00:04गुजरात के सूरत से आई खबर ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है
00:07एक पूर्व अकाउंटेंट ने अपनी 10,000 की बकाया सेलरी ना मिलने के घुस्से में आकर
00:11150 का पेटरोल खरीदा और पूरी टेक्स्टाइल मार्किट में आग लगा दी
00:15इस आग में 14 से ज्यादा दुकाने जल गई और करीब 24 करोड का नुकसान हो गया
00:20इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक बहुत अजीब और तीखी बहस शुर गई है
00:24लोग अलग-अलग रियाक्शन दे रहे हैं
00:25कुछ लोग कह रहे हैं कि कमपनी मालिकों के साथ ऐसा ही होना चाहिए
00:29जो महीनों तक सैलरी रोक कर रखते हैं
00:31वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि सैलरी रोकना गलत था
00:33लेकिन बदला लेने का ये तरीका भी पूरी तरह से अपराद है
00:37लेकिन इस बहस के बीच एक कड़वा सच यह है कि देश में लाखों छोटे और कमजोर करमचारियों के साथ
00:42ऐसा शोशन रोज होता है
00:44बड़ी बड़ी कमपनियां भी सैलिरी रोक लेती हैं ऐसे में एक आम करमचारी खुस्से में आकर कोई गलत कदम न
00:49उठाए तो वो आखिर करे तो करे क्या
00:51उसके पास कानूनी रास्ते क्या हैं आज के इस वीडियो में हम जानेंगे सबसे बहले एक बात साफ कर लेते
00:57हैं
00:59यानि दो गलत चीजे मिलकर कभी एक सही चीज नहीं बना सकती किसी गरीब या मेनत कश करमचारी की खुन
01:05पसीने की कमाई को रोकना बहुत बड़ा पाप और कानूनी अपराद है
01:09कई बार सेलरी न मिलने से किसी के घर का चूलहा बंद हो जाता है दवाईयों के पैसे नहीं होते
01:14जिससे इंसान मानसिक अवसाद में चला जाता है
01:17लेकिन उस गुस्से में आकर करोडू की संपत्ती को जला देना दूसरों की आजीवी का को नश्ट कर देना और
01:23कानून को हाथ में लेना भी किसी भी हाल में जायज नहीं ठहराए जा सकता
01:27आरोपी विनोद ने अपनी दस हजार की सेलरी के चक्कर में ना सिर्फ अपना करियर बरबाद कर लिया बलकि अब
01:32वो सालों जेल में सड़ेगा
01:34घुस्सा जायज हो सकता है लेकिन तरीका हमेशा कानूनी होना चाहिए
01:37सोशल मेडिया पर इसको लेकर तमाम तरह के रियाक्शन्स चल रहे हैं
01:42एग्यूजा ने लिखा मजदूर की भी इस्तिती समझना चाहिए थी
01:45पूरे महीने इंतिजार करता है दसजार रुपे के लिए मैनत करता है ताकि महीने पर उसकी पगार मिल सके
01:50लेकिन जब मालिक उसकी भावनाव को नहीं समझते तो परिणाम चौकाने वाले होते हैं
01:55फिर भी नहीं करना चाहिए था और कोई रास्ता अख्तियार कर सकता था
01:59एक यूजर ने लिखा जब पगार या छोटे छोटे पेमेंट नहीं देते लोग तो सोचना चाहिए
02:03कि उनके यहां नौकरी करने वाले पूरी तरह से पगार और छोटे काम करने वाले एक एक पेमेंट पर ही
02:08निर्भर होते हैं
02:08कानूरी रूप से आग लगाना गलत है पर पेमेंट रोकने वाला ही जिम्बदार है
02:15एक और यूजर ने लिखा अनपेट सेलरी के लिए कोई आक्शन नहीं हुआ
02:18एक और यूजर ने लिखा सेलरी टाइम से पे करो सारा माल खुद ले लो और तब ही सर्वाइब कर
02:23पाओगे
02:23इसने तो आग ही लगाई है और उस तबहाई की कोई सजा या रिपोर्ड भी नहीं होती
02:28एक और यूजर ने लिखा परफेक्टली एग्जेक्यूटिट बाइदा इंप्लोईज
02:31इंपलोईर के पास इंटरनाशनल टूर्स करने के लिए पैसे हैं लेकिन अपने छोटे इंपलोईज को पैसे देने के लिए टाइम
02:37नहीं है
02:37एक यूजर ने लिखा दस हजार की सैलरी के गुस्से में 24 करोड का नुकसान भाई ने हिसाब ऐसा चुकता
02:42किया कि कैलकुलेटर भी शर्मिंदा हो जाए
02:43एक यूजर ने लिखा मजदूर का पसीना सूपने से पहले उसकी मजदूरी मिल जानी चाहिए
02:47गोदाम में 24 करोड का माल था मालिक मजदूर को उसका 10,000 बकाया नहीं दे रहा था
02:51सवाल है कि 10,000 रुपे नहीं देने वाले मालिक को गिरफतार क्यों नहीं किया गया
02:55अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर कि अगर कोई कमपनी आपकी सेलरी रोक ले तो एक आम करमचारी को
03:01क्या करना चाहिए
03:02भारत का कानून कमजोर नहीं है बस हमें अपने अधिकारों की जानकारी नहीं होती
03:06सेलरी सिलिप और अपने सबूत सुरक्षित रखें
03:08सबसे पहले आपके पास काम करने का कोई भी सबूत जैसे
03:12अपांडमेंट लेटर, सेलरी सिलिप, बैंक स्क्रीटमेंट या ओफिशल चैट्स इमेल्स होना चाहिए
03:17लीगल नोटिस भेजें
03:18आप किसी भी वकील के जरी अपनी कमपनी को एक रजिस्टर लीगल नोटिस भेज सकते हैं
03:22जिसमें 15 दिनों के अंदर सेलरी देने की चैताबनी दी जाती है
03:2590% कमपनियां लीगल नोटिस मिलते ही डर के मारे पैसे दे देती है
03:29तीसरा तरीका है लेबर कमिशनर
03:31हर जिले में एक लेबर आफिस होता है
03:33आप वहाँ जाकर पेमेंट ऑफ वेजिस अक्ट के तहट लिखित में शिकायत दर्श करा सकते हैं
03:37लेबर कोड बहुत कम खर्चे में और करमचारियों के पक्ष में तेजी से फैसला सुनाता है
03:42इसके लावा चौथा तरीका है समधान पोर्टल
03:44भारत सरकार के शुरम मंदराले का ऑनलाइन पोर्टल है
03:46जहां आप घर बैटे अपने शिकायत दर्श करा सकते हैं
03:48जिस पर सीधे सरकारी आक्शन होता है
03:50तो सूरत की ये घटना एक चताबनी है
03:52कमपनियों के लिए भी कि वो किसी मजदूर की सलरी ना मारें
03:55और करमचारी ये भी कि वो घुस्से में आकर अपना जीवन बरबाद ना करें
03:59हक की लड़ाई लड़िये लेकिन कानून के दाएरे में रहकर
04:01इस पूरी घटना पर और करमचारीों के शोशन पर आपकी क्या राय है
04:05क्या लेबर लॉक हो और सक्त होना चाहिए
04:07कॉमेंट सेक्शन में में लिख कर ज़रूर बताएं
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