00:10इरान और अमेरिका के बीच जारी संगर्ष में एक बार फिर हॉर्मुच स्ट्रेट से बड़ी खबर सामने आई है।
00:30इरान के मुताबिक ये इस तरहां का 54 अमेरिकी ड्रोन है जिसे उसकी सेना ने निशाना बनाया है।
01:00MQ-9 Reaper Drone कितना खतरनाक है।
01:03इस पूरे मामले को समझने के लिए पहले ये जानना जरूरी है कि MQ-9 Reaper Drone आखिर है क्या
01:09और अमेरिका के लिए इसकी एहमियत कितनी है।
01:12MQ-9 Reaper अमेरिका का एक अत्याधुनिक मानव रहित हवाई विमान है जिसका इस्तेमाल निगरानी, खूफिया जानकारी जुटाने और जरूरत
01:20पढ़ने पर सटीक हमले करने के लिए किया जाता है।
01:22इसे इस तरह तैयार किया गया है कि ये लंबे समय तक हवा में रहकर दुश्मन की गतिविधियों पर नजर
01:28रख सके।
01:28इसके सेंसर और कैमरे जमीन पर मौजूद सैन्य ठिकानों, वाहनों और दूसरी गतिविधियों की जानकारी जुटाने में मदद करते हैं।
01:36यानि ये सिर्फ आस्मान में उड़ने वाला एक सामान्य ड्रोन नहीं है, बलकि आधुने की युध में निगरानी और सैन्य
01:42कारवाई का एक एहम हथियार है।
01:44ऐसे में अगर इरान का दावा सही साबित होता है, तो ये अमेरिकी सैन्य निगरानी क्षमता और क्षेत्र में उसकी
01:50हवाई गतिविधियों को लेकर महत्वपूर सवाल खड़े कर सकता है।
01:54लेकिन किसी ड्रोन को मार गिराए जाने का मतलब अपने आप ये नहीं है कि युध में किसी एक देश
01:58को निरनायक बढ़त मिल गई है।
02:24अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को निशाना बनाया। इरान का दावा है कि ये कारवाई उसकी एक इकरित वायू रक्षा व्यवस्था
02:30के नियंत्रण में की गई।
02:31यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि इरान ने इस ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है लेकिन
02:36घटना की स्वतंत्र पुष्टी अभी उप्रब्ध नहीं है।
02:38अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंट कॉम की ओर से भी इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
02:44इरान इससे पहले भी अमेरिकी ड्रोन गिराने के दावे करता रहा है।
02:48सितंबर में उसने केशम द्वीब के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया था।
02:54उस समय इरान ने उसे इस प्रकार का 52 ड्रोन बताया था।
02:57अब 54 ड्रोन को लेकर किये गए दावे ने फिर से इस सवाल को चर्चा में ला दिया है कि
03:02फारस की खाड़ी और हॉर्मुस के आसपास अमेरिका तथा इरान की सैन्य गतिविध्या किस तर तक पहुँच चुकी है।
03:08हरा की केवल इरान की ओर से गिनाई गई संख्या को अमेरिकी ड्रोन के नुकसान का स्वतंत्र रूप से सत्यापित
03:14आंकडा नहीं माना जा सकता।
03:16इसके लिए अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की प्रतिक्रिया, विश्वस्निय स्वतंत्र रिपोर्टिंग और उपलब्ध अन्य प्रमानों का इंतजार करना होगा।
03:28अब बात उस जगह की जहां ये कथित घटना हुई है।
03:31हॉर्मुस जल्डमरूमध्य दुनिया के सबसी महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है।
03:35ये फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर की और जाने वाले समुद्री मारगों से जोड़ता है।
03:41इस रास्ते की एहमियत केवल इरान या अमेरिका तक्सीमित नहीं है।
03:45सौधी अरब, इराक, कुवेट, सयुक्त अरब अमिरात और दूसरे खाड़ी देशों से निकलने वाली उर्जा आपूर्ती के लिए भी ये
03:51बेहद महत्वपूर्ण है।
03:53युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के लगभग बीसवे हिस्से के तेल और तरली कृत प्राकृतिक गैस यानी LNG के
03:59व्यापार का संबंध इसी समुद्री मार्क से था।
04:02संघर्ष के कारण यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और उर्जा बाजारों में अनिस्चित्ता बढ़ी है।
04:32यही वज़ा है कि हॉर्मोस के आसपास होने वाली किसी भी सैन्य घटना पर दुनिया की नज़र रहती है।
04:37यहां एक ड्रोन का गिराया जाना भी केवल सैन्य खबर नहीं है बलकि इसका संबंध अंतराश्ट्रिय व्यापार और उर्जा सुरक्षा
04:44से भी है।
04:49इरान और अमेरिका की बीच मौजूदा टकराव 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराईल की ओर से इरान पर किये
04:56गए हवाई हमलों के बाद बड़े संगहर्ष में बदल गया।
04:59इसके जवाब में इरान ने इसराईल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सेन्य ठीकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन
05:06हमले किये।
05:07हॉर्मस जल्डमरू मध्य में भी तनाव बढ़ा और समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ।
05:11इसके बाद अमेरिका ने इरानी पत्तनों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू की।
05:15इस संगर्ष ने क्षेत्रिय सुरक्षा की स्थिती को गंभीर बना दिया है।
05:18एक तरफ अमेरिका अपनी सैन्य मौजूद्गी और समुद्री सुरक्षा को लेकर सक्रिय है।
05:23तो दूसरी तरफ इरान इस क्षेत्र में विदेशी सैन्य हस्तक्षेप का विरोध करता रहा है।
05:2719 अक्टोबर को इरान के विदेश मंत्री अबबास अराक्ची ने रूस के विदेश मंत्री सरगेई लावरोव के साथ बाचीत के
05:33दोरान
05:34क्षेत्रिय सुरक्षा के लिए कूटनीती और क्षेत्रिय देशों की भूमिका पर जोर दिया।
05:38उन्होंने हॉर्मुज में असुरक्षा के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
05:42इसी बीच समुद्री क्षेत्र में जहाजों पर हमलों और बारूदी माइनों से जुड़े घटना क्रमों ने भी चिंता बढ़ाई है।
05:48ऐसे हालात में ड्रोन गिराने का ताजा दावा दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकता
05:54है।
05:58सेन्य तनाव के बीच कूटनेतिक स्तर पर भी कोशिशे जारी हैं लेकिन अब तक कोई स्थाई समाधान सामने नहीं आया
06:04है।
06:0511 अक्टूबर की रॉइटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इरान के सुरक्षा प्रमुक मोहसिन रिजाई ने कहा था कि हॉर्मुस जल्दम्रू
06:11मध्य को दोबारा खोलने के प्रस्ताव पर अमेरिका की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं थी।
06:16इरान ने साथ शर्तों के आधार पर साथ दिनों के भीतर सामान्य समुद्री आवाजाही बहार करने का प्रस्ताव रखा था।
06:22ये प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दोरान सामने आया था और अमेरिकी जवाब कतर के मध्यस्तों के जरिये
06:29पहुँचा था।
06:52करने की अपील की और कहा की शर्ते मान ली जाती हैं तो साथ दिनों के भीतर जल्डमरु मध्य को
06:57खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। लेकिन इस प्रस्ताव का भविश्य अभी भी दोनों देशों की सहमती पर निर्भर
07:03है।
07:22कोई नई सैन्य कारवाई करेगा। इन सवालों के जवाब आने वाले घटना क्रम पर निर्भर करेंगे। लेकिन इतना साफ है
07:28कि हॉर्मुस जल्डमरु मध्य अब केवल दो देशों के बीच सैन्य प्रतिसपर्धा का केंद्र नहीं रह गया है। यहां बढ़ता
07:35तनाव, �
07:35दुनिया की उर्जा आपूर्ती, समुद्री व्यापार और क्षित्रिय स्थिर्ता को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। एक और सैन्य कारवाई
07:42और जवाबी हमलों का खत्रा है तो दूसरी और बातचीत के जरिये रास्ता निकालने की कोशिश है जारी है। अब
08:05पू
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