Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021

➖➖➖➖➖➖
वीडियो जानकारी: 20.06.2026, श्रीमद्भगवद्गीता सत्र (BG)

#acharyaprashant #respect #workplace #selfknowledge #socialpressure #ego #awareness #selfrespect #innerfreedom #spirituality

Category

📚
Learning
Transcript
00:00जितनी गालिया मैं खा रहा हूं तिनी खाई है किसी ने
00:04मैं गर्वर्मेंट टीचर हूँ
00:05तो अपनी डूटी, इन लोग की हेल्थ, एजुकेशन, फिर अपनी हेल्थ
00:10ये सब का सही से ये करती हूँ
00:12सब कुछ सही करने के बाद भी लोग थुरा नीचा देखते हैं
00:19लोग नीचा देखते हैं, लोग दबाओ बनाते हैं, लोग कुछ भी करें
00:24जितनी गालिया मैं खा रहा हूं उतनी खाई हैं किसी ने
00:27तो मैं क्या जवाब दूँ अपको
00:30मुझे डिप्रिशन हो गया कि लोग ये बोल रहे हैं, लोग वो बोल रहे हैं
00:34खलको आप ही बहार निकल जाओगी, आप ही मुझे गाली दोगी
00:36तो दे लो, तुम्हारा मुए
00:40क्या चाहते हैं लोग उसे, क्या मिल जायगा उनसे, क्या चाहिए, इज़त चाहिए
00:44नहीं सर, इज़त नहीं चाहिए
00:48जिसे इज़त नहीं चाहिए होती उसे बेज़ती से फर्क नहीं पड़ता
00:51क्या करोगे उनसे इज़त लेके
00:55पर तुम कुछ करना चाहते हो उस इज़त का
00:57नहीं से
00:58बिल्कुल नहीं तो बेज़ती दुखना दे रही होती
01:02इज़त करिंसी होती है
01:05जिससे material खरीदा जाता है भाई, इज़त भी credit card है, इसलिए तुम इज़त मांगते हो, और इसलिए तुम्हें अफसोस
01:13होता है, जब कोई बेज़त कर देता है, इज़त तुम्हारी credit rating होती है, जो जितना इज़त दार है, जैसे
01:20credit rating होती है, इसको उतना loan मिल जाता है, तो इज�
01:27करेंसी है वो तुमारा सोशल क्रिडिट होता है जिसकी जितनी इज़त है उसको उतनी मटीरिल चीजें इसलिए मांगते हो इज़त
01:35और कोई बात नहीं है क्यों इतना लालच रखा हुआ है
01:40इज़त नहीं मांगते जैसे वर्क प्लेस एक रख नहीं मांगते पर बेज़ती बुरी लगती है यह ना वक्तव एक लाइन
01:48सुनिएगा जैसे मैं पने काम को बहुत अच्छे से गड़ती है इसकोल में ठीक है पर मेरे सारे काम पर
01:54मेरी परस्नल लाइफ हावी हो जाती है वह �
01:58कि और से नहीं मेरे और से नहीं आप संभिव जिपी रही हो में क्या बोल रहा हूं हावी हो
02:03जाती हो उसकी और से हां बात बस इतनी सी है कि लालच पकड़े बैठे हो और वह मैं बोलूंगा
02:09तो बुरा लग जाएगा उसको मानने से इंकार कर रहे और से टॉल रहे नहीं हो �
02:12वीतर की लालच कहां बैठा हुआ है बात उतनी सी है बस उतनी सी है

Recommended