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पूरा वीडियो: बुआ-भतीजी की नोकझोंक – आचार्य प्रशांत बुरे फँसे 😆 (2026)

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वीडियो जानकारी: 18.10.2026, ग्रेटर नोएडा

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Transcript
00:00वहां किचन में कुछ उबलने को रख दिया है कोई कड़ी चीज पता है पॉन घंटे से पहले यह उबलती
00:11नहीं है राजमा है या कुछ है राजमा कितनी दिर में होता है
00:1745 मिनिट में पता है कि वो उबलेगा पर दीदी वहीं खड़ी हुई है स्टोफ के सामने क्या करी उबाल
00:27रही हूँ तुम थोड़ी उबाल रही हो
00:33वो सिलिंडर है वो आग है वो राजमा है वो पानी है अरे वो उबल जाएगा तू वहां काई 45
00:39मिनिट टाइम खराब कर रही है वो हटेगी नहीं कितनों उनकिया है यह यह है जूटा करता जो काम अपने
00:52आप हो रहा है होने दोना
00:54सही बात तो यह है कि वो स्टोफ जलाने के लिए वो जो गैस का बर्नर है उसको जलाने के
01:02लिए भी तुम्हारी कोई जरूरत नहीं थी
01:05lighter किसको उठाना था
01:06हाथ को
01:09उठाता जलाता
01:10flame किसको set करनी थी
01:14तुम
01:15तुम माने body नहीं
01:16तुम माने the psychological ego
01:18इस psychological ego की कहां जरूरत है
01:20कुछी भी काम होने में बताओ
01:22और क्या आपने
01:25ऐसे पलों का नुभा करा है
01:26जब आप कम होते हैं
01:28जब सिर्फ प्रक्रते होती है
01:31आप जरा कम होते हैं
01:33जीवन में गुजरे हो ऐसे पलों से
01:35कि हम थोड़ा
01:37पीछे हट गए हम गुम हो गए
01:41तुम्हारी जरूरत ही नहीं है किसी काम में
01:44अहंकार का काम
01:45खाना पगाना नहीं है वो काम कौन कर लेगा
01:47कि हाँ बाई
01:59तुम्हारे पास यही काम है
02:01क्या तुम हटो
02:03जितना ज्यादा तुम हटोगे
02:05तो उतना ज्यादा जिद्गी के
02:07सारे काम खुबसूरती से होंगे
02:11असल में और हम जिद्गी से
02:13कुछ मांगी नहीं रहे होते हैं
02:14हम जिद्गी से वो पल मांग रहे होते हैं
02:15में हम हट जाएं नींद इसलिए हमें सुहाती है क्योंकि नींद में आप कम हो जाते हो हट जाते हो
02:23पूरी तरह नहीं हटते है सपने अपने रहते हैं सक्री है पर थोड़ा तो पीछे हट जाते हो न तो
02:28इसलिए जब उठते हो तो कहते हो आँ फ्रेश फील हो रहा है जो समाध
02:37व्यक्ति है उसकी अवस्था को इसलिए कई बार जागरत सुशुप्ति बोलते हैं

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