00:00यह तब तब होता है जब आप कपड़े की दुकान में गए हैं और वो साइज आपका 36 है उसके
00:06पास सबसे बड़ा साइज ही 34 है तो खीच-खीच करके किसी तरह आपको पहना देता है तो नहीं बहुत
00:11बढ़ियां लग रहे हो अरे टाइट हैं स्लिम फिट है एकदम स्मार्ट
00:16लग रहे हो यह नहीं करना है अगर फिट नहीं हो रहा तो कह देना है कि फिट नहीं हो
00:24रहा भाई नहीं है स्टंगति मेल नहीं हो रहा दोनों में जम नहीं रहे या मुझे समझ में नहीं आ
00:32रहा यह अभी व्यक्त कर दीजिए व्यक्त ग्यानी मत बनिये नहीं पता तो नही
00:39ऐसे भी सबसे पहले पता किसका होना चाहिए अपना पता होना चाहिए न मंत्र नहीं समझ में आ रहा नहीं
00:47पता चल रहा वो छोटी बात है और अपनी बेमानी नहीं दिखाई दे रही वो बड़ी कड़बढ हो गई
00:56मंत्र नहीं भी समझ में आया
00:58तो पोथी पढ़पढ जगमुवा पंडित भयाना को
01:00नहीं भी समझ में आया तो नहीं समझ में आया
01:02हमें नहीं मंत्र समझ में आया
01:04पर हम खुद को समझते हैं
01:07खुद को समझना ज्यादा जरूरी है
01:10और मंत्र के चक्कर में खुद के प्रती बहिमानी कर बैठे
01:15तो वो जादा बड़ी दुर घटना हो जाएगी
01:17वो मत होने दीजेगा