00:00व्लॉग में कोई
00:01अपनी जिंदगी दिखाता है न अपना घर हो ग vert
00:13पूरे तरीके से
00:16जब आप
00:17खुद को ही अपनी जिंदगी की सचाही नहीं दिखा सकते
00:19तो वो आपको उसकी जिंदगी की सचाही क्यों दिखाएगा
00:22खास तोर पर अगर पती-पतनी का व्लॉग हो, तब तो बड़ा ही रासाता है, एक दम गरम मसाले की छौक लगी है, मैं तो कह रहा हूँ, अच्छी बात है जिन्दगी को देखो, इसको बोलते है आत्मग्यान, जो अपनी जिन्दगी को देखने रख जा उत्तर जाता है, जो
00:52घर का व्लॉग देख रहे हो, कहीं ऐसा तो नहीं कि अपने बीवी बच्चों से रिष्टा इतना बुरा है, कि उसी से बचने के लिए दूसरों के घर में क्या चल रहा है ये देख रहे हो,