00:00मुझे सबस्यादा नफरत भी ट्रेनिंग से है कि वो शरीर दोड़ता है और सबस्यादा पसंद भी मुझे वोई चीज है
00:05जब आप जो कर रहे होते हो आप में उसके लिए एक जजबा होता है प्यार होता है
00:11और क्लारिटी होती है कि मैं ये इसलिए नहीं कर रहा हूँ क्योंकि मुझे दस और लोगो ने करने को
00:16बोला है
00:16मैं ये इसलिए कर रहा हूं कि ये चीज मेरे लिए बिलकुल ठीक है
00:20तो फिर उसके बाद ये नहीं लगता है कि पात साल बीट गए दस साल बीट गए
00:24मुझे भी तक सक्सेस क्यों नहीं मिली
00:26उसके बाद जीत और हार लगभग एक बराबर हो जाते हैं
00:43और जीत हार छोटी चीज हो गई उसको पता भी नहीं चलता है
00:47वो बहुत ज्यादा जीतना शुरू कर देता है
00:49उसको पता भी नहीं चलता है कि वो इतने मीटर से इतने मीटर और इतने मीटर कब पहुँच गया
00:54जबकि अगर आप बहुत एक
00:56target based, even बनाओ
00:57क्या मुझे ये करना है, मुझे वो करना है, उसमे progress हो जाएगी
01:00लेकिन जो progress हो सकती है
01:02सिर्फ ज़जबе के साथ, प्यार के
01:04साथ काम करने में, वो progress
01:06कभी target का पीछा करने में नहीं
01:08आने वाली है, बिल्कु जी, मुझे सबसे ज़्यादा नफरत भी ट्रेनिंग से है, कि वो शरीर तोड़ता है, और सबसे
01:13ज़्यादा पसंद भी मुझे वोई चीज है, मतलब वो इस तरीके से बोल रहां सर मैं कि कि वो चीज
01:19है, कोच प्लैन बनाता है, जो असली चीज होती है
01:22असली चीज है, टुथ, रियालिटी, उसका ये लक्षण हमेशा बताया जाता है, कि वो परिशान बहुत करेगा, कि वो तोड़ेगा,
01:29लेकिन आप उसके बिना जी भी नहीं सकते, ठीक वैसे जैसे तुम्हाँ लिए ट्रेनिंग है, जैसे तुम्हाँ लिए ट्रेनिंग है
01:34�
01:34वैसे ही, एक वाइडर और डीपर संस में सत्य, टुथ, जो असली चीज होती है, उसके लिए होता है, जो
01:41भी असली चीज जन्दगी में आएगी, उसको आप छोड़ नहीं पाओगे, लेकिन साथी साथ, वो चीज परिशान बहुत करेगी, लेकिन
01:48परिशानी के बावजू�
01:49अपका दिला गया, यह तो यह आशिकी है, आपका दिला गया, यह तो यह आशिकी है,