00:00इस्तरी जब मासी धरम में होती है तो वो पहले दिन चंडालनी, दूसरे दिन ब्रम घादिनी, तीसरे दिन रजस्वला और पर चौते दिन वो शुद्ध होती है
00:30उन देनों कोई दुष्मन दे शाकरमन कर दे, तो लेड़ी फाइटर पाइलेट बोलेगी, मैं नहीं जाओंगी, मेरे पीरेट चल रहे हैं, अभी मैं चांडालनी हूँ, डे वन है मेरा
00:36पिर उन्होंने कुछ और बोला कि दांतों में छेद हो, वो मूरक नहीं हो सकता, माथा चोड़ा हो, वो कभी दृद्र नहीं हो सकता, उसी प्रकार गाने वली इस्त्री कभी सती नहीं हो सकती
00:49तो ऐसे ही है, इनका क्या महत्तो है?
00:51कि महिला अगर गाना गा रही है, तो वो वेश्या हो गई
00:54ये बात को उपमिशत बोलने वाला है, ये बात स्रीक्रिश्ण बोलने वाले है
00:57उगट कितना लंबा निकाले और महिला को कितने कोडे मारो
01:00अगर वो पर पुरुष्ण बात करती पाई जाए, ये सब बाते अध्यात में थोड़ी आती है
01:04शुते सारे धार्मिक मसलों का सर्वोच न्यायले होती है
01:08सर्वोच न्यायले ने बोल दिया कि महिला और पुरुष्ण देह से अलग होंगे
01:12चेतना से एक है, जब सर्वोच न्यायले ने ये बोल दिया
01:15तो आप नीचे वाले कुछ बोलते रहें उससे क्या फरक पड़ता है