00:00हैदराबाद में पानी की किल्लक इतनी बढ़ गई है कि लोगों को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर होना पड़
00:06रहा है
00:06हर दिन करीब 6-8,000 टैंकर बुख हो रहे हैं और कई इलाकों में लोगों को 3-4 दिन
00:13तक पानी का इंतजार करना पड़ रहा है
00:15भाई यहां पानी रखा हुआ है और पानी है यहां पर आप मान लीजे 500 जने मौजूदों यह पानी रखा
00:20यह ही 100 जनों के लिए तो इस पानी की अब क्या होगे इसकी बोली लगेगी
00:25जो सौ जने सबसे उंची बोली लगा सकते हो, क्या करेंगे? पी लेंगे? बाकियों के लिए उदर नाली है, उदर
00:30गटर है, उदर कमोड का पानी है, प्रथवी पर इतने संसाधन ही नहीं है, सौ ही लोगों के लिए पानी
00:37है, खड़े हो गए पात सौ पीने के लिए पानी कहा
00:45इतने लूग़ों के लिए हैं उसे अफूर्ड कर सकतें।
00:50बाकी सब को नियमा नुसार गंदा पानी ही पीना पड़ेगा ये आपकी बतकिस्मती नहीं है ये गणित का नियम है
00:57जगा भी नहीं है बड़े शारों में जाकर देखो वहां लोग कैसे रह रहे हैं जगा भी नहीं है पत्थवी
01:02पर इतनी और जगा अगर चाहिए तो जंगल क
01:17से आएगा खाना तो जमीन ही पैदा करेगी न और जमीन सीमित है और जमीन अगर चाहिए तो जंगल कटो
01:22तो अब समझ रहे हो कि प्रक्रति के विनाश का भी सबसे बड़ा कारण जन संखे आई है