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Hal Chhath Vrat Vidhi 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि 2 सितंबर को सुबह 6 बजकर 12 मिनट पर प्रारंभ होगी और 3 सितंबर को प्रात: 4 बजकर 25 मिनट पर खत्म होगी. सूर्योदय की तिथि के अनुसार, हल छठ या हल षष्ठी 2 सितंबर बुधवार को है.हल छठ का ब्रह्म मुहूर्त 04:29 ए एम से 05:14 ए एम तक है, लेकिन उस दिन कोई अभिजीत मुहूर्त नहीं है. हल छठ की पूजा प्रदोष काल में यानि सूर्यास्त के बाद की जाती है, लेकिन स्थान विशेष के आधार पर अलग-अलग मान्यताएं और परंपराएं हो सकती हैं, उसका पालन करें. हल छठ पर सूर्यास्त 06:42 पी एम पर होगा. उसके तुरंत बाद प्रदोष काल प्रारंभ हो जाएगा. आप नीचे दिए गए शुभ चौघड़िया मुहूर्त को ध्यान में रखकर पूजा कर सकते हैं.Hal Chhath Vrat Vidhi 2026: Hal Chhath Vrat Me Kya Khana Chahiye Kya Nahi ?

According to the Vedic calendar, the Shashthi Tithi of the Krishna Paksha (dark fortnight) of the Bhadrapada month begins at 6:12 am on September 2 and ends at 4:25 am on September 3. According to the sunrise date, Hala Chhath or Hala Shashthi falls on Wednesday, September 2.The Brahma Muhurta for Hala Chhath is from 4:29 AM to 5:14 AM, but there is no Abhijit Muhurta on that day. Hala Chhath puja is performed during Pradosh Kaal, i.e. after sunset. However, beliefs and traditions may vary depending on the location; please follow them. Sunset on Hal Chhath will be at 6:42 PM. Pradosh Kaal will begin immediately after that. You can perform the puja by keeping in mind the auspicious Choghadiya Muhurta given below.

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~HT.318~PR.111~ED.464~VG.HM~
Transcript
00:08अगर आप भी हर्चट या ललाई चट या हल शष्टी की पूजा या वरत करने की सोच रही हैं तो
00:14आईए इस वीडियो में आपको बताते हैं कि इस वरत को करने से क्या फल मिलता है, वरत करने की
00:19नियम क्या है, साती उपवास की दोरान क्या खाएं और क्या नहीं
00:23वैदिक पंचांग के अनुसार भादरपद मास के क्रिष्ण पक्ष की शष्टी तिथी को भगवान श्री क्रिष्ण के बड़े भाई बलराम
00:30जी के जनमोटसव की रूप में मनाते हैं
00:33बलराम जी का मुख्य शस्त्र हल है, इसलिए इस दिन हल से उगाई गई या जोती गई किसी भी चीज
00:38का सेवन वरजित माना जाता है
00:40ये वरत संतान की लंबियायू और सुरक्षा के लिए रखते हैं
00:44हल सेष्टी में पूजा के लिए सबसे शुमूहुरत 2 सितंबर 2026 की सुब़ 6 बचकर 15 मिनट से 9.30
00:51बजे तक रहेगा
00:52आमतोर पर इस तेवहार में वरत का पारण शाम को चंद्रमा को अर्ग देकर और हर्चट माता की पूजा के
00:59बाद ही किया जाता है
01:05अगर आप भी ये वरत रख रही हैं तो वरत में क्या खाएं क्या नहीं आईए बताते हैं
01:35पूरी तरह से वर्जित हैं तालाब या जल में उगने वाले फल जैसे मखाना या सिंघारे का सेवन किया जा
01:40सकता है
01:40लेकिन साधारा नमक बिलकुल ना खाएं लेकिन हल में जुती भूमी पर उगे फल भी खाने की मना ही है
01:49ध्यान रहे इस दिन वरती महलाओं को उस भूमी या खेत पर पैर नहीं रखना जहां हल चलाया जाता हो
01:55घर में प्याज लहसुन या मानसाहारी भोजन बिलकुल नहीं बने और नहीं परिवार जन इसका सेवन करें वरत का पारण
02:02हमेशा तिन्नी के चावल और कर्मा या नारी क
02:04साग या महुआ का सेवन करके ही किया जाता है फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और
02:10शेयर करें साथी चानल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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