00:00प्रदीपी उठीए गया यहां से निकलिएगा देखिए उठे कैसे उठे टांगों से उठे यहां से नियूरॉंस चले उन्होंने टांगों को
00:11जाकर बताया तो मसल का कॉंट्रैक्शन हुआ तो यह खड़े होगा ऐसी खड़े हुआ जाता और कोई तरीका नहीं होता
00:16खड़े
00:26अब आप निकलिएगा यहां से देखिए अब बताओ हंकार की क्या जरूरत है इसमें आख बढ़िए यह आँखोंने रास्ता दिखा
00:34दिया मस्तिश्क ने दर्वादा खोज लिया ठीक ना कान है उन्होंने बैलेंस बना दिया जो इनके कान है वो मस्तिश्क
00:45से कॉडिनेट क
00:47करके इनकी जो मसल्स हैं टांगों की और जो स्पाइन है उसको लगातार संकेत भेज रहे हैं और वो एक
00:54डाइनमिक बैलेंसिंग चल रही है तो इस कारण यह खड़े हैं मुझे इतना बता दो इस प्रक्रिया में हंकार्गी क्या
01:02जरूरत है बढ़िए और थोड़ा और बढ
01:08तो रहे हैं आप कहोगे पर सोचना तो पड़ता है तो सोचने का काम किसका है ब्रेन का है अब
01:14आप इसार से वापस आईएगा वापस आईए वापस आईए और यह क्या है यहां पर तो पांच महिलाएं एक साथ
01:21बैटी होई रुकियेगा मैं यहां से नहीं निकल सकता
01:27मैं तो पारंपरिक आदमी हूँ इतनी महिलाओं के सामने एक साथ निकलूँगा तो मैं अशुद्ध हो जाओंगा अब रास्ता बदल
01:34लीजे अब आप उधर से निकल रहे हैं कुछ कर रहे हैं चड़ रहे हैं वाँ सबको तकलीफ दे रहे
01:39हैं इनको टंगड़ी अड़ा द
01:53मैं तो नहीं निकलूँगा ये किसने करा सीधे करता को टेड़ा किसने बनाया ये उसका काम होता है डिस्टॉर्शन इन
02:05एफीशियन डिस्टॉर्शन ये हंकार करता है कि सीधे रस्ते की ये टेड़ी सी चाल है गोलमाल है भई सब गोलमाल
02:13है ये सीधा रस्ता था उसको टे�
02:19पांच साथ का सर फोड़ा सारी दुर्दशा बरदाश्त है बस अहंकार को लेकिन ऐसे रखना है जंडा उचा रहे हमारा
02:27प्रक्रति को करने दोना उसकी जिम्मेदारी है चांद सूरज वो चला रही है खुदी तुम कई को परिशान हो लगे
02:36हुए है कि भूतों को लगता भी ह
02:38हम ना रहें तो कहीं ब्रहमांड कोलाप्स ना हो जाए इतनी गंभीरता इतना तनाव ऐसा टेंशन