00:00आज ही मौका है आज आप जो डेटा फीड कर रहे हैं और आज आप जो अल्गॉरिदम लिख रहे हैं
00:06वही बहुत समभावना है कि कल जा करके आटोनॉमस हो जाएगा आज आप कुछ नियंत्रण कर सकते हैं कल चीज
00:15हमारे हाथ से बाहर हो जानी है बहुत सारे दूसरे उदारन
00:18भी इसमें लागू हो जाएंगे जैसे बच्चा हो छोटा 20 साल का हो गया उसके बाद हो क्या कर रहा
00:23है क्या नहीं कर रहा है उस पर आप नहीं नियंत्रण ला सकते बदलाओ भी मुश्किल है पर बच्पन में
00:31आप उसको कैसा बना रहे हैं उसके मन में क्या आ रहा है क्या न
00:48आज AI की जो पूरी तरक्की है, वो जिनके हाथों में है, वो लोग AI को डेविलप ही कर रहे
00:56हैं, बहुत जबरदस्त स्वार्थ के केंदर से, तो ऐसे में ये सोचना, कि ये जो एक सिस्टम ही है, ये
01:06सिस्टम आगे बढ़ करके, जब आटोनोमस होने लगेगा, तो अपना सें�
01:11सेंटर बदल देगा, ये असंभव है, कल को बिलकुल हो सकता है कि ये सिस्टम हमें वैसे ही नचाए, जैसे
01:19इनसान बंदर को नचाता है, पर अगर कल ही हमें वैसे नचाएगा, तो उसके जिम्मेदार हम आज हैं, लगबग वैसे
01:26ही कि जैसे जब बच्चा बढ़ा हो जाए
01:28और माबाप को लात मारे, तो जिम्मेदार माबाप ही है कि जब बच्चा छोटा था तब तुम क्या कर रहे
01:33थे, तब तुम ने ही उसका जैसा मन बढ़ा दिया, जो उसको भीतरी आकार दे दिया, उसी की वज़े से
01:40अब वो आगे बढ़ा होकर कि इसा वरकते कर रहा है, सम�
01:58हमारे सामने क्लाइमेट चेंज खड़ा हुआ है, हमारे सामने AI खड़ी हुई है, आज जो लोग AI को डेविलप कर
02:05रहे हैं, उनको देखना होगा कि आप किस दृष्टी से उसको क्या डेटा दे रहे हो, उससे क्या काम करवा
02:11रहे हो, क्या उसका आप अलगो लिख रहे हो, ज
02:19बच्वारी बाती है