00:00ना किसी से पैसा लो ना किसी से इज़त लो बहुत आजाज जी होगे एक्दम सरल सूतर है ना किसी
00:06से पैसा लेना है ना किसी से प्रतिष्ठा लेनी है पैसा होता है इस थूल शरीर के लिए प्रतिष्ठा होती
00:12है सूख्ष्म शरीर के लिए पैसा मिल जाता है तो इसको बहुत
00:27फसना यही आध्यात्मिक आदमी के निशानी है ना वो पैसे में फसता है ना प्रतिष्ठा में फसता है