00:00अरे कौकरोज पार्टी वाले
00:02अंतर मंतर भे साड़े सासो लोग इज़के सितर के
00:04सुचता है कि मैं बहुत बड़ा हो गया
00:06उसे एक बार यहां ले के आ और बताओ धीर क्या होती है तर बता चाले है
00:11तारक महता के एक्स स्टार और देश की चहेते कभी
00:13शेलेश लोडा ने एक बार फिर अपने शब्दों के बाड़ों से सोचल मीडिया पर तहल का मचा दिया है
00:18लेकिन इस बार उनके निशाने पर कोई आम इंसान नहीं
00:21बलकि कौकरोज जन्ता पार्टी और मशूर सोचल मीडिया एक्टिविस्ट अभी जीत दिपके हैं
00:25जी हाँ लोडा जी ने ऐसा तीखा तंस कसा है कि इंटरनेट की जन्ता हेरान रह गई है
00:29आखिर ऐसा क्या कर दिया शेलेश लोडा ने चली आपको बताते हैं
00:32सबसे पहले बात करते हैं इस अनूखे नाम की कौकरोज जन्ता पारड़ी
00:36शेलेश लोड़ा ने राजमीती और विवस्था पर कटाक्ष करते हुए इस शब्द का इस्तमाल गया, उन्होंने कहा कि जैसे कौक्रोज
00:42हर गंदी नाली में सर्वाइब कर जाता है, पर माणू हमले में भी नहीं मरता है, वैसे ही आज के
00:46कुछ लोग और नेता हर परिस्तिती
00:49में पाला बदलने में माहिर है, लोड़ा जी की इस उप्मा को सुन का लोग अपनी हसी नहीं रोप पा
00:54रहे हैं, लेकिन इसके पीछे का दर्द बेहत गहरा है
01:23अरे कौकरोज पार्टी वाले, आगे वो हाथी ख़़ाया, सून में लगता कि ऐसा फैटेगा
01:34बात यहीं नहीं रोपी, इस पूरे मुद्धे में एंट्री होती है बिजीत दिपके की, जो सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक
01:40और अक्सर विवादित टिपनियों के लिए जाने जाते हैं
02:03चलेश रोड़ा ने अपनी बात को और धार देने के लिए चंद पंक्तियां भी कहीं जिनका सीधा इशारा इसी सोशल
02:08मीडिया वार की तरफ था
02:10तमाल करते हो याद, क्या चलना है इस देश्के लेकिन वो एक आद ये देखो बिचारा बला आज है नकली
02:16पाढ़िया मेंट मेंट बनाईगी बहुत मेहनत थी है उसमें भी प्रदान मंतरी नहीं बन पाया
02:39इस बयान के बाद से इंटरनेट पर कॉमेंट्स की बाढ़ा आ गई
02:42लोग कह रहें कि कविराज ने आज बिना गाली दिये ही पूरा सिस्टम हिला दिया एक यूजर ने लिका भाई
02:47मज़ा आ गया बहुत खोब
02:48एक और यूजर लिखते हैं यहां तो नहीं है ना कोई कॉक्रोज और वैसे भी अब दिवाली की साफसफाई में
02:54सारे कॉक्रोज निफटाए जाएंगे
02:55तो नई पुड़ी के लोग जो स्टैंट अप कमेड़ी के नाम पे फूरता पे हसते हैं
03:00और परिवार के साथ बैठके परिवार का ही अफमान करवा के फूब प्रसंद होते हैं
03:06उन्हें जगा यहां लाके बताओ जब चार पंजियां कहता हूँ कि हम साथारां से धर्के पुत्र हम मेना हीरे जड़े
03:16हुए हैं
03:20गौरवे इस बाप का भाशा की छाया में बड़े हुए हैं
03:23इसलिए संस्तिती की धर्की पर भाव लेकर आड़े हुए हैं
03:27गाली से ताली नहीं चाहिए तलता लेके खड़े हुए हैं
03:30वाँ वाँ वाँ वाँ वाँ वाँ वाँ वाँ
03:34फिलाज शरेश लोड़ा का ये वीडियो तेजी से वैरल हो रहा है
03:37आप क्या कहना चाहेंगे कॉमेंट सेक्शन में हमें लिग कर ज़रूर बताएं
03:40वीडियो को लाइक करें शरे करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल न भूलें
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