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भारत निर्वाचन आयोग के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा हुआ हो कि कोई तकनीकी अधिकारी इस तरह सियासी और प्रशासनिक भूचाल के केंद्र में आया हो। नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर से डेपुटेशन पर चुनाव आयोग की कमान संभालने वाली डायरेक्टर जनरल (IT) सीमा खन्ना इन दिनों देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। विवाद की असली जड़ जनवरी 2026 में लॉन्च किया गया 'ECINet' सॉफ्टवेयर है, जिसने आयोग के दर्जनों पोर्टलों को एक छत के नीचे तो ला दिया लेकिन इसके साथ ही डेटाबेस के केंद्रीकरण पर भी सवाल खड़े हो गए। आरोप है कि इस नए डिजिटल सिस्टम और बैकएंड कंट्रोल के जरिए स्थानीय स्तर के Electoral Registration Officers यानी EROs के वैधानिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब गोवा जैसे राज्यों से ऐसे मामले सामने आए जहां स्थानीय अधिकारियों द्वारा स्वीकृत मतदाताओं के नाम डेटाबेस एक्सेस न मिलने के कारण सूची से बाहर रह गए। इस पूरे घटनाक्रम ने आयोग के भीतर भी गहरी दरार पैदा कर दी है, जहां खुद दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर DG (IT) के अधिकारों और वैधानिक शक्तियों के हनन पर कड़ी आपत्ति जताई है। विपक्ष ने भी इस तकनीकी व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है और इसे चुनावी पारदर्शिता पर एक बड़ा प्रहार बताया है।

The Election Commission of India has found itself engulfed in a rare and unprecedented institutional crisis, with a technology bureaucrat sitting right at the center of the storm. Dr. Seema Khanna, who joined the poll panel as Director General of IT on deputation from the National Informatics Centre, has come under intense scrutiny. The controversy erupted following the launch of 'ECINet' in January 2026, an umbrella digital platform integrating over 40 applications. While projected as a step toward modernization, critics and top internal officials argue that the software has overly centralized database control in Delhi, stripping field-level Electoral Registration Officers (EROs) of their independent statutory powers. Matters escalated when technical glitches and restricted database access blocked eligible voters from being added to final rolls in regions like Goa, despite repeated SOS communications from state CEO offices. This software control row has triggered open internal dissent, with two Election Commissioners formally raising objections against the IT chief's legal authority, while opposition parties have amplified political attacks alleging deep backend manipulation of voter databases.

#Seema Khanna #Election Commission #ECINet #VoterSoftware #IndianPolitics #ElectionCommissionRow #TechChief #ElectoralRolls

~HT.410~PR.512~ED.108~GR.506~VG.HM~

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00:00क्या देश के सबसे बड़े लोक्तांत्रिक संस्थान यानि एलेक्शन कमिशन के अंदर सबसे बड़ा टेक विवाद खड़ा हो गया है
00:07क्या एक IAS या Tech Bureaucrat की कलम और Software Coding देश के जमीने चुनाव अधिकारियों के कानूनी अधिकारों पर
00:17भारी पड़ रही है
00:18सियासत के गल्यारों से लेकर निर्वान सदन के कॉरिडोर्स तक आज अगर किसी का सबसे जादा जिकर है
00:25तो वो है Election Commission की Director General IT सीमा खन्ना
00:31आखिर कौन है सीमा खन्ना और क्यों उनके और उनके Digital Software ECI Net पर देश के दो Election Commissioners
00:39ने ही इतने बड़े सवाल खड़े करती है
00:42आईए इस पूरी कहानी को शुरुआत से समझते हैं
00:46Election Commission के इतिहास में आमतोर पर राजनेता मुख्य चुनाव आयुत या फिर बाकी आयुत ही सुर्खियों में रहते हैं
00:53लेकिन इस बार एक टेक्नोक्राट एक आईटी हैं इस पूरे बवाल के सेंटर में आकर खड़ी हो गई है
00:59सीमा खन्ना ने 2025 में National Informatics Center यानी NIC से Deputation पर Election Commission जोइन किया था
01:09उन्हें ECI का Director General IT बनाया गया जिसके जिम्में देश के पूरे Digital और Technological Systems को संभालना था
01:19सीमा खन्ना वही शक्सियत हैं जिनोंने पहले M8Y में रहते हुए आरोग्य सेतु आप के Development में भी एहम भूमे
01:27का निभाई थी
01:28जी हाँ आरोग्य सेतु आप में बनाने में इनका बहुत बड़ा रोल था
01:33लेकिन Election Commission ने आने के बाद उनका सामना एक ऐसे सिस्टम से हुआ जो पूरे देश के करोडों मत
01:40दाताओं के भाग्य को तै करता है
01:42विवाद की शुरुआत होती है जानुवरी 2026 से जब Election Commission ने ECINET नाम के एक नए डिजिटल प्लाइटफॉर्म को
01:50लॉंच किया
01:51इसका मकसद बताया गया कि लगबग 40 से जादा आप्स और पॉर्टल्स को एक छट के नीचे लाया जाए ताकि
01:59ट्रांस्पिरेंसी बढ़े इस नए सिस्टम ने पुराने एरो नेट को सब्जूम कर लिया
02:04लेकिन जैसे ही ये सॉफ्टवेर जमीन पर उत्रा वहां कि अशोल बशोल और लोकल अड्मिनिस्ट्रेटिव ओफिसर्स के बीच परेशानी शुरू
02:12हो बेगा
02:12असली विवाद इस बात पर था कि क्या इस सॉफ्टवेर के जरीए एलेक्टोरल रोल डेटाबेस का पूरा कंट्रोल डेली के
02:19आईटी हेड़कोर्टर्स यानी सीमा खन्ना के पास सिमट कर रहे गया
02:23Representation of the People Act 1950 और Registration of Electoral Rules 1960 के तहट जमीन पर काम करने वाले Electoral
02:33Registration Officers यानी EROs के पास ये कानूनी अधिकार होता है कि वो वोटर लिष्ट में नाम जोड सकते हैं,
02:42हटा सकते हैं या सुधार कर सकते हैं
02:45लेकिन आरोप ये लगे कि नए Software और Backend Restrictions की वजह से EROs के ये कानूनी अधिकार उनके हाथ
02:54से निकल कर दिल्ली बैठे IT Department के पास चले गए
02:58इसका एक बड़ा उधारन गोआ से सामने आया
03:01गोआ के EROs ने 97 वोटर्स के नाम जोडने के लिए मंजूरी दे दी थी
03:07लेकिन डेटाबेस आकसिस ना मिलने की वजह से वो Final Electoral Roll में जुड़ ही नहीं पाए
03:13गोआ के CEO Office ने February महिने में लगभग आठ बार ECI को चिट्थी लिखी
03:19Senior Deputy Election Commissioner को एड्रेस किया गया और सीमा खन्ना को भी Copy रखी की उन्हें Roll Back Facility
03:27दी चाए
03:27लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली इससे पहले भी Deputy Election Commissioner संजे कुमार ने भी November 2025 और
03:34January 2026 में
03:36सीमा खन्ना को पत्र लिख कर कहा था कि IT सिस्टम ऐसा होना चाहिए जो EROs के Statutory Powers के
03:44बीच में ना है
03:45लेकिन मामला सिर्फ यहां तक नहीं रुका इसने Election Commission के अंदर भी एक बहुत बड़ा अंतरिक बवाल खड़ा कर
03:53दिया है
03:53Election Commissioner सुगवीर सिंग संधू और विवेक जोशी ने इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाए है
04:00उन्होंने चीफ Election Commissioner ग्यानेश कुमार और Cabinet Secretary टीवी सो मनाथन को लिखे पत्रों में साफतोर पर कहा
04:07कि डीजी आइटी सीमा खन्ना के पास इस बात का कोई कानूनी अधिकार नहीं है
04:13कि वो जमीनी EROs के Statutory Powers और उनके Database Access को रिश्रिक्ट करते
04:19उन्होंने मांग की की Field Officials को उनके पूरे Digital Access और आजादी को तुरंत वापिस किया जाए
04:26जब ये बाते बाहर आई तो ये सिर्फ एक Administrative या Internal Descent नहीं रहा
04:31बलकि एक बहुत बड़ा Political मुद्बा बन गया
04:34Congress आम आदमी Party, समाजवादी Party और TMC जैसे विरोधी दलो ने
04:38इस पर सरकार और Election Commission को गेरना शुरू कर दिया
04:42TMC MP महुआ मोहितरा ने तो खुल कारा रोप लगाया
04:45कि CEC ग्यानेश कुमार और IT चीफ सीमा खन्ना ने मिलकर
04:49Software का इस्तमाल Water List को Centrally Manipulate करने के लिए किया है
04:54हलाकि ये सबी राजनीति का रोप है और इनकी पुष्टी अभी तक तथ्य रूप में नहीं की गई है
05:00लेकिन इसने देश की सबसे बड़ी चुनाव बॉड़ी की विश्वस्नियता पर एक बड़ा सवाल ज़रूर खड़ा कर दिया है
05:07आज सवाल ये है कि क्या एक टेकनीकी विवस्था या सौफ्ट्वेर लोग तंत्र के मूल कानून और जमीनी अधिकारियों के
05:14उपर हो सकता है
05:16क्या ट्रांस्पिरिंसी के नाम पर बनाए गए ECI नेट सिस्टम और चुनाव प्रक्रिया और कानूनी रूप से तैनाप आफिसर्स के
05:23बीच एक दिवार बनकर खड़ी हो गई है
05:25सीमा खन्ना और उनके IT डिपार्टमेंट के अरांट घूम रहा ये बवाल ये साफ करता है कि आने वाले समय
05:32में चुनावा योग के लिए टेक्नोलोजी और ट्रांस्पिरेंसी का ये संतुलन मनाना कितनी वड़ी चुनाती रहने वाला है
05:38वेकिन आप समझीए कैसी इस एक टेक्नोलोजीकल चेंज ने अप इस पूरे बवाल को जनब दे दिया है
05:45ऐसे में जो भी आपकी राए है जो भी आपको लगता है हमें कॉमिन सेक्शन में जरूर बताईएगा
05:50अब देख रहे हैं One India मैं हूँ आकर रुश कौशाएग

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