00:03अहोई अस्टमी का वरत संतान की लंबी उम्र अच्छी सिहत और खुशहाल जीवन की कामना के लिए रखा जाता है
00:10साल दोहज़र शब्यस में ये परव एक नौमबर को मनाये चड़ेगा
00:13इस दिन माताएं अहोई माता की पूजा करती है और पूरे दिन निर्जला वरत रख कर संतान की उजवल भविशे
00:20की प्रातना करती है
00:22शाम को तारों को अर्ग देने के बाद वरत खोलने की परंपरा है
00:27ऐसे में अगर आप भी अहोई अस्टमी का ब्रत रख रहे हैं
00:30तो इससे पहले ये जान ले कि तारों को अर्ग कैसे देते हैं
00:35और अगर अहोई अस्टमी पर तारा ना दिखें तो क्या करें
00:39ये जाने के लिए वीडियो कों तक जरूर देखें
00:41अहोई अस्मिक पर तारे को अर्ग देने के लिए लोटे में शुद जल भरें और उसमें थोड़ा सा कच्चा दूद,
00:48रोली, अच्छत और लाल फूल मिलाए
00:51अर्ग के जल के साथ हाथ में थोड़ा सा गी हूँ या बाजरे और मिठाई जरूर ले
00:58वहीं उत्तर पूर्व यानि की इशान को या पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़ी हों
01:04कभी भी नंगे पैर अर्ग ना दे, पैर के नीचे लकडी की पटली या आसन लगाए
01:10ध्यान रहे कि अर्ग का जल सीधे आपके पैर पर ना पड़े
01:14इसके लिए नीचे कोई गमला या बरतन रख ले
01:18वहीं तारे को अर्ग देने के लिए दोनों हाथों में लोटे को छाती की उपर तक उठाए
01:24जल की धार धीरे धीरे नीचे गिराते हुए तारों की ओर देखें
01:29अर्ग देते समय ओम अहोई मात्रे नमह मंत्र का जाप करते रहे
01:35हाथ में लिए गए गेहूं के दाने और पुष्प जल की धारा के साथ अर्पित कर दे
01:41अर्ग देने के बाद तारे को प्रणाम करें और अपनी जगह पर खड़े होकर तीन बार घूम कर परिक्रमा करें
01:47इसके बाद अहोई माता का ध्यान करते हुए अपने सासुर या घर के बड़े बुज़ूर के चरें स्परश करें
01:54वह अगर आपको तारा ना दिखाए दे तो शास्त्रों का नियम है कि जब प्रकरतिक कारणों से प्रत्यक्ष दर्शन ना
02:01हो पाए
02:01तो काल गड़ना यानि पंचांग को प्रमाण माना जाता है आपके शहर में पंचांग के अनुसार जो तारा निकलने का
02:08समय दिया गया है ठीक उसी समय उतरपूर्व देशा की और आस्मान की तरफ जल अर्पित कर दें भावना यही
02:17रखें कि आप तारे को भी अर्ग दे र
02:31लाइक शेरन चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले