00:01कहते हैं कि मदद करनी के लिए पैसा नहीं बलकि बड़ा दिल होना चाहिए
00:05महराश्च की एक छोटी सी बच्ची ने अपनी मासूमियत और नेक सोच से इस बात को सत साबित कर दिया
00:12बच्ची ने किसानों की मदद के लिए अपनी गुल्लक तोड़ कर दी और उसमें जमा सारे पैसे दान कर दिये
00:18उसके इस कदम से मुख्यमंत्री देवेन फड़न्विस भी भावुक हो गया
00:42वज़त आये देवी जागा मैं छोटी शी मदद मुड़े शिटकरी का पच्चे चारावर अनंदरी शिटकरी का कंचे तुम्चावर खूब विश्पाशा
00:54लाख मेने चरी चार तीन पंद जोबार सा कोशनी मुद्टा चुबना पाईजिं वाह मकी थांक्यू
01:08यह कहानी है महाराज की वर्षा तिमांडे और उसके चूटे भाई की दोनों बच्चों ने अपनी गुल्लक में कई महनों
01:16तक पैसे जमा किये
01:17आम तोर पर बच्चे इन पैसों से खिलोने टौफिया या अपनी पसंद की चीज़े खरीदते लेकिन वर्षा और उसके भाई
01:23ने इन पैसों से कुछ ऐसा करने का फैसला किया जिसने हर किसी का दिल जीत लिया
01:29दोनों भाई बेहन ने अपनी गुल्लक में जमा 3575 रुपए महराश मुख्यमंत्री राहत कोश में दान किये उनका मकसद सूखे
01:40से परिशान किसानों की मदद करना था
01:43नरसल महराश के कई इलाकों में किसान सूखे पानी की कमी और फसल खराब होने जैसी समस्याओं का सामना कर
01:50रहे हैं
01:50किसानों के इस परिशानी को समस्ते हुए बच्चों ने अपनी चोटी सी बचत उनकी मदद के लिए देने का फैसला
01:57किया
01:58सोचिये जिस उम्र में बच्चे अपनी पसंद की चीजे खरीदने के लिए पैसे जोडते हैं
02:03उसी उम्र में वर्शा और उसके भाई ने दूसरों की तकलीव दूर करने के बारे में सोचा
02:09वर्शा और उसके भाई का ये कदम हमें एक बड़ी सीख देता है
02:13किसी की मदद करने के लिए अमीर होना जरूरी नहीं है
02:16अगर मन में दूसरों के लिए समवेद ना हो तो छोटी सी मदद भी बहुत बड़ा संदेश दे सकती है
02:22मासूम उम्र में इतना बड़ा फैसला लेने वाली वर्शा और उसके भाई की जितनी तारीफ की जाये कम है
02:29इन बच्चों ने साबित कर दिया कि इंसानियत की कोई उम्र नहीं होती और दूसरों की मदद करने के लिए
02:35बस नेक दिल चाहिए
02:52बड़ा कांचा तूसरा मुडे खुल मुक्साइन जाल्दा है तुमान माजी पी छोटीशी मदद आये देविन राबा
03:02मिया थोटीशी मदद मुडे शेकरी बाकाचे चाहरावर अनन्दाईन शेकरी बाकाचे तूसरावर खुल विश्पाशा
03:12लाग में जाल्दी चाहिए पन्द जबार्चा कोशिंद दा जबना पाईजिन
03:19अबा, नक्की, ठैंक्यू
03:34झाल्दी चाहरावर खुल विश्पाशा