00:00फ्रांस में हिंसा और आगजनी से हड़कम
00:052400 गिरफतारियां, कई शहरों में कर्फ्यू
00:09मैकरॉन ने ग्रह मंत्री का इस्तीफा ठुकराया
00:12फ्रांस में विरोध प्रदर्शन के नाम पर ऐसी हिंसा भड़की है
00:16कि सरकार को कई शहरों में रात के वक्त कर्फ्यू लगाने की तयारी करनी पड़ी है
00:20सडकों पर प्रदर्शन, दुकानों में लूट पाट, सरकारी इमारतों में आग जनी
00:25और पुलिस के साथ हिंसक जड़पों ने फ्रांस की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं
00:31हालात इतने बिगड़े कि सब्ताहांत के दौरान करीब 2400 लोगों को गिरिफतार किया गया
00:36कही जगों पर सार्विजनिक संपत्यों को निशाना बनाया गया, दुकानों को लूटा गया और एतिहासिक इमारतों तक में आग लगा
00:43दी गई
00:44अब फ्रांस की सरकार हिंसा को रोपने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सخت कदम उठा रही है
00:49प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकॉर्नू ने स्थानिय प्रशासन से कुछ शहरी इलाकों में रात के दौरान आंशिक कर्फ्यू लगाने को कहा है
00:57वहीं राष्ट्रपती इमान्यूवल मैक्रॉन ने ग्रिह मंत्री लॉरेंट नूनेज का इस्तीफा स्वीकार करने से इंकार कर दिया है
01:04लेकिन सवाल है कि आखिर फ्रांस में अचानक हालात इतने क्यों बिगड़ गए
01:08क्या ये सिर्फ विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा है या इसके पीछे लंबे समय से जमा हो रहा आर्थिक
01:14और सामाजिक असंतोश भी है
01:49प्रदर्शन के नाम पर किसी को भी सार्वजनिक संपत्ती और आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड करने की इजासत नहीं
01:55दी जा सकती
01:56हलाकि सरकार ने पूरे देश में एक साथ पूर्ण कर्फ्यू लगाने के बजाए स्थानिय परिस्थितियों के आधार पर कदम उठाने
02:03का फैसला किया है
02:03रिपोर्टों के मुताबिक पेरिस के कुछ इलाकों के अलावा लील और दूसरे शहरों में भी अलग-अलग तरह की पाबंदिया
02:10लागू की गई है
02:11कुछ जगों पर रात में लोगों की आवाजाही सीमित करने और सभाओं पर रोक लगाने जैसे उपाई किये गई है
02:17पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है
02:21अधिकारियों के सामने चुनोती ये है कि हिंसा पहलाने वाले समूहों को नियंत्रित किया जाए
02:25लेकिन शांती पूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के अधिकारों का भी सम्मान बना रहे
02:30फ्रांस में विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक वैवस्था का एक महित्वपूर्ण हिस्सा रहे है
02:35लेकिन इस बार हिंसा और बड़े पैमाने पर संपत्ती के नुकसान ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है
02:46फ्रांस में इस पूरे घटना करम का सबसे चिंता जनक पहलू हिंसा का पैमाना है
02:51अधिकारियों के मुताबिक सब्ताहांत के दौरांध हुई घटनाओं के सिलसिले में करीब 2400 लोगों को गिरफतार किया गया
02:58कई शहरों में प्रदर्शन कारियों और हिंसक समूहों के बीच अंतर करना भी पुलिस के लिए चुनोती बना रहा
03:04जहां एक तरफ बड़ी संख्या में लोग अपनी आर्थिक और सामाजिक मांगों को लेकर सडकों पर उत्रे
03:09महीं दूसरी तरफ कुछ समूहों पर दुकानों को लूटने वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा पुलिस के साथ
03:16भिरने के आरोप लगे
03:17हिंसा का असर स्थानिय प्रशासने के मारतों पर भी दिखाई दिया
03:21मध्य फ्रांस के लिमोज शहर में एतिहासिक सिटी हॉल में आग लगने की घटना सामने आई
03:26आग से इमारत की छट को भारी नुकसान पहुंचा और ये एतिहासिक भवन लगभग तबाह होने की स्थिती में पहुंच
03:32गया
03:32दूसरे शहरों में भी सरकारी कारियालेओं दुकानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाये जाने की खबरे आई
03:38पेरिस, लियौन और मार्से जैसे शहरों में लूट पाट और तोडफोर की घटनाओं ने कारोबारियों और स्थानिय निवासियों के मुश्किलें
03:49बढ़ा दी
04:09राश्ट्रपती मैकरॉन का गुस्सा, हिंसा करने वालों पर कारवाई का संकेत
04:13फ्रांस की राश्ट्रपती इम्मैन्यूल मैकरॉन ने हिंसा और सारवजनिक संपत्थी को नुकसान पहुँचाने की घटनाओं पर नाराजगी जताई है
04:21उन्होंने इस तरह की हिंसा को अस्वीकार्य बताते हुए उन लोगों के खिलाफ जवाब देही तै करने की बात की
04:26है, जिन्होंने सरकारी इमारतों, पुलिस और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाया है।
04:51शान्ति पूर्ण प्रदर्शन और हिंसक गतिविध्यों के बीच अंतर करना इस पूरे घटना करम का एहम पहलू है।
05:21और प्रदर्शन कारियों की मूल समस्याओं का समाधान नहीं करती तो असंतोश आगे भी बना रह सकता है।
05:27दूसरी ओर अगर हिंसक गतिविध्यों पर प्रभावी कारवाई नहीं होती तो कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की विश्वस्नियता पर सवाल
05:34और गहरे हो सकते हैं।
05:36ग्रिह मंत्री लॉरेंट नूनेज ने दिया इस्तीफा, मैकरॉन ने किया इनकार।
06:06जब पुलिस की तैयारी, खूफिया जानकारी और भीड को नियंतरित करने की रणनीती पर सवाल उठ रहे हैं।
06:12ग्रिह मंत्री नूनेज ने भी स्विकार किया कि कुछ प्रमुक शहरों में पुलिस हालात पर नियंतरन खो बैठी थी।
06:18उन्होंने माना कि प्रदर्शन के पैमाने और हिंसा की आशंका का अनुमान लगाने में कमी रह गई।
06:23ऐसे में सरकार से ये पूछा जा रहा है कि क्या सुरक्षा एजंसियों के पास परियाप्त बल था, क्या प्रशासन
06:28को पहले से पता था कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैल सकती है।
06:32और अगर ऐसी आशंका थी, तो समवेधन शील सरकारी इमारतों और कारोबारी इलाकों की सुरक्षा के लिए परियाप्त इंतजाम क्यों
06:39नहीं किये गए।
06:39मैकरॉन ने ग्रिह मंत्री को सुरक्षा व्यवस्था की योजना और खूफिया आकलन में सामने आई कम्यों की पारदर्शी जाँच सुनिश्चित
06:46करने का निर्देश दिया है।
06:48साथ ही सुरक्षा बलों के लिए नई कार्य प्रणाली तयार करने पर जोर दिया गया है।
06:52इसका मतलब है कि सरकार फिलहाल नेतरित्व बदलने के बजाए मौजूदा व्यवस्था को मजबूत करने और सुरक्षा रणनीती में सुधार
06:59करने पर ध्यान दे रही है।
07:00लेकिन आने वाले दिनों में जाँच से जो तथ्य सामने आएंगे वो इस फैसले की दिशा तै करने में एहम
07:06भूमिका निभा सकते हैं।
07:36आखिर क्यूं सडकों पर उत्रे लाखों लोग।
07:38सरकारियों के अनुमान के मुताबिक शनिवार को करीब 5,50,000 लोग प्रदर्शनों में शामिल हुए।
07:43जबकि आयोजिकों ने ये संख्या लगभग 8 लाख बताई।
07:46इन आकडों में अंतर बताता है कि प्रदर्शन का आकार कितना बड़ा था।
07:50हाला कि वास्तविक संख्या को लेकर सरकारी और आयोजिक पक्ष के दावे अलग-अलग है।
07:54शरुआत में कई जगों पर प्रदर्शन शांतिपूर रहे लेकिन बाद में कुछ शहरों में हिंसा भड़क गई।
08:00दुकानों में लूट पार्ट, पुलिस से टक्राव और सरकारी इमारतों में आगजनी ने प्रदर्शन की मूल मांगों से ध्यान हटा
08:06कर कानून व्यवस्था के संकटकी और मोड दिया।
08:09यही इस पूरे घटना क्रम का सबसे महत्वपूर पहलू है।
08:12आर्थिक और सामाजिक समस्याहों को लेकर विरोध जताना एक दोकलोक तांत्रिक अधिकार है।
08:17लेकिन हिंसा और तोड़ फोड उन मांगों को भी पीछे धकेल सकती है, जिन्हें लेकर लोक सड़कों पर उत्रे थे।
08:22अब सरकार को ये सपष्ट करना होगा कि वो महंगाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों पर क्या कदम उठाएगी।
08:28सिर्फ कर्फ्यों और गिरफ्तारियों से तत्काल स्थिती मियंत्रित की जा सकती है।
08:32लेकिन लंबे समय तक शांती बनाए रखने के लिए असंतोश की जड़ों तक पहुँचना भी जरूरी है।
08:37फिलहाल फ्रांस में हालात सामानने करने के लिए सुरक्षा बढ़ाने, चुनिंदा इलाकों में रात का कर्फ्यू लागू करने और हिंसा
08:44में शामिल लोगों की खिलाफ कारवाई पर जोर दिया जा रहा है।
09:07पाने वाले दिन तै करेंगे कि फ्रांस की सरकार सार्वजनिक व्यवस्था बहाल करने के साथ साथ महेंगाई, शिक्षा और सामाजिक
09:14असंतोश से जुड़े सवालों का किपना प्रभावी जवाब दे पाती है।
09:17क्योंकि सडकों पर शांती लोटाना एक चुनोती है, लेकिन जनता का भरूसा बहाल करना उससे भी बड़ी परिक्षा है।