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Transcript
00:00चिंकी मुमोन नूडल जो भी तुम कर रहे हो जाओ वहाँ पर कोहिमा में करके दिखाओ
00:04ये जो फप्तियां कस लेते हैं हमारे उत्तरपूर्व के भारतिय नागरिकों पर
00:10इनको कहो तुम जाओ नागालें जाओ और मिघा ले जाओ और वहाँ यही बात बोल कर दिखाओ जो तुम बोलते
00:16हो
00:17चिंकी मुमोन नूडल जो भी तुम कर रहे हो जाओ वहाँ पर कोहिमा में करके दिखाओ
00:25नहीं कर पाएंगे क्यों?
00:27योगि वहाँ ये अल्पमत में है
00:29वहाँ इनको पता है कि नालायकी करोगे
00:31बत्तमीजी करोगे तो पीट दिये जाओगे
00:33ऐसा नहीं कि इनको वहाँ पर जा करके
00:36हमारे नौर्थीस्ट के भाईयों के लिए
00:39बड़ा प्रेम आ गया है प्रेम वगर कुछ नहीं आ गया
00:40पर वहाँ पर ये सलीके से रहेंगे
00:42क्योंकि पता है पीटे जाएंगे
00:44छोटे छोटे राज्जे हैं
00:47हमारे उत्तरपूरू के
00:50आबादी भी कम है उनकी
00:53और उनमें से कुछ
00:55गिने चुने
00:57दिल्ली में
00:58बंबई में शिक्षा के लिए आ जाते हैं
01:00तो वो और कम दिखाई देते हैं
01:02तो आप उनका मजाक उड़ा लेते हो
01:05इस दुनिया में
01:06यही चलता है भटा डंड़ा ही चलता है
01:08बस दो ही बाते होती है न
01:11या तो भय या तो प्रेम
01:14या तो बल या तो सत्य
01:17प्रेम
01:17होता क्या है हम जानते नहीं
01:20तो हमारे सारे रिष्टे
01:21चाहे वो व्यक्तिगत हों
01:23कि अंतर राष्ट्रिय हों
01:24वो सब भय पर ही चलते हैं
01:27जिसको कमजोर देखोगे उसको
01:30मार दो, रगड दो, कुछ भी कर दो
01:34और यह बहुत धातक बात है
01:36बात उसी पुराने
01:39पाशवे का हंकार की है
01:40जो जिसको कमजोर देखता है
01:42उसी का शिकार कर लेता है
01:44जिसको अपने स्वार्थ के आगे
01:46और कुछ सूझता ही नहीं
01:48समधान तो वहीं पर होगा न
01:50जहां बीमारी है और बीमारी है
01:52इनसान की छाती में
01:55ये मत समझना कि
01:57बात संसदों की
01:59और विधान सभाओं की
02:01और समविधानों की
02:03और संयुत राष्ट्रों की है
02:04बात इनसान के दिल की है
02:06और इस दिल को जब तक साफ नहीं किया जाएगा
02:10जब तक जो चल रहा है ऐसे ही चलेगा

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