00:12दक्षिन एश्या के राजनीती में इस वक्त एक ऐसा समीकरण बनता दिखाई दे रहा है जिस पर भारत की नजरे
00:18तिखना स्वाभाविक है
00:19एक तरफ भारत का पडोसी बांगलादेश और दूसरी तरफ पाकिस्तान, तुर्की और साउधी अरब के बीच तेजी से बढ़ता रणनीतिक
00:27सहयोग। सवाल सर्फ इतना नहीं है कि बांगलादेश किसके साथ खड़ा होगा।
00:31बड़ा सवाल ये है कि क्या दक्षिन एशिया और पश्चिम एशिया के बीच एक नया रणनीतिक नेटवर्क तयार हो रहा
00:38है क्योंकि 21 अगस्त को सामने आए बयान में बांगलादेश के विदेश मामलों के सलहकार हुमायू कबीर ने कहा कि
00:45धाका साउधी अरब, पाकिस्त
01:14अगस्त को मक्का में साउधी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने मक्का जॉइंट डिफेंस अग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किये।
01:30समझोते की सबसे एहम लाइन है, अगर इन तीन देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होता है, तो
01:36उसे तीनों पर हमला माना जाएगा। यही वज़ा है कि इसकी तुलना नेटों की सामुहिक सुरक्षा व्यवस्था से की जा
01:42रही है। हाला कि एक महत्वपूर्ण बात स
01:44समझना जरूरी है, यह समझोता अभी मेटों जैसा संस्थागत सैने गठ जोड नहीं है।
02:14अगर बांगलादेश भी किसी आर्थिक या रक्षा फ्रेमवर्क में इनके करीब आता है, तो इस समीकरन का भौगोलिक दायरा काफी
02:21बढ़ जाएगा। यही से भारत के लिए चिंता शुरू होती है। भारत और बांगलादेश के रिष्टे पहले ही कई मुद्धों
02:26पर सम
02:27अमवेदन शील दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में अगर धाका की रणनीतिक नस्दी की इसलामाबाद और अंकारा के साथ
02:33बढ़ती है तो नई दिल्ली के सामने सिर्फ कूटनीतिक चुनौती नहीं बलकि एक व्यापक रणनीतिक सवाल भी खड़ा हो सकता
02:39है। भारत की स�
02:41अमीन पर खिची सीमा तक सीमित नहीं है। बांगलादेश की भौगौलिक स्थिती बंगाल की खाड़ी के लिहाज से बेहद महत्वपूर
02:47है। समुद्री व्यापार, उर्जा आपूर्ती, बंदरगाह और हिंद महासागर की रणनीतिक गतिविध्यां इन सभी ने बांगल
03:07फ्रेमवर्क की बात की गई है। इसलिए ये कहना की कोई नया सैने गुड बन चुका है, फिलहाल अतिशयोकती होगी।
03:13बलकि बांगलादेश शायद अपने विकल बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यानि बांगलादेश फर्स्ट की नीती के तहत अलग-अलग
03:20शक्तियों क
03:35के तहत साउदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की पहले ही सामुहिक सुरक्षा और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सेहमत हो चुके हैं।
03:42अब सबसे बढ़ा सवाल यही है, क्या बांगलादेश सिर्फ अपने आर्थिक और कूटनीतिक विकल बढ़ा रहा है या फिर वो
03:48धीरे
03:48एक नए रणनीतिक नेटवर्क का हिस्सा बनने की तयारी कर रहा है। अगर यह केवल व्यापार तक सीमित रहता है,
03:54तो कहानी अलग होगी। लेकिन अगर आर्थिक रिष्टों के बाद रक्षा सहयोग भी जुडता है, तो इसका असर ढाका और
03:59दिल्ली के रिष्टों से कह
04:00आगे जाएगा। बंगाल की खाड़ी से लेकर हिंद महासागर तक और इसलिए आने वाले समय में सिव बांगलादेश के अगले
04:07फैसले पर नहीं, बलकि भारत की कूटनीतिक रणनीती पर भी पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
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