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NRI Rules: विदेश में रहते हैं तो जान लें बैंक अकाउंट, टैक्स, निवेश और प्रॉपर्टी से जुड़े जरूरी नियम। NRI बनने के बाद पुराना सेविंग्स अकाउंट चलाने से लेकर टैक्स रिटर्न और विदेश पैसे भेजने तक, किन गलतियों से बचना चाहिए? जानिए NRE, NRO और FCNR अकाउंट के नियम, भारत में निवेश के विकल्प और डबल टैक्सेशन से बचने के तरीके।
NRI Rules: If you live abroad, know the essential rules related to bank accounts, taxes, investments, and property in India. From continuing an old savings account after becoming an NRI to filing tax returns and sending money abroad, which mistakes should you avoid? Understand the rules for NRE, NRO, and FCNR accounts, investment options in India, and ways to avoid double taxation

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00:00अगर आप विदेश में रहते हैं लेकिन भारत में आपका घर, बैंक अकाउंट, किराये से कमाई या परिवार है तो
00:06एक छोटी सी गलती आपको लाखों रुपए का नुकसान करा सकती है।
00:10हो सकता है कि आप सालों से भारत में अपना सेविंग्स अकाउंट चला रहे हों और आपको पता भी नहों
00:16कि विदेश में रहने के बाद इस अकाउंट का स्टेटस बदलना जरूरी है।
00:40क्या एनराई भारत में शेर बाजार, म्यूच्वल फॉयंड और प्रॉपटी में निवेश कर सकते हैं।
00:45भारत में होने बाली कमाई पर कितना टैक्स देना पड़ता है।
00:49और अगर आप विदेश में भी टैक्स देते हैं तो एक ही कमाई पर दो बाट टैक्स देने से कैसे
00:54बच सकते हैं।
00:54इन सवालों के जबाब जानना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि बैंक अकाउंट से लेकर टैक्स रिटर्न और प्रॉपटी के नियमों
01:01तक एनराई के लिए कई अलग-अलग प्रॉधान हैं।
01:04इन्वे छोटी सी लापरवाही भी आपकी परिशानी बढ़ा सकती है।
01:08इसलिए आज के इस वीडियो में हम आसान भाषा में समझेंगे कि एनराई बनने के बाद आपको अपने बैंक अकाउंट
01:14के साथ क्या-क्या करना चाहिए।
01:15भारत में निवेश और कमाई के क्या नियम हैं और किन गलतियों से आपको हर हाल में बचना चाहिए।
01:21तो सबसे पहले समझिए कि एनराई के मामले में दो अलग-अलग कानून है।
01:25पहला है फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट यानी की फेमा जो आपके बैंक अकाउंट बिदेशी मुद्रा और भारत से बाहर पैसे
01:32भेजने से जुड़े नियम तै करता है।
01:34दूसरा है इंकम टैक्स एक्ट जो या तै करता है कि आपकी कमाई पर भारत में टैक्स लगेगा या फिर
01:40नहीं।
01:41इन दोनों कानूनों के तहद आपकी रेजिदेंशियल इस्थिती अलग हो सकती है।
01:45इसलिए सिर्फ या मान लेना कि आप साल में 182 दिन विदेश रहते हैं आपके एन राई स्टेटस को तै
01:51करने के लिए हमेशा पर्याप्त नहीं है।
01:54आपके विदेश जाने का उदेश और रहने की प्रिस्थितियां भी माइने रखती है।
01:58अब आते हैं बैंक अकाउंट पर। अगर आप भारत में रहते हैं कुछ समाने स्टेविंग अकाउंट चला रहे थे और
02:04बाद में एन राई बन गये तो आपको अपने बैंक को इसकी जानकारी देकर अकाउंट का स्टेटस बदलवाना चाहिए।
02:11आम तोर पर इसके लिए एनराई या एनरो अकाउंट का बिकल्प होता है। पुराना अकाउंट बीना जरूरी बदलाओ के चलाते
02:17रहना फेमा के नियमों का उलंगन हो सकता है।
02:20इसलिए एस्टेटस बदलते ही बैंक से संपर्क करना जरूरी है।
02:24एनराई के लिए पहला विकल्प है एनराई यानि की नॉन देजिटेंट एक्सटर्नल अकाउंट इसमें आप विदेश से कमाये पैसे भारत
02:31लाकर रुपए में रख सकते हैं इस अकाउंट पर मिलने वाला व्याज समान्यता भारत में टैक्स फ्री होता है बशर्ते
02:37आप संब
02:54से कमाई होती है तो उसे इस अकाउंट में रखा जा सकता है एनरो अकाउंट पर मिलने वाला भ्याज भारत
03:01में टैक्सेवल होता है और उस पर लागू दरों के अनुसार टीडियस कट सकता है इस अकाउंट से बिदेश पैसा
03:07भेचने पर समान्यता एक वितवर्ष में 10 ला�
03:23में रखी जाने वाली सायी कमा इसमें रकम रुपहे में बदलने की वचायinku डौलर जैसे निर्धारत बिदेशी मुद्रा में रखी
03:31जाती है इससे रुपहे और बिदेशी मुद्रा के बीच बि ancora में बदलाओ का जोह्खिम कम हो
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05:36and
05:38ुप्त हो सकता है अगर आप इदेश में भी टैक्स देते हैं तो डबल टैक्सेशन अवाइडेंस एग्रिमेंट यानि की डी
05:44टी ए आपके काम आ सकता है भारत में कई देशों के साथ
05:48ऐसे समझोते होते हैं इनका लाव लेने के लिए टैक्स रेजिटेंसी सर्टिफिकेट और फर्म टेन एफ जैसे दस्तावेजों की जरूरत
05:56पर सकती है कौन सा लाव मिलेगा या संबंधी देश के समझोते और आपकी आय की प्रकृति पर निर्भर करेगा
06:03आखिर में एनराई क
06:17में भारतिये आय और लागू विदेशी शंपतियों का सही खुलासा नहीं करना चौथी जरूरत होने पर कम टेडियस के लिए
06:23आवेदन नहीं करना और पांचवी बैंक की के वाई सी समय पर अपडेट नहीं करना याद रखिए एनराई होने का
06:29मतलब या नहीं कि आप भारत
06:30में बैंकिंग निवीश या प्रोपटी से चुड़े अधिकार खो देते हैं जरूरत सिर्फ इतनी है कि आप सही अकाउंट चुने
06:36टैक्स के नियम समझे और हर लेंदेन का रिकॉर्ड रखें नियमों में आपकी स्थिती के हिसाब से अंतर हो सकता
06:43है इसलिए किसी बड़े �
06:44लेंदेन से पहले टैक्स या टैक्स विशेशग्य से सलाह चरूर लें उमीद है कि इस वीडियो में आपको एनराई के
06:50तोर पर भारत में बैंक अकाउंट निवेश टैक्स और प्रोपटी से चुड़े जरूरी नियम समझने में मदद मिली होगी वीडियो
06:57उपयोगी लगा
06:58हो तो उससे लाइक और शेयर चरूर करें और ऐसे ही काम की जानकारी के लिए आप हमारे साथ चुड़े
07:03रहें हाला कि अगर आपको कुछ लगता हो कि इसमें और भी आपको चानकारी चाहिए तो आप अपनी राय कमेंट
07:08सेक्सर में चरूर बताएं हम जब आप देने की कोश
07:10करेंगे और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शेयर मार्केट से जुनी तमाम चानकारी के लिए आप बने रहें गुड रिटरंस
07:17डिश्टेल के साथ

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