00:00चुन्ना भाई की कहानी सुनेंगे?
00:02चुन्ना भाई आठवी तक आख ऐसे गई ये कोई नहीं जानता था
00:05क्योंकि उनको स्कूल में भी बहुत कम देखा गया
00:08किताबें उनके पास होती नहीं थी
00:10होती थी तो बेच खाते थे
00:12और जब स्कूल आते थे
00:13उस दिन भूचाल आ जाता था
00:15तो जब परिक्षा का दिन आया करे
00:17तो पूरी कक्षा व्यस्त दिखाई दे
00:20तनाव में दिखाई दे
00:22परिक्षा के दिन
00:24लोग परिक्षा भवन से बाहर निकलें
00:26तो किसी के चहरे पर मुस्कुराहट है
00:28कोई थोड़ा सा परेशान हो रहा है कि कुछ और अच्छा कर सकता था कर नहीं पाया चुन्ना भाई बाहर
00:34निकलकर जोर से अटहास करें और जितना वो परिक्षाओं के दिनों में पूदें नाचें मजाक करें उसकी कोई सीमा नहीं
00:45अगर सौ नंबर की परिक्षा में पांच ह
00:58दिख करके आए हैं तो उस दिन तो समा दे आज वो दिन है जिससे सावित हो गया ना कि
01:04मैं ये परिक्षा देने के काबिल ही नहीं हूँ मैं इसी बात पर नाचूंगा मजे मनाऊंगा हम में से अधिकान्श
01:11लोग जो उत्सव मनाते हैं और चुन्ना भाई की तरह ही मनाते है
01:14राम के दिन हम इस बात का उत्सव मनाते हैं कि साल भर हम राम की तरह बिलकुल नहीं जिये
01:21आज श्री राम का पर्व है साल भर हमने राम में जीवन जिया है क्या लेकिन आज हम कितनी खुशी
01:30दिखाएंगे अरे आज परीक्षा का दिन है आज खुशी मनाने का पूरा अधि
01:37लेकिन किनको परीक्षा के दिन कौन होते हैं, जो आनंदित नजर आते हैं, जिसने नियाय किया हो पाठ्ठे करम के
01:47साथ, उसे पूरा आज equal कい कि दिन कहें कि आज त्योहार है मेरा, हमने साल भर श्री राम के
01:55साथ नैय करा है, पर हम चुण्णा भाई की तरह आज खूब धूम
01:59मचाएंगे किस बात की यह पता नहीं हो देखिए बाहर मच रही है दूम त्योहार हुड़दंग का लाइसेंस नहीं होते
02:11ना खरीदारी शॉपिंग सेल डिसकाउंट का तमाशा होते हैं त्योहार परीक्षा का दिन होते हैं उस दिन जाचना होता है
02:22कि साल भर मिला था मुझे
02:24इस त्योहार के लिए दो तेहारों के पीछ ठीक एक वर्ष मिलता है न यह मैं इसलिए कह रहा हूँ
02:29ताकि आज से ही अगली दिवाली की तयारियां शुरू हो जाएं यह वाली तो जैसी है तो है पर अगली
02:40वाली सच्ची होनी चाहिए अगली दिवाली पर अधिकार के साथ
02:44कहें कि हां मुझमें पात्रता है श्री राम का परो मनाने की