00:00दो जने आये आगे जल्दी आये जल्दी इनकी आखे खुली रहेंगी इनकी बंद रहेंगी चलो आखे बंद करो कर ली
00:08भूलना नहीं है भूलना नहीं कि तुम पक्के लोगधर्मी हो आखुलनी नहीं चाहिए पूरी जिंदगी लोगधर्म में इससे वड़ा पाप
00:16नहीं हो
00:29परे पास जाओ अभी सीधे वो ये ए पीछे की और के दरवाजे पर जाना है तुम कहां जा रहे
00:39हो
00:42ये कर्म हो रहा है कौन सा कर्म हो रहा है अंधा कर्म बेहोशी का जैसा कि हमारी समाज में
00:49हमारी दुनिया में चलता है
00:53आख खोली है भी नहीं बंद करो
01:03मनरंजन है बढ़ियां है पीछे आले दरवाजे से बाहर निकलना है निकलो जाओ
01:10पीछे दरवाजा है बाहर निकल जाओ
01:16जोश मजा ये नहीं आया आया वो लोगो निकल भी गए
01:24और कुछ करके दिखाओ, दो-चार पे गिरो, दो-चार को गिराओ
01:29पूलर तो गिराई दिया था लग-बग
01:31और भी कुछ करो
01:33तोड़ दो, कैमरा तोड़ देना
01:38और हमारा बिल्कुल फोस दावा ये है
01:41कि ये जागरति समझदारी होश इसमें क्या रखा है
01:45असली चीज़ है कि कुछ करके दिखाओ, भाई करना अपने आप हो जाता है
01:49और इतनी सहस्ता से हो जाता है किसी को पता भी नहीं चला
01:51जो करना था उसने कर दिया क्योंकि उसकी आँखें खुली थी
01:55ये है जो हमें समाजिक शिक्षा मिलती है
01:59जानो नहीं
02:01करो
02:03जानना उच्छी बात है
02:05कहां तुम वहाँ चले जाते हो गीता थितरों बैट जाते हो वहाँ बस ग्यान ग्यान
02:09ग्यान माने तो जानना जान के क्या करना है
02:11करो
02:12अरे तुम करो ना
02:15करो करो
02:18करो
02:21अब ये सोचो एक बार को
02:23यह जो कर रहे हैं आप सब वही करने लग जाएं तो यहां क्या होगा
02:28यहां वो होगा जिसे हम समाज कहते हैं फिर
02:31सर फुट ओवल पूर्सियां उचल रही हैं
02:34मूँ तोड़े जा रहे हैं यही तो होगा
02:36इसको हम कहते हैं घर परिवार समाज
02:38फिर हम कहते हैं अरे दुनिया में इतना द्वंद क्यों है भाई भाई से क्यों लड़ता है पडोसी से क्यों
02:45लड़ रहा है राश्ट्र आपस में क्यों लड़ रहे हैं क्योंकि जब आँख बंद करके लोगों को चलाओगे तो वो
02:51आपस में लड़ेंगे नी तो क्या करेंगे
02:53झाल कर दो झाल कर दो झाल