00:00सत्य शरीर में जैसे stem cell होती है न वैसा होता है
00:03वो पहली कोशिका होती है जो मा के गर्भ में होती है
00:06आपकी जितनी भी कोशिका हैं वो सब उसी से निकली है
00:08असली मा वही है, the first cell, सत्य वो mother cell है
00:11जिसने उसका ध्यान कर लिया, उसकी आगे की घंजट बहुत कम हो जाती है
00:15क्रिश्न क्या है, सत्य है, सत्य माने मूल
00:18और अगर मूल सही है, तो बाकी सब जो मूल पत्तिया है वो अपने आप सही हो जाएंगे
00:23जिसने उसका खयाल नहीं करा, पचास और चीजों में लगा हुआ है
00:26प्रिश्न के मर्म से मतलब नहीं है, गीता को कह रहा है कि बिल्कुल सोने के सिंगहासन पर रखूँगा
00:31सोने का चौका बनवाँगा है, और उसको हीरों से जड़ूँगा
00:34और उस पर शीमत भगवत गीता की प्रति रखूँगा
00:36ये कोई तुमने अपराध नहीं कर दिया
00:38ये बात अगर विशुद्ध प्रेम में हो तो समझ में भी आती है
00:41पर गीता के मर्म से यदे मतलब नहीं, गीता कभी समझा नहीं
00:44और फिर तुम गीता को स्वर्ण जड़ेते रतन जड़ेते जगह पर रखो तो उसे क्या मिल जाएगा