00:26वामन द्वादशी
00:32वामन द्वादशी की दिन
00:33जो की 23 सितंबर 2026 को पढ़ रहा है
00:37सुबस नानादी से निवरत्त होकर
00:39स्वच्छ पीले या लाल रंग के वस्तर पहन ले
00:41हाथ में जल और फूल लेकर दिन भर वरत रखने का संकल पले
00:45वरत आप निराहार या फलाहार दोनों तरीकों से रख सकते हैं
00:49लकडी की चौकी पर पीला कपड़ा बिच्छाए वाबन देव या श्रीहरी विश्नु की प्रतिमा को इस्थापित करें
00:53शुब मुहुरत में उनकी पूजा करें
00:55पूजा से पहले कुछ भी ग्रहन नहीं करना चाहिए
00:58आप फलाहार खा सकते हैं
00:59जैसे कि ताजे फल, दूद दही मिश्री, काजू बादाम, कुट्टू का आटा
01:04या फिर साबू दाने की खिचिडी आदी का सेवन सेंधा नमक के साथ किया जा सकता है
01:08इस दोरान यहूं चावल, सूजी, मैदा, आदी का सेवन ना करें
01:13बासी, खाना, या मदरा, या धूमरपान भी करने से बचें
01:17वामन द्वादशी का पारण अगले दिन त्रयोदशी के सूर्योदे के बाद करते हैं
01:21अगर आपने एक दिन पहले परिवर्तनी एकादशी का वरत रखा है और वामन द्वादशी के दिन भी वरत है
01:27तो एकादशी का पारण शुब मुहरत में जल या तुलसी दल लेकर करें और फिर वामन द्वादशी का फलहार जारी
01:33रखें
01:34वामन द्वादशी के वरत का पारण दही और चावल से करना शास्त्रों में अत्यन्त शुब माना गया है
01:40सबसे पहले भगवान को चड़ाय गया चड़नामरत या तुलसी पत्र मुख में डालें
01:44अपनी शमता अनुसार ब्रामन या गरीब को अन या दक्षना का दान करने के बाद ही स्वेम सात्विक भोजन ग्रहन
01:51करें
01:52फिल हाल अस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चानल को सबस्क्राइब करना ना भूलें
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