00:00मीरा ऐसे थोड़ी कि अपना महल में बैठी हुई हैं और सारे मजे भी ले रही हैं और गाले वो
00:05तो गली गली हरी गुण गाने लगी निकलो ना गली गली मीरा जाती तो थी रहदास के पास पूरा समुदाय
00:14पूरा कुनबा डंडा लेके खड़ा हो गया था कि एक तो तुम सम
00:19पृद्ध घर से महा तुम महल से निकलती हो जा किसके पास रही हो ये चरमकार ये चमड़े और जूते
00:27का काम करते हैं पहली बात दूसरी बात तुम स्त्री वो भी युवा और खुले आम सड़क पे घूमती जा
00:36कहा रही हो पुरुष के पास और तीसरी बात तुम हो उच्�
00:49निचली जाते का है तो चाहे कृष्ण के पास जाना हो और चाहे रहधास के पास मीरा का कृष्ण को
01:00चुन लेना और राणा का कहना की पी जहर ये दोनों सदा साथ साथ चलते हैं अगर अभी जीवन में
01:08राणा का जहर नहीं आ रहा तो कृष्ण भी नहीं आये हैं अगर कृ
01:19झाल को चुछ झाल