00:28।
00:31but in the end of the day,
00:35but in the US,
00:35he also finished his new life
00:36and he was able to get his last life.
00:43He said,
00:45he said,
00:46I asked him,
00:48he said,
00:48he said,
00:48he said,
00:48he said,
00:49he told him,
00:54he said,
00:57he said,
00:58he said,
00:59he said,
00:59This was a tourist tourist.
01:19Shantanu Antim Sarskar करने के बाद,
01:22Haridwar में उनका अस्थि विसर्जन करने के साथ पिंडदान भी करते हैं.
01:26आज पूरे हिमाचल में कहीं भी शांतनू को अग्यातलाश की जानकारी मिलती है तो वहां पहुँचकर उसका संसकार करते हैं
01:35और अस्थियों को हरीद्वार में विसरजित करके आते हैं
01:38अब शांतनू इन दुनिया छोड़ चुके पांच हजार लोगों के लिए हरीद्वार में स्राध करेंगे
02:09शांतनू के पुन्यकाम को प्रोसाहित करने की बजाए इस तथा कथिर पढ़े लिखे समाज ने रूड़िवादी सोच के चलते उनसे
02:17भीदभाव किया ता ने दिये छुआ छूट की नजरों से देखा अपनोंने किनारा कर लिया और शादी के कई रिष्टे
02:24सिर्फ इसलि�
02:37शादी क्यों ने किया, मैं कोई बहुत बर ब्रुमचारी है, कोई महापुरुष्णी है, शादी मैं भी करने गया था लेकिन
02:43उसमें दिक्कती आए कि भाई इसके साथ भूत होता है, लड़का करता कि यह तो देड़ बोरी जलाता है, तो
02:49रिस्ता टूट गया, तो ऐसे कोई
03:14कोविड में जब अपने अपनों की ही लाश को हाथ नहीं लगा रहे थे, उस समय शांतनू ने कई लोगों
03:21का अंतिम संसकार किया, हालांकि कुछ लोगों ने उनके काम को सराहा भी
03:26हजारों के हिसाब से लोगों का अंतिम संसकार किया है, और पुलिस की भी इसमें बहुत मदद की है, और
03:33यह ना केबल एक समाजिक जिम्मेदारी है, बलकि एक धरम का भी एक कार्या है
03:40बड़ी अकाम कर रहे हैं और पिछले कई दश्कों से ऐसा काम कर रहे हैं और एक बहुत ही एक
03:45इनके अच्छी पहल है कि जिन लोगों को अपने अंतिम समय में उनको इसको एक सम्मान भी कहा जा सकता
03:51है, उनको जो सम्मान मिलना चाहिए, एक मुलिश्य होने के नाते, वो सम्
03:56अंतनु ने बता दिया कि रिष्टे सिर्फ खून से नहीं बनते, दिल में अगर इनसानिया जिन्दा है तो एक अजनबी
04:02भी हजारों लावारिसों का वारिस बन सकता है, उनका ये निश्काम तब 30 सालों से चल रहा है, उनका नाम
04:10अब पदमिश्री के लिए भी आगे बढ�
04:13हाया गया है, ETV भारत के लिए हमिरपुर से समित कुमार की रिपोर्ट