपत्ती यहां पर दर्स
01:10की थी
01:1016 अप्रिल 2026 नए IT मॉट जूल और पोर्टल विक्सत की जाने की चानकारी आयोक के सामने उचित तरीके से
01:17ना आने पर यहां आपत्ती दर्स की गई
01:1916 अप्रिल आयोक की मंजूरी के बिना उसके नाम से संधीश, कॉमिनुकीशन जारी होने पर संधु ने यहां पर भी
01:25आपत्ती दर्स की
01:2616 अप्रिल आयोक की बैठकों के मिनट्स के बाद में जारी होने और अगली बैठक का एजंडा पहले से उपलब्ध
01:33ना करवाने पर विवेक जूशी ने आपत्ती दर्स की
01:3616 अप्रिल को ही अधिकारियों की विदिश तोरे आयोकी मंजूरी के बिना किये जाने की प्रक्रिया पर जोशी ने आपत्ती
01:42व्यक्त की
01:4316 अप्रिल में ही एक और बार आपत्ती दर्स की गई चुनावी मामलों से जुड़े एक अन्य अपने शर्षने एक
01:49प्रक्रियात्मक फैसले पर यहां आपत्ती व्यक्त की गई
01:5116 माई 2026 फॉर्म 6 में नई मतदाताओं की लगे किये गए बदलाव पर आपत्ती दर्स की गई
01:5719 माई फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर फिर से आपत्ती दर्स की गई कानूने प्रक्रिया पर यहां सवाल उठाए
02:04गई
02:04जुलाई 2026 वोटर डेटाबेस, ECI, NET के केंद्री करण और काम के बटपारी से जुड़ी प्रक्रिया पर यहां पर सवाल
02:11उठाए गए
02:1229 चुलाई संधु ने काम के बंटन से जुड़े मुद्दे पर आपत्ती व्यक्त की और संबंदेत अधिकारियों पर कारवाई की
02:20मांग की
02:2130 चुलाई जोशी और संधु ने काम के बंटन से जुड़ा एक आदेश रद्द किया
02:2612 अगस परश्य मंगाल के ट्रिब्यूनल के सामने ECI के आउट से अपील के अनुमती किस ने दी इस पर
02:32संधु ने अपनी आपत्ती व्यक्त की
02:4213 अगस फिल्ड अधिकारियों को ECI NET सस्टम जो है वहां तक पहुशना मिलने पर संधु ने आपत्ती व्यक्त की
02:49सवाल की था कि DGIT को इसे प्रतिबंधित करने का अधिकार कैसे मिल गया
02:54तो ये थी वो 14 आपत्तिया जिनको लेकर अभी चुनावायोग अपनी ही मतभेत सुलजाने की कोशिश कर रहा है सफाई
03:01दे रहा है और Indian Express की रिपूर्ट ने चौतर रफा कहरा मचा रखा है कि अकर चुनावायोग के भीधर
03:08ही कुछ तो गरवड चल रही है सब कुछ ठीक न
03:24परशी चुनाव करवाना आयोग में एक मोख्य चुनाव आयोग होते हैं CEC यानि की इसवक्त जो है ग्यानेश कुमार और
03:31दो चुनाव आयोग यानि EC Election Commissioners नेम के मताविक चुनाव आयोग में जुड़ा कोई भी नीतिकत या बड़ा प्रशाशनिक
03:38फैसला आयोग की तीनों
03:40सदस्यों की सहमती या बहुमत से लिया जाना चाहिए आपको बता दे कि अब जो दो EC हैं उनमें विवेग
03:45जूशी हैं और सुपीर सिंख संधू का नाम शामिल है लेकिन हाल के महीनों में ही आयोग की भीतर जिस
03:51तरह से चौधे बार जो कि हमने आपको चौधे आपत्या बत
04:07हैं और समविधानिक प्रक्रियों का पालन समविधानिक प्रक्रियाओं का पालन पूब रहा है या नहीं क्या सच्मुछ ज्यानिश कुमार यानी
04:15CEC चीफ लेक्शन कमिशनर किसी तरह की मनमानी कर रहे हैं अब इस मुद्य को समझने के लिए आपको चार
04:22बिंदूं में बता
04:24पूरा विवाद पहला बिना आयोक की मंजूरी के फैसले और संदेश चारी होना किसी भी लोगतांत्रिक संस्था में सामोही की
04:31जम्मेदारी सबसे अहम होती चुनाव आयोक्त सुखबेर सिंग संधू और विवेक जोशी की सबसे पहली और बड़ी आपती ये थी
04:37कि आयोक के �
04:38नाम पर ऐसे कई पत्र और आदिश चारी कर दिये गए जिन्हें आयोक के दूनु चुनाव आयोक्तों के सामने रखा
04:44ही नहीं किया रिखार नहीं गया यानि कि मनमर्जी वाली बात यहां पर नजर आ रही है
04:4828 अक्टूबर 2025 और 16 अप्रिल 2026 को संदू ने इस फ़श्ट रूप से दर्ज कराया कि चुनाव आयोक के
04:56आधिकारिक नाम का इस्तिमाल करके फैसले सुनाय जा रहे हैं जबकि इसके लिए आयोक की आपचारिक मन्जूरी ली ही नहीं
05:02गई
05:02इससे ये अंदेशा साफ होता है और ये अंदेशा लगाया भी गया कि आयोक के बीतर प्रिशाश में तंत्र या
05:08वरश नौकर शाही बिना चुनाव आयोकतों को लूप में लिए स्वतंत्र रूप से फैसल लेती है
05:13दूसरे नमबर पर अगर आपको बताएं तो फॉर्म सिक्स में बदलाव और कानूनी प्रक्रिया का उलंगन यहां पर महत वपूम
05:19रहा
05:19नेपाल या भारत में नई वोटर्स का नाम मद्दाता सूची में दर्ज करवाने के लिए फॉर्म सिक्स का उप्योग होता
05:24है
05:2416 माई 2026, 19 माई 2026 और 13 अगस 2026 को सुपविर सिंग संदू ने इस फॉर्म में किये गए
05:31बदलाव दूपर जितने भी इसमें कुछ चिंजस किये गए थे बेहत कड़ा रुख अपनाया था
05:37संदू ने 13 अगस को उस फॉर्म सिक्स में किया गया बदलाव अनधिकरेत और गया कानूनी है
05:43सवाल यहां से उठा कि देश के करोडो नागरिकों से जुड़े मतदाता पंजी करन फॉर्म में बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाये
05:50और बिना चुनाव आयक्तों की मन्सूरी के बदलाव आखिर कैसे कर दिये गए इसकी अनुमती कौन दे रहा है जहां
05:57पर तीन इसी हैं उ
06:12बेहत गंभीर माना गया नंबर तीसरे पर अगर महदवपूर बिन्दू की रूप में देखें तो IT सिस्टम, वोटर डेटा और
06:18ECI NET टक पहुच में पाबंदी एक बड़ी वजायबनी है इस पूरे विवाद की आज के डिजिटल दौर में चुनाव
06:24आयोक का पूरा वोट
06:38इसके बाद जुलाई 2026 और 24 अगस 2026 को मामला तब और गहरा गया जब ये बाद सामने आए कि
06:44जमीन इस्तर पर काम करने वाले फील्ड अधिकारियों की ECI NET सिस्टम तक की पहुच सीमित कर दी गई
06:50संधु ने सवाल उठाया कि DGIT यानि की IT महानी दिशक के पास ऐसा कौन सा अधिकार है कि वे
06:56फील्ड अधिकारियों की पहुच को रूप पाएं
06:58वोटर डेटाबेस की कींद्री करन सी डेटा की सुरक्षा, पारदाशिता और दुरुपियों की आशंकाओं पर भी गम की सवाल खड़े
07:04किये गए
07:05नमबर चार पर है आंत्रिक बैठकों, विदेशी दौरों और काम के आवटक का पूरा विबाद
07:09चुनाव आयोकी बैठकों और कामकाज के तरीकों को लेकर विब्यक जूशी ने 16 अवरिन 2026 को कई प्रक्रियात्मिक सवाल उठाए
07:16उन्होंने यहां पर कहा कि आयोकी बैठकों का एजंडा सदस्यों को पहले से नहीं दिया जाता और बैठकों के मिनट्स
07:22यानि की कारेवरित काफी समय बाद जारी किये जाते हैं
07:25इससे यह स्कुश नहीं हो पाता कि बैठकों में वास्ताव में हुआ क्या था तैह क्या हुआ
07:30अब इसके अधिरिक अधिकारियों के विदेशी दौर को आयोकी बिना मंजूरी के हरी जंडी देने पर सवाल उठे
07:35जुलाई में जब काम का आवंटन एलोकीशन और वर्क बदला गया तो 29 जुलाई को संधू ने सीधे कैबिनेट सचीफ
07:41को पत्र लिखा
07:42पत्र लिखकर संबंदित अधिकारी पर कारवाई की मांगी और अगले ही दिन यानि की ती चुलाई को जूशी और संधू
07:47ने मिलकर काम के आवंटन वाले उस विवादस्पद आदिश को रद्द कर लिया
07:5112 अगस को बश्यमंगाल ट्रिब्यूनल में एसी आई के और से बिनानुमती अप्रिल दैर करने का मामला भी इसी बिंदू
07:58में आपको नजर आएगा
07:59अब क्यूं है ये एहम पूरा घटन गर्म इस पर भी एक नजर डाल लेते हैं
08:03चुनावायोग देश के लोक्तंतर का मजबूत स्तम्भवाना जाता है जब आयोग भी दूजम्मिदार चुनावायोगतों को
08:0810 महीने में 14 बार ये कहना पड़े कि नियमों का उलंगन हो रहा है
08:12तो जाहिर तोर पर ये साधरन बात नहीं है
08:15ये मामला दर्शाता है कि समवेधानिक संस्ताओं के भीतर पैसल लेने की प्रप्रिया पार दर्श्री होनी चाहिए
08:20किसी भी नौकरशाह या अधिकारी को समवेधानिक सदस्यों से उपर उठकर फैसल लेने का अधिकार नहीं हो
08:27वोटर डेटा और वोटर लिस्ट में बदलाब जैसे समवेधानिक सहमती और कानूनियमों का पालन बेहत जरूरी हो जाता है
08:35इन चौधे आपत्यों ने चुनावायों के अंधरूनी कामकाज और प्रशाष्मिक बार दर्शिता को एक ऐसी तस्वीर पेश करते होए दिखाया
08:42है
08:42जिस पर लमवे वक्त तक चर्चा होना तै नजर आ रहा है लेकिन देखना तलचस होगा
08:47कि अब इन चौधे आपत्यों के बाद क्यावे बक्च सच्मुच लोकतंत्रों को बचाने के लिए
08:53सच्मुच ग्यानिश कुमार को उनके पद पर अकाबिल साबित करने के लिए सरकार को मजबूती से किर पाएगा
09:01या फिर ये शोर कुछ दिन में शान्त होने वाला है
09:17वनिजया एक साथ शुप्याँ
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