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पूरा वीडियो: NCW Podcast | "Woman Is a Human Being First" | Acharya Prashant | Philosopher & Author

वीडियो लिंक: https://youtu.be/PBaUfG4xs5Y?si=V6YWSfJJ3iMn9DF-

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वीडियो जानकारी: 26.05.2022, NCW Podcast

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Transcript
00:00प्रक्रतिने मनुष्यों में जन्म के समय आम तोर पर दो लिंग निर्धारित करें हैं तो जो भी मनुष्य पैदा होगा
00:09संभावना यही है कि वो इन्हीं दो लिंगों में से इसी एक में से होगा
00:14पर आप किस लिंग के है ये आपकी केंद्री परिभाशा एकदम नहीं हो सकती
00:23तो इसलिए मैं बार-बार कहा करता हूँ महिलाओं को कि
00:30महिला अपने आपको कहना आप कम करिये आप मनुष्य हैं
00:35महिला का शरीर है पर मनुष्य की चेतना है
00:39हमारे यहाँ पर महिलाओं भी थोड़ा सा चौप जाती है
00:44जो हम कई बार भाशा में भी इस तरह का प्रयोग करते हैं
00:49कि एक व्यक्ति जा रही थी एक मनुष्य जा रही थी
00:54क्योंकि जब आप मनुष्य कहते हैं
00:56तो अनिवारे तह आपके मन में छवी किसी पुरुष की ही कौन होती है
01:01तो इसलिए हम सिर्फ बोल्चार में नहीं लिखित में भी अपनी परिक्षाएं अगर होती है
01:06तो उसमें प्रश्य ऐसे दे देते हैं
01:21यह बात बस भाशागत नहीं है यह मनोगत है यह संसकारगत है
01:25इससे पता चलता है कि हमने महिला को मनुष्य की तरह देखा ही नहीं है
01:32आपचारिक तोर पर हम भले ही बोल दें कि मनुष्य है
01:35पर कहीने कहीं हम कहते हैं कि मनुष्य बाद में महिला पहले है
01:38मैं कहता हूँ कि शरीर
01:41तो सायोंगे होता है भई
01:42क्रोमोसोमस हमारे हाथ में तो होते नहीं
01:45लेकिन जब बाद आती है
01:47मनुष्यता की
01:48तो मनुष्य को परिभाशित करती है
01:50उसकी चेतना
01:52पशुओं को आप फिर भी क्या सकते हैं
01:53के शरीर से परिभाशित किया जा सकता है
01:56पर मनुष्य को तो उसकी
01:58चेतना की कारण हम मनुष्य कहते हैं
02:01तो चेतना तो
02:02इस तरी पुरुष में एक समान है

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