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महाभारत के महायोद्धा, गंगापुत्र भीष्म पितामह की इच्छा मृत्यु का वो अनसुना रहस्य, जो कुरुक्षेत्र के मैदान में बाणों की शैया पर लेटे हुए भी उन्होंने स्वयं को मृत्यु से क्यों रोका? जानिए इस खौफनाक सच को।
Transcript
00:26ुदिश्य उत्तरायन नहीं हुए
00:31उत्तरायन के शुभ मुहूत में उन्होंने अपने प्राणों का प्याग किया
00:35यह इच्छा मृत्यू नहीं बलकी धर्म पर अडिग रहने की विजय थी
00:39उनकी बांशया मृत्यू का अंत नहीं धर्म की विजय का प्रतीक बनी
00:44MAHABHARAT KAYE AISAY HII ANSUNE RAHSIYOUKKO JANNAY KAYE LIAIK KEREN OR FOLLOW KEREN

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