00:00तिल मानपड़ा परिश्रा मदे उद्धो बाला सर्फ ठाकरे फक्षा चे प्रदीप पुर्णे का रिंचावरती धारदार शस्त्रा नी आनि गोली बारे
00:06करूं जायते तेंची दुरदेवी हत्या करना तरे लिया है
00:13मदम मुझे बताईए जिस सरी के से कल की ए घटना के बाद लोगों में एक दर का मौहल है
00:18यह घटना कैसे हुई आपने क्या देखा क्या बताना चाहूगे इस बारे में
00:22सर मैंने ब्लाउज बना रही थी कस्टमर का मैं मसीन पर बैठी थी ब्लाउज बना रही थी तो वो मोबाईल
00:28में मैंने डीजाइन देख रही थी उसके बाद में धड़धर की दो बार की आवाज आई फिर मैं मुझे लगा
00:35कि शौट सर्किट हुआ है
00:36वो मैंने निकल के से देख रही हूँ उपर तब तक चार से पाच लोग आपिस से दादा का निकले
00:44बाहर के तरब
00:45उसके बाद में मुझे लगा सौट सर्किट हुआ मैं लड़की को बुलाई बेटा अंदर से भागिया बाहर आजाओ आजाओ आजाओ
00:51तो वो ही मैं उपर बाहर से भी जाके उपर ही देख रही हूँ कि सौट सर्किट हुआ गया तो
00:58एक लोग को मैंने इसे चाकू रखते समय देखी तब तक मैं अपने लड़की को खीची और रोड पे लेके
01:04भागी मैं बोली बिटा भागया भागया उसके बाद में वो चाकू �
01:07रख है और वो लोग फटड़़ः चार से पाच लोग थे गाड़ी पे बैठे और भटड़ और फटख से निकड़
01:12गए गया और फिर मेरे आकान में आवाज आ गया
01:17कोई दादा को आपिस में जाके बूला रहा है बालू दादा बालू दादा तो मैं तो उपर ही देख रही
01:22थी कि कहां जल लहा है कहां सोट सरकिट हुआ है जब आवाज गया मेरे कान में बालू दादा बालू
01:27दादा तो मैं नीचे जब देख रही तो पूरा खून गिरा हु�
01:34कि ये जैसे मेरा हाथ प Twin पोरा कब्जे की था ही नहीं, उसके बाद में मैंनने कुछ देखी, नहीं
01:39एक्दम से, तो सिली घ्र वाब वhDन के चाहा वार ओले-वे और भाद मे बाहर निकल के देखी,
01:59कि कहां से short circuit हुआ
02:01इतने लोग थे
02:02चार्थ से पाच लोग को मैंने देखी
02:04निकलते समय पाकी सकल मैं देखी नहीं
02:07क्योंकि जब निकले भागे
02:08तो उसमें लगा कि आग लगा है
02:10short circuit हुआ है इसके लिए मैं भी भागी
02:13और जब भाग के बाहर आई
02:15मेरा निगा हाथ पे गया
02:17तो वो ऐसे चाकू रख रहे थे
02:18उतने में तो मैं पूरा कापने लगी
02:21लड़की को लेके भागी और जब सामने गई
02:23वो लोग भागया जब सामने में खड़ी हुई
02:25वापिस का तो देखी पूरा खून है
02:27आपिस में जब नीचे इसे देखी
02:29तब तक मेरे आख में पूरा पर गया
02:32पूरा चक्कर आने लगा
02:33प्रदीप पूर्णेगर को कैसे जानतो क्या सुभाव था
02:36बहुत अच्छे थे बहुत अच्छा सुभाव था
02:38बहुत अच्छे थे
02:41कभी लगा था इस तरह की की घटना हो सकती है नए कभी नहीं लगा था सर कि ऐसा होगा
02:46हम लोग को तो कभी नहीं लगा था वो नगा थे अरिया का दादा ही अंगो समाशता से सरा बस्ती
02:52में रहने वाले तमाम लोगों की समश्याओं को भी सुझाय गर देते बहुत अच्छे �
03:07उनका इस तरह के से बीच से चले जाना कितना आप अईसा लग रहे कि बहुत दुख्की घटना है मेरा
03:13तो अभी तक सर कभजे में नहीं है सरीर अब से मैंने देखी है हास्ता तब से मुझे तो चक्कर
03:20आ रहा जैसे जैसे मेरा बदन ही नहीं कभजे में तर पहला आपन आश
03:38अचानक जावले तेननी रक्त जावली पायला तेन चा डोडा सम्मोर संपूर्न अंधार आला अने तेवा ते चक्कर आपन आशे पडले
03:46दिकरा से लिक रहा तना है त्या आच मुझे पूड़क काय गड़ला है तेनना है देखी हिल माई ते आ
03:50मुझे सद्या तरी दो नार�
03:53परन्तु ठाना मदे जाव पड़ितीने अशा होनार्या घटना नुवर्दी पुलिशन चा माध्यवात उन कशाव पड़ितीने आला गातला दानर ते स्पानना
04:00महतुर रन रहे बुड़जर आनिक सिस्वरिजवान शेक लोक मत ठाने