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CDS राजा सुब्रमणि ने गिनाई वॉर फ्रंट की चुनौतियां, 6 मुख्य बिंदुओं के जरिए रखी अपनी बात

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00:00सुरक्षा सभा में आप सबका बहुत-बहुत स्वागत है नमस्कार जैहिंद मेरा नाम श्वेता सिंग है और दिन भर आज
00:07अलग-अलग सत्र युद्ध पर, कॉन्फिक्ट पर, अपने देश की सेनाओ पर हम आपको आपके लिए लेकर आते रहेंगे
00:20लेकिन आज का जो सुरक्षा सभा हम पहले से इस सुरक्षा सभा को कर रहे हैं लेकिन आज का सुरक्षा
00:25सभा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है तालियों के साथ हमारे विशिष्ट अतितियों का स्वागत कीजे आज यहाँ पर
00:36हम दीप प्रज्वलन के साथ ही शुरुआत करेंगे अपनी संस्कृति अपने संस्कारों अपनी सेन्य पर अंपराओं को ध्यान में रखते
00:42हुए और परिचह मैं अपने विशिष्ट अतितियों से आपका करवाती हूं वर्तमान की चुनोतियों का मुकाबला करने के लिए �
00:48जो जल थल नब सेनाय हैं उन सबका एक साथ एक लए में काम करना अनिवार्य होता है भारत की
00:59इसी जॉइंटनिस इसी सेन्य आधुनी की करण के मिशिन की कमान सम्हाली हुई है हमारे सर्वोच्च सेन्य अधिकारी सुरक्षा सभा
01:08में हमारी लिए बेहत गर्व का खशन है कि
01:11हमारे चीफ ओफ डिफेंस स्टाफ जेनरल एनिस राजा सुब्रमनी हमारे साथ हैं तालियों के साथ उनका स्वागत कीजिए चार दशकों
01:19का गहन मैदानी और रणनीते का नुभव उनके पास है सीमाओं पर स्ट्राइक कोर की कमान हो तीनों सेनाओं को
01:26एक सूत्र में पिरो
01:41उनकी करण के मिशन का नेत्रित्व कर रहे हैं परम विशिष्ट सेवा मेदल अति विशिष्ट सेवा मेदल सेना मेदल और
01:49विशिष्ट सेवा मेदल से समानित देश के चीफ ओफ डिफेंस स्टाफ जेनरल एनिस राजा सुब्रमनी बहुत-बहुत स्वागत है सर
01:57आपका सु
02:10प्रभुता की रक्षा करने का चार दशक का लंबा आनुभव है परम विशिष्ट सेवा मिडल अति विशिष्ट सेवा मिडल वायू
02:18सेना मिडल विशिष्ट सेवा मिडल से अलंकृत एक उतक्रिष्ट एक्सपरिमेंटल टेस्ट पाइलेट फाइटर कॉम्बाट लीडर जिन
02:38के साथ स्वागत कीजिए वायू सेना उप्रमुक ए माशल आशुतोष दीख्षित का इनके साथ ही मीडिया जगत की एक ऐसी
02:48अग्रणी और दूरदर्शी लीडर जिन्होंने भारतिय पत्रकारता और डिजिटल मीडिया को एक नया आयाम दिया है इंडिया टुडे ग्रूप क
03:08हम सबको न्यूज मीटिंग में याद दिलाती हैं कि देश हित में काम करना है कलिपूरी जी आप तीनों का
03:16बहुत-बहुत स्वागत है और सबसे पहले मैं आग्रह करूंगी कि हम दीप प्रज्वलन के साथ सर शुरुवात करें आज
03:23के कारिक्रम की
03:55और ओपनिंग अड्रेस के लिए उस उद्भूधन के लिए जिसके साथ आज पूरे दिन के हर सत्र का अजंडा तै
04:01होने वाला है उसके लिए मैं आग्रह करूंगी
04:04चीफ अफ डिफेंस स्टाफ जेरल सुब्रमानी से की वो हम सब को संबोधित करें
04:20जैहिन जैहिन नमशकार और जैहिन
04:26मिस्स पूरी एर मार्शल अश्टोष दिक्षित यहां उपस्ते डिस्टिंगुश गैस और बच्चों
04:36मुझे आज आज तक के सुरक्षा सबा में आने पर बहुत गर्व है
04:41आज हम एक बहुत ही इंपोर्टन टॉपिक के बारे में बात करने वाले हैं
04:46आज के समय में ऐसा मंच और भी महत्वपूर्ण है
04:52क्योंकि डिफेंस या नैशनल सेक्यूरिटी सिर्फ आम्ड फोर्सस का ही जिम्मेवारी नहीं है
04:59बलकि आज नैशनल सेक्यूरिटी में सरकार, उद्योग, टेक्नोलोजी कम्यूनिटी, अकेडिमिया और पूरे समाज की भूमिका है
05:14आज हमारे आसपास का सेक्यूरिटी वातावरण जो है बहुत तेजी से और रफ्तार से बदल रहा है
05:22खत्रे का स्वरूप बदल रहा है, टेक्नोलोजी की रफ्तार बढ़ती जा रही है और बैटल फील्ड की सीमाएं भी बढ़ती
05:33जा रही है
05:35इसलिए अगर खत्रा बदल रहा है तो हमारी तैयारी का तरीका भी बदलना चाहिए
05:45आज मैं अपनी बात को छे मुक्यों विचारों के द्वारा आपके सामने प्रस्तुत करूँगा
05:52सबसे पहले युद्ध और कॉन्फलिक्ट का बदलता स्वरूप
05:58दूसरा बैटल फील्ड की बढ़ती ट्रांसपरेंसी यानी पारदर्शिता
06:05तीसरा जॉइंटनेस का लेवल सिर्फ कोडिनेशन से आगे ले जाकर जन्यूनली इंटिगरेटेड मल्टी डोमेन ओपरेशन्स तक जाना
06:18चौता विक्सित भारत के साथ उबरने वाली नाशनल सेकुरिटी चैलेंजस और नाशनल सेकुरिटी की बदलती जोगरफी
06:30पांचमा रेजिलियन्स और टेक्नोलिजिकल सेल्फ रलाइंस
06:36इसमें डिफेंस फोर्सस के साथ अकैडमिया, MSMEs, स्टार्टप्स और प्राइवेट इंडिस्ट्री की साजेदारी
06:46और अंत में कॉंपेटिशन से कॉंफलिक्ट के पूरे स्पेक्ट्रम में भारत की प्रिपेरेडनेस
06:53यानि सिर्फ युद लड़ने की ही नहीं, बलकि उसको शेप करने की, डिटर करने की और सिटुएशन्स को रेस्पॉंड और
07:05प्रिवेल करने की तैयारी करना
07:07इन शे बातों पर मैं बात करूँगा
07:10सबसे पहले युद का बदलता सुरूप
07:16युद अब केवल एक घटना ही नहीं रहा है, बलकि यह एक कंटिनियम बन कर रह चुका है
07:23शान्ती और युद के बीच की रेका और कन्वेंशनल और नॉन कन्वेंशनल कॉन्फिलिट के बीच का जो गैप है, वो
07:34लगातार धुनला होता जा रहा है
07:36आज competition कई स्वरूप में सामने आ रहा है, चाए economic pressure हो, technological denial हो, cyber activity हो, information
07:47operations हो, maritime coercion, proxy operations या public perception को प्रभावित करना हो
07:56यह सभी competition के हिस्सा है, और यह सब बिना conventional conflict की सीमा को पार किये भी हो सकता
08:06है, यह आज grey zone की सबसे बड़ी चुनावती है
08:10साथ ही technology का democratization भी इस पूरे equation को बदल रहा है
08:18पहले हम सोचते थे की technology सिर्फ state actors का province है, लेकिन आज cheaper technology जैसे drones वगर हर
08:29एक non-state actor के पास भी है
08:32और यह conflict को democratize कर रहा है
08:36टेकनोलोजी अब कुछ, सिर्फ कुछ चुनिंदा technological nations के पास यह नहीं, बलकि सभी को उपलब्ध है
08:45यह जो हम इरान-U.S. conflict में भी देख रहे हैं
08:48असली advantage उसी को मिलेगा, जो technology को सबसे तेज और सबसे प्रभावी तरीके से operational advantage के लिए इस्तिमाल
09:02करेगा
09:02यह बहुत ज़रूरी है. Technology अपने आप में सिर्फ एक माध्यम है
09:07उस माध्यम को कैसे हम use करते हैं, कैसे हम अपने operational capability को बढ़ाते हैं, वो ज़्यादा ज़रूरी है
09:17Information superiority से decision superiority तक
09:22दूसरा, बड़ा बदलाव है battlefield की पारदर्शिता, यानि transparency
09:28Space-based surveillance, unmanned sensors, open source information और networked intelligence अब छुपने को या concealment को बहुत ही difficult
09:42बना रहे हैं
09:43साथ ही sensor to shooter cycle का जो time है लगातार compress होता जा रहा है
09:50पहले जमाने में देखना और उस पर action लेना घंटों में count किया जाता था
09:57अब Ukraine-Russia conflict में sensor to shooter time minutes में count होता है
10:06इसलिए environment में उसी को advantage मिलेगा जो सबसे पहले sense करेगा मतलब सबसे पहले देखेगा
10:15उसके बाद सबसे पहले समझेगा कि मैं क्या देख रहा हूँ
10:20उसके बाद decide करेगा और साथ साथ उस पर act करेगा
10:25ये sensor to shooter cycle बहुत ज़रूरी है
10:29इसके लिए ज़रूरी है कि हम artificial intelligence का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तमाल करें
10:35और artificial intelligence इस्तमाल करने के लिए ज़रूरी है कि हमारे networks, हमारे data जो हैं ठीक हों
10:43ताकि उस पर हम algorithm चला कर decision को जल्दी से जल्दी ले सके
10:49आज information की कमी नहीं है
10:53जो commander ये पहचान सके कि कौन सा information महत्वपूर्ण है
10:59कौन सा information वो नजरंदास कर सकता है
11:03और कौन सा decision और कब उसको वो जरूरी decision लेना है
11:09वही commander सफल होगा
11:12इसी लिए technology का असली महत्वप यह नहीं है कि हम कितना दूर देख सके
11:19technology का महत्वप यह है कि हम जो हम देख रहे हैं
11:24उसको कैसे ठीक तरह से समझ सके
11:28और उस समझ पर किस प्रकार से ठीक तरह से decision ले सके
11:33और decision लेने के बाद जिन लोगों ने उस decision पर act करना है
11:39उनको जल्दी से जल्दी communicate कर सके ताकि वो इस decision को ले सके
11:45यह technology और battlefield transparency का महत्वप को दर्शाता है
11:52तीसरा, jointness, coordination से integration तक
11:57भविश्य का battlefield जो है land, maritime, air, space, cyber और electronic warfare में अलग से अलग बाटा नहीं जा
12:10सकता
12:11कोई naval operations में आपको space situational awareness की जरुरत होगी
12:17उसी प्रकार से air operations में आपको cyber और electronic magnetic effects की जरुरत होगी
12:24उसी प्रकार से land operations में आपको air support की जरुरत होगी
12:29unmanned systems की जरुरत होगी और electronic warfare की जरुरत होगी
12:35इसलिए jointness का मतलब केवल services के बीच में coordination नहीं है
12:42jointness का मतलब है हर service एक साथ multi domain operation में काम कर सके
12:50मतलब एक space या एक domain का effect दूसरे domain में seamlessly coordinate हम कर सके
12:58इसलिए हमें अपने force structure को देखने का नजरिया बदलना होगा
13:06हमें platform centric से capability centric की तरफ जाना होगा
13:11singular system से system of systems की तरफ जाना होगा
13:17हमने platforms नहीं बलकि इन platforms को networks करके उनका effects पर ध्यान देना होगा
13:25हर platform एक system में एक node है उसका strength तभी होगा
13:31जब वो बाकी node से connect होकर सारे systems का effect एक साथ हम ला सके
13:38यह jointness और multi domain operations बहुत बादा जरूरी है
13:43और interoperable capabilities के लिए ज़रूर यह है interoperable human resources
13:50अब हमारे human resources को technology लिए capable होना होगा
13:56उनको समझना होगा कि दूसरे services में कैसे operate करना है
14:00उनको equipment operate करना और एक दूसरे के साथ
14:05ताल मेल से और समन वैसे काम करना होगा
14:09तभी हम पूरा हमारा operational efforts को अच्छे डंग से ला पाएंगे
14:14इसलिए jointness, integration और multi domain operations बहुत ही एहम है
14:22यह सिर्फ word नहीं है, यह वाक्य नहीं है, बलकि एक operational imperative है
14:31अब मैं हाली के conflicts के कुछ सबक के बारे में बताना चाहूंगा
14:37हाली के conflicts ने कुछ पुराने सत्यों को फिर सही साबित किया है
14:44और कुछ नए कमजोरियों को भी और नए lessons को भी सामने लाया है
14:50पहला है, अब कोई sanctuary नहीं है
14:54चाहे fixed basis हो, force concentrations हो, logistic nodes हो और critical infrastructure हो
15:01कहीं पर भी हो वो target किये जा सकते हैं
15:05पहला battlefield सिर्फ front में और depth में होता था
15:10range 30 km, 40 km
15:13आज का battlefield, front, depth और पूरा rear nation rear में होगा
15:20हर एक इनसान को इस लड़ाई में शामिल होना होगा
15:24आप Ukraine रश्या में देखिये, range 2000, 3000, 4000 km तक जा रहा है
15:31कोई भी सुरक्षित नहीं है
15:33चाहे वो Amazon या Wildberries का जो है warehouse हो, store हो, petroleum depot हो, ports हो या air bases
15:44हो
15:44दूसरा, drones, missiles और precision weapons के proliferation से attack और defense का equation बदलता जा रहा है
15:57इसलिए military और critical national infrastructure का protection बहुत ही ज़्यादा जरूरी है
16:05इसमें हमारे मानिय प्रदान मंत्री ने भी operation सुदर्शन चक्र का गोशना किया है
16:12जो की जरूरी है कि हमारे सारे बोथ military और critical national infrastructure को जो है protect कर सके
16:22तीसरा, logistics और industrial capacity भी आज पैटल स्पेस का हिस्सा है
16:30कोई भी military उतने समय तक ही लड़ सकती है जब तक ही उसके पास logistics शमता हो
16:38इसलिए national resilience बहुत ज़्यादा जरूरी है
16:42चौता, technology ने manpower को irrelevant नहीं बनाया है
16:48बलकि technologically trained और capable manpower और भी ज़्यादा जरूरी है
16:55हमारा मतलब सिर्फ technology यूज नहीं करना है
16:59हमारा मतलब है या मकसद है इसकी technology से manpower को शहशक्त बनाना है
17:06ताकि हमारे पूरे armed forces और defense forces टेकनोलजी का इस्तमाल कर
17:12हमारी capability को बढ़ा सके
17:17सवाल man versus machine का नहीं है
17:20सवाल है machine से इंसान को शहशक्त बनाना
17:24finally maritime space की जिमेवारी
17:27आप अभी states of foremost में देख रहे हैं
17:31कि straits हो, ports हो, maritime spaces हो बहुत ज़्यादा जरूरी है
17:36और एक जगा का effect दूसरे जगा पर भी काफी ढंग से होगा
17:42इसलिए भारत को national security और maritime security और economic security को
17:48एक साथ देख कर चलना होगा
17:53अब मैं विक्सित भारत के बदलता हुआ security landscape के बारे में बात करूँगा
17:59भारत का economy जैसे जैसे और develop होगा
18:03और हम विक्सित भारत 2047 पर जाएंगे
18:07अपने आप में एक ये नया security landscape खड़ा करेगा
18:12जैसे जैसे हमारा economy बढ़ेगा हमारे dependencies भी बढ़ेंगे
18:17dependencies बढ़ेंगे
18:19digital infrastructure पर, energy networks पर, ports पर, industrial clusters पर, semiconductor ecosystems पर, financial networks पर, communication networks पर
18:31और space based infrastructure पर
18:34ये मैं कुछी चीजों का उधारन दे रहा हूं ये बात बताने के लिए कि economic strength और national security
18:41एक साथ जुड़े हुए हैं
18:43ये जो कुछ मैंने बताए ये सिर्फ economic assets नहीं बलकि strategic assets हैं
18:50इसके साथ national security की geography भी बढ़ती जा रही है
18:55सुरक्षा अब सिर्फ borders तक सीमित नहीं है
19:00सुरक्षा अब ज़रूरी है
19:01हमारे networks, supply chains, infrastructure, technology और cognitive space भी हमारे सुरक्षा में शामिल है
19:11critical infrastructure पर cyber attack, financial networks पर attack
19:16या communications में interference या information warfare
19:20ये सब conventional attack के बिना भी national security को compromise कर सकते हैं
19:28इसलिए विक्सित भारत को resilient भारत बनना होगा
19:33विकास और सुरक्षा को साथ साथ बढ़ना होगा
19:39अब मैं resilience और technological security के बारे में बात करना चाहता हूँगी
19:45ये दोनों एक ही पहलू के दो हिस्सा है
19:48हम अकसर preparedness को capabilities की तरफ से मापते हैं
19:55लेकिन prolonged context में वही nation survive करेगा
20:00जो की shock को absorb कर जल्दी recover कर और functioning को continue करता रहेगा
20:08इसलिए हमें खुच से पूछना होगा
20:12हमारे forces degraded networks के बिना
20:16critical systems disruptions के बावजूद क्या function कर सकते हैं
20:23क्या हम अपने equipment का conflict में भी repair और replenish कर सकते हैं
20:31क्या हमारे supply networks function कर सकते हैं और क्या हमारी industry जरूरत पूरा करने के लिए
20:39जल्दी से अपने आप को upscale कर सकती है
20:43resilience को crisis के समय upscale नहीं किया जा सकता
20:49यह हमारे design में होना चाहिए
20:51इसी तरह defense में आत्म निबरता का मतलब है
20:56कि हम अपना ज्यादा से ज्यादा equipment और critical supply chain जो है
21:02खुद बनाएं और इसका उदेश्य है कि critical technologies और capabilities में
21:08हम strategic autonomy हासिल करें
21:12आत्म निबरता का अर्थ है strategic choices में autonomy और technology और capability में resilience
21:27अब मैं cognitive domain और whole of nation approach के बारे में बात करना चाहूंगा
21:34जिसका cognitive domain का आज विशेश महत्व है
21:39adversary का उदेश्य सिर्फ अब हमारी capability को destroy करना नहीं है
21:46उसका उदेश्य है कि हमें प्रभावित करें
21:51किस तरह से हम क्या देखते हैं उससे क्या समझते हैं और किस तरह respond करते हैं
21:59information warfare doubt, confusion और polarization पैदा करके national security को effect करता है
22:08हमारा response strategy सिर्फ ज्यादा information देने से नहीं
22:13बलकि genuine information, speed और consistency के साथ
22:19और institutional trust बना कर उस information को देना जरूरी है
22:24इसमें defense forces का महत्वपूर्ण भाग है
22:29लेकिन whole of nation approach जरूर है
22:32इसका मतलब आज national security के लिए
22:35diplomatic, economic power, military capability, industrial capability
22:41और information influence ये सब जरूरी है
22:46ये ही whole of nation approach का सार है
22:52strategic spectrum में preparedness
22:55अब मैं इन सभी बातों जो छे पहली हैं पहलों मैंने बताये इन सभी बातों को एक साथ जोड़ना चाहूंगा
23:04भारत का strategic environment सीधे peace या conflict नहीं है
23:08ये एक continuum में है जो इसको की आज 5-6 से कहा जाता है
23:15इसका मतलब cooperation, coexistence, competition, coercion, crisis और conflict
23:23हमारी तयारी को इस पूरे spectrum के लिए होना चाहिए
23:28पहले हमने environment को shape करना है और अपने interest को protect करना है
23:36दूसरा competition बढ़ने पर coercion resist करने की हमारी शमता होनी चाहिए
23:43तीसरा, crisis के दौरान हम escalation control बनाये रखना होगा
23:49और leadership को multiple responses या multiple options देना होगा
23:55और अगर conflict unavoidable हो तो हमें इस प्रकार से काम करना होगा
24:01कि जीत हमारी हो
24:03इसलिए उदेश्य केवल युद लडने का नहीं है
24:08बलकि हर तरीके से उसके लिए तयार रहने का है
24:12उदेश्य है परिस्तितियों को shape करना
24:17deterrence बनाये रखना
24:19जुरुरत पढ़ने पर जवाब देना और विजई होना
24:29अगर मैं पूरी बात का सार दू तो मैं आपके सामने छे बदलाव रखना चाहता हूं
24:36जो मेरे विचार में भारत की भविश्य की तयारी को परिभाशित करते हैं
24:43सबसे पहले युद को एक इवेंट के रूप में न देखें
24:48बलकि पूरे स्पेक्ट्रम में कंटिनियूम के रूप में देखकर तयार रहें
24:55दूसरा, information superiority से decision superiority की तरफ हमें बढ़ना होगा
25:02इसके लिए AI, हमारे networks, हमारा human resource, हर चीज हमें तयार करना होगा
25:10तीसरा, platform centric से capability centric होना
25:14इसका मतलब system of system approach होना चाहिए ना की isolated approach
25:20चौता, single service dominated operations से हमें joint operations में बदलना होगा
25:28जिसके बारे में मैं already बता चुका हूँ
25:31पांचवा, vulnerability management से national resilience की और बढ़ना होगा
25:37हम सब को इस तयारी में contribute करना होगा
25:41जिसमें military, academia, startups और private industry सभी साजीदार होंगे
25:49और छटा, केवल wars लडने की तयारी करने के बजाए
25:55हमें आगे बढ़कर strategic environment को shape करना, aggression को deter करना, escalation को control करना और favorable outcomes को
26:06secure करना ज़रूरी है
26:08भविश्य के battlefield में निश्चित रूप से और अधिक technology का इस्तमाल होगा
26:16लेकिन जैसे मैंने पहले बताया, केवल technology ही परिनाम को साबित नहीं करेगा
26:25असली decisive advantage इस बात से आएगा कि जो nation technology को कितनी तेजी से capability में बदलता है
26:36capability को operational advantage में और operational advantage को strategic effect में बदल सकता है
26:45भारत के पास scale है, talent है, technology base है, economic ambition है
26:54और strategic weight है, हमें इन सभी strengthों को राश्री resilience, technological capacity
27:06और industrial strength के साथ एक coherent national security architecture और coherent national security तैयारी में बदलना होगा
27:18तभी हमारी जीत निश्चित है, जैहन
27:38मैं कलिपूरी जी से request करना चाहूंगी कि वो
27:42प्लीज, General Subramani और A. Marshal Deekshad को एक छोटा सा token of thanks दें
27:53झाल
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