00:18आप जाईए दक्षण में कहीं भी जाईए वहां महिलाएं आपको आटो चलाती मिलेंगी पेट्रोल पंपे मिलेंगी
00:24आप चले जाईए आप चन्नेई की सणकों पर आप महिला को देखिए
00:28साधारन दिखेगी बिलकुल साधारन लेकिन सशक्त उसका अपना बैंक अकाउंट होगा अपनी आमदनी होगी उसके अपने अधिकार है वह बस
00:38चला भी रही है बस में कंडक्टर भी है कितनी दुकाने जहां आप जाएं तो आल फीमेल स्टाफ है सिर्फ
00:43महिलाएं महिलाएं �
00:44वहाँ पर पूरा काम कर रही है और महिलाओं के चेहरे पर एक सादगी रहती है और आत्मविश्वास रहता है
00:51जितनी चका चौंद सजने सवरने के प्रति जितनी चाहत आप उत्तर भारत में देखेंगे उतनी दक्षण में नहीं होती बताओ
00:59क्यों क्योंकि वहां महिला अ�
01:13कोई छोड़ते कुछ करें,मैं खुद अपना कमा लोगी क्योंकि अब वो महिला की देह नहीं है, वो मनुश्य की
01:19चेतना है , जितनी संभावना किसी और मनुश्य के
01:22लिए हो सकती है, वो उस महिला के लिए भी है, तो उसमें एक सहज आत्मविश्वास
01:26है वो डरी होई नहीं है