00:02इंदोधन में धंदेरस का पर्वधी पावली के पांच दिवसी उत्सप की शुर्बात माना जाता है।
00:08इस दिन भगवान धन्मंतरी माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने के साथी दीपदान का भी विशेश महत्म है।
00:16धार्मिक मानिताओं के अनुसा धन्देरस की शाम घर की अलग-अलग इस्थानों पर दीपद जलाने से सुख सम्रिद्धी आती हैं
00:24और नकरात्मक उर्जा दूर होती हैं।
00:27ऐसे में चलिए आपको बताते हैं कि धन्देरस पर कितनी दिए और कहां-कहां जलानी चाहिए।
00:46इनमें यम्राज के निमिक चलाए जाने वाला दीपग प्रवुख माना चाहता है।
00:50कुछ परिवारों में 5, 7, 11 या 13 दीपग जलाने की परंपरा भी है।
00:56वही कई लोग अपने श्रद्धा और सामर्थे की अहुसा घर के कोने-कोने पर दीपग जलाते हैं।
01:02अब चलिए बताते हैं कि धंतेरस के दिन 13 दीपग कहा कहा जलाने हैं।
01:07सबसे पहले मुख्य द्वार पर।
01:09धंतेरस के दिन सबसे पहला दीपग घर के मुख्य द्वार पर सूर्यस्त के बाद तक्षिन दिशा में जलाना चाहिए।
01:15ये दीपक सर्सो के तेल का जिलाय जाता है ये यम के नाम का दीपक होता है मानेता है कि
01:22यम के नाम का दीपदान करने से अकाल मृत्यू का भाई समापत होता है वैं धंतेरस के दिन दूसरा दीपक
01:28माता लक्ष्मी और भगपान धन्वंत्री के सामने जलाना चाहिए इसके ला�
01:45कि ठीक सामने जलाने की परंपरा है मानेता है कि अशा करने से घर के लकरात्म को उज़ा दूर होते
01:51है पाच्वा दीपक धंदेरस बग घर की च्छत पढ़ जलाने का विधान है या फिर इस दीपक को घर के
01:58किसी खुले स्थान पर जलाना शुब माना जाता है इससे अकाश दे
02:15दिपक किसी मुंदि में जलाना चाहिए मानेता है कि ऐसा करने से देवी देवताओं का अशिरवाद मित्ता है और जीवन
02:22में सकरात्मकता आती है वहीं धंतेरस पर आठवा दिपक कूड़े ये कच्रे के पास जलाना चाहिए गाउं में दिपक जहां
02:30गोबर एकत्रित होता है �
02:32महां जलाते हैं मानेता है कि ऐसा करने से देवी देवा दिपक गर के बालकरी में जलाने का भिधार है
02:51अगर घर में बालकरी नहीं है तो इसे गैलरी में भी जलाए जा सकता है
02:55साथी धंदेरस पर 11 दीपक घर के किसी मुखे खिड़की पर रखा जाता है जहां से रोश्णी आती है
03:02धंदेरस पर 12 दीपक घर के पिछले हिस्थे में जलाने का विधान है
03:07ये दीपक घर के उस इस्थान पर जलाते हैं जहां लोगों को आना जाना कम रहता है या अंधेरा रहता
03:14है
03:14वह धंतेरस पर तेरवा दीपक घर की रसुई में जलाये जाता है इस दीपक को उस इस्थान पर भी रख
03:21सकते हैं जहां पानी की टैंकी होती है
03:23अब आपको बताते कि धंतेरस पर दीबदान का शुम मुहरत क्या है?
03:27तो धंतेरस इस बार 6 नुम बर को है
03:30धंतेरस पर दीबदान का प्रदोश शुम मुहरत
03:34शाम 5 बचकर 33 मिनट से लेकर रात 8 बचके 9 मिनट तक है
03:39यम दिपक जलाने का समय सूर्य अस्तिबार प्रदोश काल में
03:43शाम पांच बचकर 33 मेर से लेकर शाम छे बचकर 11 मेर के बीच में जला सकते हैं
03:49उमीद करते हूं आपको जानकारी पसंदा ही होगी
03:51फिलाने मारे इस वीडियो में इतना है वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सबस्क्राइब करना भूले