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Upload date: 15/01/25

उत्तर प्रदेश के ज़िला शामली के गाँव एलम में 12 जनवरी 2025 को प्रसिद्ध प्रगतिशील कवि शमशेर बहादुर सिंह के अपने ही गांव एलम में ’काल, तुझसे होड मेरी‘ के रूप में युवा संवाद कार्यक्रम किया। जिसमें पत्रकार और शायर पंकज श्रीवास्तव ने अपनी कविताओं से सम्बोधन किया।
CCA की रिपोर्ट।

टीम – शाकिब यामीन रंगरेज, मौ सावेज़ चौहान, विशाल स्टोनवॉल

On January 12, 2025, in Elam village of Shamli district, Uttar Pradesh, a youth dialogue program titled "Kaal, Tujhse Hodh Meri" was held in honour of renowned progressive poet Shamsher Bahadur Singh, organized in his hometown.

Journalist and poet Pankaj Srivastava addressed the gathering with his poetry, captivating the audience.


Crew - Shakib Yameen Rangrezz, Mohd Savez Chauhan, Vishal Stonewall,

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#uttarpradesh #shamshersingh #poetry #shamli #paschimup #kavita #struggle

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00:00CCA की और वीडियोज देखने के लिए सब्सक्राइब करें और बेल आइकॉन को दबाएं
00:30देखी लूटने वालों की ऐसी कारीगरी देखी लूट मेहनत की थी जहन की और भारी थी राद दिन काटती सच
00:38को जूट की कटारी थी ये कटारी हर हाथ में पकड़ने का इंतजाम हुआ जिसने घोपा इसे सीनी में उसी
00:45का नाम हुआ
00:46ओ भगत सिंग दीवाने तो राम खुदा ना माने परसंसत पहुच गए जो निकले दंगा करवाने बहरे फिर से सुने
01:03धमाका करो लड़ाई पूरी क्योंकि ये चोरो का राज है
01:11ये चोरो का राज लुटेरो का राज है खून पिने वालों कि सिर सजाताज है
01:17जिनके गर में उस बैठा है अंदार आक्षास परवश्ता का
01:28जो दुमियां पर आपोज उठाए रंचो गम से लड़ते हैं जो अपनी राए आप बना परवत की चोटी जड़ते हैं
01:46हालत हम सब की खस्ता है देखो तो
01:51हालत हम सब की खस्ता है देखो तो इस पर भी राजा हस्ता है देखो तो
02:00हालत हम सब की खस्ता है देखो तो इस पर भी राजा हस्ता है देखो तो
02:07उनके करहें कमल रिजहने आए हैं, खून में डूबा गुल दस्ता है, देखो तो,
02:29महगाई बे असर विधायक मंडी में, इमान वहां कितना सस्ता है, देखो तो,
02:44बच्चों वाला खेल कहां है अब बच्पन, आठ किलो का तो बस्ता है, देखो तो,
02:54आठ किलो का तो बस्ता है, देखो तो, और प्यार किया, तो जाती क्या, और मजहब क्या,
03:07कौन वहां चाकू भिस्ता है, देखो तो, और जहां जवानों को नकसल कहके मार दिया,
03:23वहीं जमीनों में जस्ता है, देखो तो, रात घनेरी, गुफा अंधेरी, देश फसा,
03:42फिर भी बाएं एक रस्ता है, देखो तो, और साथियो, अभी नया साल आया है, पुराना साल गुजरा है,
03:55पुराने साल की ओर से मैं कुछ लाइने आपके सामने पेश कर रहा हूँ,
04:01मैं हूँ 21 सदी का एक और बीता हुआ साल, यानि तूटी उमीदों का एक डूबा हुआ ख्याल,
04:14मैं गवा हूँ हिंदोस्ता की हालत का, रंग गिर्गिट का दिखाती हुई सियासत का, उचले परदे में छिपे सियास सब
04:21लबादों का,
04:23मैं हूँ 21 सदी का एक और बीता हुआ साल, यानि तूटी उमीदों का एक डूबा ख्याल, मैं गवा हूँ,
04:31हिंदोस्ता की हालत का, रंग गिर्गिट का दिखाती हुई सियासत का, उचले परदे में छिपे सियास सब लबादों का,
04:37मैंने देखा है दहशत का खौफनाग मनजर, पानी की तरह बहता खून सडकों पर, जिस्प को चितला बनाते बारूदी दिमाग,
04:50दिल को चीरती चीखे और भरती आग,
04:53मैंने देखा है हिमाले को जार जार रूते, उनके आंसू से लबालब हुई नदियों का कहर,
04:59मैंने देखा है दहशत का खौफनाग मनजर, देखा भड़ी पे पसीने में तर बतर बच्चे, गब रोजी पे नुशावर जवानी
05:09की कसक, तेज रफ़तारी का दम निकालती मंदी, साए साए करती लेबर चौराहे की सडक, और देखा है खेतों पे
05:17कलपते देखा,
05:21देखा भड़ी पे पसीने में तर बतर बच्चे, गब रोजी पे नुशावर जवानी की कसक, तेज रफ़तारी कदम निकालती मंदी,
05:30साए साए करती लेबर चौराहे की सडक, और देखा है खेतों पे कलपते देखा, अपने हाथों से जलाते हुए अपनी
05:37ही फसल, बात कीम
05:52पर उनकी कहां कीमत थी, सारी मेहनत का मुआफ़ा फक्त जिल्लत थी, जब सोचा की राजधानी चले, करे कुछ हिसाब,
06:02जब सोचा,
06:07जब सोचा की राजधानी चले, करे कुछ हिसाब, सडक पर ठोकी गई कीले छितराए खवाब, वही तूटे हुए खवाबों की
06:21सौदागरी देखी, लूटने वालों की ऐसी कारीगरी देखी,
06:32लूट मेहनत की थी, जहन की और भारी थी, राग दिन काटती सचको जूट की कटारी थी, ये कटारी हर
06:40हाथ में पकड़ने का इंतजाम हुआ, जसने घोपा इसे सीड़ी में, उसी का नाम हुआ।
06:52लोग के रास्ते जाती थी जो एक डगर, टिकट पर लोग का काटते बैठे, वहीं घड़ियाल मगर, और जब फैराई
07:05गई आसमा में धर्न धोजा, जहर में धूबे, उसी अनुपात में धर्ती के नगर।
07:12लोग के रास्ते जाती थी, जो एक डगर, टिकट पर लोग का काटते बैठे, वहीं घड़ियाल मगर, और जब फैराई
07:20गई आसमा में धर्न धोजा, जहर में धूबे, उसी अनुपात में धर्ती के नगर, तमाम किस्सों को सीने में दबाए
07:27जाता हूँ, गया वक्त हूँ,
07:29तो फिर कहां से आऊंगा, अलविदा कहता हूँ पर भूल नहीं पाऊंगा, अरे उठो, उठो उठो यह उदासी कैसी, नजूबी
07:38देखो फिर बिल से निकल आए हैं, बमों पे बैठे हैं, मुस्तक्बिल हरा बताए हैं, कोई टीवी पे, कोई च्छा
07:46गया अखबारों में,
07:47चमक चोले में और हीरा जड़े हारों में, बहलाने वाले वही किस से फिर दोहराए हैं, हसो हसो की लतीवा
07:55बड़ा सुनाए हैं, फिर वही नाजिर, वही मन्जर, फिर, फिर वही नाजिर है, वही मन्जर, फिर, सुने मैने भी थी,
08:03सुने मैने भी थे जब आया था उठाए स
08:06but I can't do that
08:09I can't do that
08:09I can't do that
08:11I can't do that
08:12I can't do that
08:13I can't do that
08:15who has come to be
08:16where he will go
08:20to the end
08:23this is why
08:26listen to
08:2710 to 10
08:2810
08:2910
08:3010
08:3110
08:3210
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09:35Oh, Bhagat Singh, diva ne, azadhi ke parvane,
09:42Oh, Bhagat Singh, diva ne, azadhi ke parvane,
09:47Tira hind pukare tujko, tira hind pukare tujko,
09:52A, inqalab, semjhane, a, inqalab, semjhane,
09:58Le angraai, ek bár, phir, le angraai, ek bár, phir, karo, ladaai,
10:04Puri kyao ki, ye, čooro ka raja hai,
10:08Ye, čooro ka raja hai, lutero ka raja hai,
10:11Khun pide walon ke sir sajata hai,
10:13Choro ka raja hai, lutero ka raja hai,
10:16Khun pide walon ke sir sajata hai,
10:18O, Bhagat Singh, diva ne, tuu lal phare raja ne,
10:24O, Bhagat Singh, diva ne, tuu lal phare raja ne,
10:29Tieri murat gađne wale, tieri murat gađne wale,
10:34Tieri surat lage chhipane, tieri surat lage chhipane,
10:39U'tha ke paracham, ek bár, phir, karo, ladaai,
10:46Puri kyao ki, ye, čooro ka raja hai,
10:49Ye, čooro ka raja hai, lutero ka raja hai,
10:52Khun pide walon ke sir sajata hai,
10:56O, Bhagat Singh, diva ne,
10:58Ja, baaz baaz ba'de musta ne,
11:01O, Bhagat Singh, diva ne,
11:03Ja, baaz ba'de musta ne,
11:06Tujhe suli dhenne wale,
11:08Tujhe suli dhenne wale,
11:11Jutte jal-jungle hathiyane,
11:13Jutte jal-jungle hathiyane,
11:15Har jawaan ke dhil mein dhađko,
11:18Har jawaan ke dhil mein dhađko,
11:21Karo ladaai,
11:22Puri kyao ki,
11:24Ye, čooro ka raja hai,
11:26Ye, čooro ka raja hai,
11:28Lutero ka raja hai,
11:29Khun pide walon ke sir sajata hai,
11:32Ye, čooro ka raja hai,
11:34Lutero ka raja hai,
11:35Khun pide walon ke sir sajata hai,
11:38O, Bhagat Singh, diva ne,
11:41Tujhe rama khuda na maane,
11:43O, Bhagat Singh, diva ne,
11:45To, Rama khuda na maane,
11:48Parasan sad pahunch gaya jo,
11:50Parasan sad pahunch gaya jo,
11:53Niklye dhangga karwane,
11:55Niklye dhangga karwane,
11:58Bheer e phir se sune dhama ka,
12:01Bheer e phir se sune dhama ka,
12:03Karo ladaai,
12:05Puri kyao ki,
12:06Ye, čooro ka raja hai,
12:08O, E,
12:09Ye, čooro ka raja,
12:10Lutero ka raja hai,
12:11Khun pide walon ke sir sajata is hai,
12:14चोरो का राज है लुटेरो का राज है
12:17ओ भगत सिंग दीवाने फिर गा समता के गाने
12:27ओ भगत सिंग दीवाने गाए समता का गाने
12:32परभेद का रोग बढ़ाके कुरसी ले गए सयाने
12:42सारे फ्रक मिटाने वाली करो लड़ाई
12:49पूरी क्योंकि ये चोरो का राज है लुटेरो का राज है
12:55खुन पीने वालों के सिर सजाता जै
12:58Choro ka raja hai, lutero ka raja hai,
13:01un pinae waalong ke sir sajata hai.
13:03Shukriya.
13:08Waah.

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