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Iran's Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिका को सीधी चुनौती देते हुए ऐलान किया है कि मिडिल ईस्ट में वाशिंगटन का सैन्य अभियान पूरी तरह विफल हो चुका है। तेहरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों का साफ कहना है कि अमेरिकी नेतृत्व के पास अपनी हार स्वीकार करने और इस क्षेत्र से पूरी तरह बाहर जाने के अलावा अब कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। आईआरजीसी के इस तीखे बयान ने वैश्विक कूटनीति में खलबली मचा दी है, क्योंकि दशकों के दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद ईरान ने अपनी रणनीतिक बढ़त साबित कर दी है। ईरान का मानना है कि अमेरिकी नीतियों और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए उनकी रक्षा प्रणाली ने पूरी मजबूती से अपनी स्थिति दर्ज कराई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान केवल जुबानी जंग नहीं है, बल्कि तेहरान के बढ़ते आत्मविश्वास और पश्चिम एशिया में अमेरिकी वर्चस्व के कमजोर होने का स्पष्ट प्रमाण है। इस गर्मागरम माहौल के बीच पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका वास्तव में इस क्षेत्र से पीछे हटने पर मजबूर होगा या यह संघर्ष एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंचेगा।

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~PR.512~ED.348~GR.538~HT.178~VG.HM~

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00:09इस सदी में सूपर पावर अमेरिका के घमन तूटने की सुरुवात हो चुकी है।
00:15मिलीस की जमीन पर अमेरिकन हेगमनी का सूरज अब हमेशा के लिए डूबने लगा है और आई आर चीसी ने
00:23इस बात पर मोहर लगा दी है।
00:25ये सारे वो सवाल हैं जिसने इस वक्ट पूरी दुनिया के डिफेंस एक्सपोर्स, ग्लोबल मीडिया और जियो पॉलिटिकल कॉरिडोर्स को
00:32हिला कर रख दिया है।
00:33दुर्शकों, आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे हिस्टॉरिकल और बोल्ड बयान पर जिसने साबित कर दिया है
00:40कि कैसे एरान ने इस लड़े गए लंबे और तनाफ कून कॉन्फिक्ट में अमेरिकन मिलिटरी और शाटिजिक डॉमिनेंस को जमीन
00:48दिखा दी है।
00:50और समझते हैं कि आखिर कैसे तहरान और आई आर जीसी ने इस पूरी वार में अपर हैंड बनाए रखा
00:56और क्यूं आज अमेरिका के पास हार मान कर इस रीजिन से जाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा
01:03है।
01:04यूँ कहें कि बोचतावा खामीनी ने और कोई रास्ता छोड़ा नहीं है।
01:07सबसे पहले ये समझना जुरूरी है कि आखिर हुआ क्या है।
01:11पहरान से जो आवाज आई है वहाँ IRGC के स्पोर्ट्स पर्सन ने साफतोर पर कह दिया है
01:15कि उनाइटिज स्टेट्स और उसके साथी इस रीजन में पूरी तरह से नाकाम हो चुके।
01:21इरान के मिलिट्री लीडर्शिप का ये मानना है कि अमेरिका और उसके रीजनल प्रॉक्सी खास कर इसरेल का जो सपना
01:28था कि इस रीजन में वो अपना कंट्रोल बना लेंगे वो पूरी तरह से चकना चूर हो चुका है।
01:33IRGC ने दुनिया के सामने ये सच लानी की बात की है कि अमेरिकन टाक्स पैस का पैसा और वहां
01:39के सोल्जर्स की जान सिरफ इसले बरबाद हो रही है क्योंकि उनके लीडर्श एक ऐसी लड़ाई लड़ रहे हैं जिसे
01:45जीतना उनके बस में नहीं।
01:48लेकिन इस पूरे नारेटिफ का सबसे बड़ा पहलू ये है कि इरान ने इस कॉन्फिक्ट में डॉमिनेंस कैसे इस्टाबिश कर
01:54दी।
02:18एक तरफ उनके पास हजारों लाखों करोणों डॉलर के हतियार थे वहीं दूसरी तरफ इरान के पास दिमाग समझदारी और
02:26होसला था।
02:27सोचिए डिकेट से चल रहे एकॉनिक सैंक्शिन्स, मिलिटरी थ्रेट्स और मैक्सिमम प्रेशर की पॉलिसीज के बावजूद अगर कोई देश आज
02:35आँखे उठाकर दुनिया की सबसे बड़ी सूपर पावर को ये कह रहा है कि तुम्हें हार मान ली है और
02:42अब यहां से न
02:57देते हैं कि अमरीका हार चुका है और अमरीका फिर भी कुछ कर नहीं पाता उनकी military capabilities ने American
03:03और allied assets को ये महसूस करवा दिया कि इस region में उनकी safety अब खत्रे में है इस बयान
03:08की timing और भी जादा महत्रुकून है जब international platforms पर और global stage पर इरान की leaders और उनके
03:15military spokespersons ये बोल रहे हैं कि American public क
03:19को सच बताया जाना चाहिए तो वो सीधे वहां की domestic audience को target कर रहे हैं वो ये बता
03:24रहे हैं कि Washington की claim सिरफ एक जूट है और ground पर उनकी military campaigns बुरी तरह से fail
03:31हो चुकी है
03:31media को ban करने से सच नहीं चुपेगा और जब हम इसको एक experience journalist की नजर से देखते हैं
03:38तो हमें समझ आता है कि इरान का ये confidence क्यों इतना high है
03:42चाहे वो regional waters में strategic maneuvers हो, proxy tensions को handle करना हो या फिर अपने state structure को
03:50हर external threat के खिलाफ rock solid रखना हो
03:53इरान ने हर mode पर ये दिखाया है कि उनकी जमीन पर दबाव बनाना अब किसी के बस की बात
03:59नहीं है
04:00तो कैस का मतलब ये है कि अमेरिका को सच में अब अपना बूरिया अबिस्तर समेट कर भागना पड़ेगा
04:06geopolitical realities और current trends की अगर माने तो Washington के पास अब धीरे धीरे अपने strategic withdrawal के अलावा
04:13कोई long term option बचेगा नहीं जब एक superpower को अपनी ही security parameters को maintain करने के लिए
04:20इतनी भारी की मत चुकानी पड़े और उनके strategic objectives एक के बाद एक fail होने लगे
04:26तो history ये गवा है कि उन्हें पीछे हटना ही पड़ता है इरान ने अपनी resilience और unbeatable defense strategy
04:33से इस बात को proof कर दिया है
04:35कि West Asia का future वहां के लोगों का है ना कि किसी external power का तो दोस्तों ये कहानी
04:42सिरफ एक बयान की नहीं है
04:44ये एक नए global order का उदे है जहां एक regional power ने अपने दम पर ये दिखा दिया है
04:50कि super power की भी एक limit होती है
04:52आप जहां जाहे वो नहीं कर सकते और एरान कोई छोटा मोटा देश नहीं है
04:57इस बड़े बदलाव के बारे में आपका क्या मानना है हमें comment section में ज़रूर बताईए था
05:02अब देख रहे हैं One India मैं हुआ को रुष कोशेगे

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