00:00मौत यादी नहीं रहती
00:01आट-दस घंटे उफिस में जमाईयां मारके घर आ गए
00:05यादी नहीं रह आ कि अभी ये दिन कभी
00:08आएगा नहीं
00:10एक दिन और मृत्य की और
00:14मौत की और एक दिन और बढ़ गए
00:16यादी नहीं रहता
00:17सोचते हो आज का दिन ऐसे ही था वेस्ट हो गया हाँ जादा प्रोडक्टिव नहीं था वगेरा वगेरा
00:24एक दिन की प्रोडक्टिविटी की बात नहीं है एक जन्म की बरवादी की बात है
00:33जिसको मृत तो याद नहीं वो कुछ नहीं जीवन को बरवाद कर रहा है बस
00:38बहुत सारी चीजें लोटती है
00:41समय नहीं लोटता
00:43जो चला गया वो लोट के नहीं आता न
00:46तुम भी तो चले ही जा रहे हो
00:48तुम लोट के कैसे आओगे
00:51जो मौत याद रखेगा
00:53जो मौत को गाएगा
00:54वो बेधणक जीएगा