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Pitru Paksha 2026: Tarpan Kaise Kare,Pitaro Ko Jal Kaise Chadhaye,Mahilaye Kare Ya Nahi ?
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पितरों को तर्पण कैसे करें और जल चढ़ाने की सही विधि क्या है? इस वीडियो में जानिए पितृ तर्पण की विधि, जल में क्या मिलाएं, किस दिशा में मुंह करके जल अर्पित करें, कितनी बार तर्पण करें और पितरों का नाम लेकर जल कैसे चढ़ाएं। साथ ही जानें क्या महिलाएं पितरों को तर्पण कर सकती हैं या नहीं?Pitru Paksha 2026: Tarpan Kaise Kare,Pitaro Ko Jal Kaise Chadhaye,Mahilaye Kare Ya Nahi ?
Pitru Paksha 2026: How should you perform Pitru Tarpan and offer water to your ancestors? In this video, learn the traditional method of Tarpan, what is added to the water, which direction to face, how the water is offered, and how to remember ancestors by name while performing the ritual. Also know whether women can perform Tarpan for their ancestors or not.

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~HT.318~ED.120~PR.111~VG.HM~
Transcript
00:02पित्रपक्ष की शुरुवाद 26 सितंबर से हो रही है और 10 अक्टूबर तक पित्रपक्ष रहेगा इन 16 पवित्र दिनों में
00:11लोग अपने पूरवजों का श्राद्द करते हैं और उनका अशरवाद लेते हैं
00:14अगर आप भी अपने पितर का इस साल श्राद्द करने की सोच रहे हैं या उन्हें तरपन करने का सही
00:21नियम जानना चाहते हैं तो आईए इस वीडियो में आपको बताते हैं कि जल तरपन के वक्त हाथ की सही
00:28मुद्रा क्या रहेगी साथ ही इसकी बेहत सरल पूरी विधी क्या ह
00:33शास्त्रों के अनुसार हतेली में अंगूठे और तरजनी अंगूली के बीच का हिस्सा पितरी तीर्थ कहलाता है
00:40पित्रों को तरपन देते समय इसी स्थान से जल अर्पित करें
00:44तरपन के लिए पहले कुशा की अंगूठी बना कर उसे अनामिका उंगली में धारन करें
00:49फिर हात में काले तिल मिला हुआ दूद, गंगा जल, सुपारी, सिक्का और लाल फूल लेकर संकल पलें
00:55फिर जल को धीरे-धीरे अंगूठे और तरजनी उंगली के बीच मौजूद पित्री तीर्थ से धीरे-धीरे पात्र में गिरा
01:02है
01:02इस तरह कि ये जाने वाला तरपन सीधे पित्रों तक पहुँशता है
01:07भवश पुरान के मताबिक दाहीने हाथ की उंगलियों के अगर भाग को देवतीर्त कहते हैं
01:13देवी देवताओं को गंगा जल या कोई अन्य वस्तु अरपित करते समय उंगलियों के आगे वाले हिस्से से अरपन करने
01:20की परमपरा है
01:21इसलिए पूजा के दोरान भगवान को जल या अन्य सामगरी चड़ाते समय उसे हतेली के बीच के बजाए उंगलियों के
01:29अगर भाग से अरपित किया जाता है
01:31मही दाहीने हतेली में कनिष्ठा यानि सबसे छोटी उंगली के नीचे का हस्सा रिशी तीर्त कहलाता है
01:45रिशी तीर्त से किया गया अरपन या दान पुन्यकारी और फलदाई है
01:49मानेता है कि इस स्थान से अरपन करने से सवभगे की प्रापती होती है
01:55साथी आपको बता दें कि महिलाएं भी अपने माता पिता या पित्रों के लिए तरपन कर सकती है
02:02फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
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