Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
नशा टूटेगा, तो सच्चाई सामने आ जाएगी!

.
बाहरी शोर से हटते ही भीतर की सच्चाई सामने आने लगती है। वो हल्की सी किरण रोशनी की, हमारे सारे झूठ का पर्दाफाश करती रहती है। उस बेचैनी को मिटाने के बजाय, हम उसी गलत जीवन को और आगे बढ़ा देते हैं।
➖➖➖➖➖➖
वीडियो जानकारी: 24.10.2026, श्रीमद्भगवद्गीता सत्र (BG)

#acharyaprashant #आचार्यप्रशांत #selfknowledge #facingreality #selfdeception #innerawakening #ego #truth #selfawareness #consciousliving

Category

📚
Learning
Transcript
00:00आप एक पार्टी में गए हुए हैं
00:01पचाथ हजार वाट म्यूजिक
00:03और देद दनादन देद दनादन नाच गाना जवान लोग हैं
00:06लड़के लड़कियां उचल कूद
00:08वहाँ पर ड्रिंक्स भी सर्व हो रहे हैं
00:11और जो खाना है जो पीना है हूँ हुलड
00:13मौज महौल ये सब चल रहा है
00:15अचानक आप कहते हो और यार इतना पीलिया
00:18ब्लैडर भारी हो रहा है जाएं जरा वाश रूम की तरफ
00:20वाश रूम थोड़ा से दूर है
00:22वहाँ आप जाते हो बंद करते हो तो वहाँ तक म्यूजिक नहीं आ रहा
00:24अचानक महौल बदल जाता है
00:26बाहर थे तो परदा फ़ड़ने वाला म्यूजिक था बिलकुल
00:29अचानक म्यूजिक की आवाज एकदम कम हो गई
00:31और साथी साथ वाश रूम में कुछ और बड़े बड़े आईने होते हैं
00:36और सब बदल गया जैसे पाला पड़ गया
00:39भीतरी महौल एकदम बदल गया
00:41म्यूजिक है नहीं और अपना चेहरा दिखाई दिया
00:43और कुछ और सुनाई दे गया जो उस शोर में अभी तक सुनाई नहीं दे रहा था
00:48कितनों के साथ हुआ है
00:50तो गलत हो गया
00:51इसलिए इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि वाश रूम नहीं जाना चाहिए
00:58उस महौल से हट जाओगे तो सपना तूट जाएगा
01:02नशा बिखर जाएगा
01:03नशे के मज़े लेने है तो नशे आली जगह पर टिके रहना
01:06पर हटोगे तो सच्चा ही सामने आ जाएगी
01:10एक स्पेल है एक चार्म है एक जादू है एक नशा है
01:14तूट जाएगा तूटा तो फिर तूटा
01:16अब उसके बाद आप वापस जब जाते हो तो उतना मज़ा आता भी नहीं
01:19हम करें क्या ये भीतर कुछ है हलकी सी एक किरण रोशनी की
01:24वो चुक नहीं होती वो बुझती नहीं
01:26हमारे सारे जूट का परदाफाश करती रहती है
01:29कई बार तो दुनिया को हम जता भी लेते हैं सफलता से
01:32कि देखो देखो इतनी बड़ी मेरी उपलब दियो गई
01:35अभीतर हमें भी पता होता है कि हम कितने छोटे हैं
01:39वही है हमारी बेचैनी और वही है जो हमारी बेइमानी को काट नहीं पाती
01:45वो बेचैनी इसलिए है कि आपकी बेइमानी कटे
01:48पर हम उस बेचैनी को मिटाने के घटिया और नकली तरीके खोज लाते हैं
01:53वो बेचैनी आपको ये दिखाने के लिए थी कि आप गलत जीवन जी रहे हो पर हम उस बेचैनी के
02:00उत्तर में उसी गलत जीवन को और आगे बढ़ा देते हैं

Recommended