00:00चाय थोड़ा नशे की चीज होती है, जानते हो ना अडिक्ट ज़ाती है, चाय के भागान देखे हैं, तो हरा
00:06है, तो पति काली कैथ होती है, और गोल-मोल कैसे बजाती है, कभी सोचा है, और जलाई घही गई
00:11है, जलाने का बद उसमें क्या बचाए बना कीजा है, उसमें ठा�
00:25होगा अब आपको वो नशा चाहिए उस नशे के कारण फिर आपको दूच चाहिए और मारी जा रही है बिचारी
00:31भैंस इसमें कभी आप देखिएगा भैंस को जब खीच के ले जा रहे होते हैं काटने के लिए उसकी आँखें
00:36फटके इतनी बड़ी हो जाती है देशत में उसे
00:55भैसे भी तो पैदा होते होंगे हमें हमेशा मादा भैसी के उदिखाई देती है क्योंकि उपैदा होते ही काट दिया
01:01जाता है उससे आपकी चाय आती है आपको चाय पीनी भी है साहब तो उसमें डाल लो या तो यही
01:08शुरू करतो जैसे अभी यह है मैं अभी यह जो पी रह
01:23तो नारियल का दूद, सौय का दूद, ओट का दूद, अलमंड का दूद, ये सब आते हैं।
01:29और कोई ज़रूरी नहीं है कि ये भैंस के दूद से महंगई ही हो।
01:33मुझे नहीं बिल्कु समझे आता है कि जीने के लिए किसी की जिन्दगी लेना क्यों ज़रूरी है।
01:38मैं मेरी जिन्दगी, वो उसकी जिन्दगी, मुझे जीना है मेरी जिन्दगी, मैं अपने जीने के लिए उसको कैसे मार सकता
01:44हूँ।
01:45ये तर्क क्या है।