00:00हम अपने बच्चों को दब्बू बनाते हैं
00:05उनके अंदर तनाव डालते हैं
00:09पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तो होगे खराब
00:13सही बात तो यह है, कि जिसका पढ़ाई से रिष्टा खेलने का हो गया
00:18वही बड़े बड़े अविश्कार करता है, पढ़ाई और खेलकूत दो अलग अलग चीज़ें ही नहीं
00:23जो पढ़ाई के अंदर खेलने लग गया, वो अब अविश्कारक बन जाता है
00:32पर हमने विभाचन कर दिया, हमने दो फाड बना दिये, तुखेलने नहीं जायेगा बिल्कुल, तुखेलने नहीं जायेगा तूपढ़ाई कर, तूपढ़ाई
00:39कर
00:41मेरी दिंदगी में भी लग बग 4 साल का समय ऐसा था जब मैं बिल्कुल नहीं खेला
00:49क्योंकि हवाएं ऐसी थी कि दिमाग में भी नहीं आता था कि खेला जा सकता है
00:5410th का बोर्ड है 12th का बोर्ड है और J-E entrance है ये टाइम खेलने का थोड़ी है
01:01और मेरी फितरत sports person की है बिलकुल हो सकता है कि मैं खेला होता तो मैं शायद किसी खेल
01:07में निकल गया होता
01:09हाथ में माइक की जगे रैकेट होता पता नहीं अच्छा होता बुरा होता अच्छा बुरा का फैसला करने वाले हम
01:17कौन होते हैं अब पीछे की बात लेकिन एक conveyor belt है उस पर आप डले हुए और उस पर
01:24आपको चलना है कोई जानने पूछने वाला नहीं है कि तुम्हारे भीतर
01:31उस पर चलने वाली प्रक्रति है भी कि नहीं है अब बाहरी प्रतिसपर्धा किसी कदर जेल करके ओ भीतर आ
01:40गया
01:42स्कूल की प्रतिसपर्धा फिर
01:45कोचिंग इंडस्ट्री की प्रतिसपर्धा
01:46जेल करके आ गया भीतर
01:48चलो आ गए
01:50अब हम गेट के अंदर आ गए हैं
01:51बाहर की उस्था से भीतर की उस्था में आ गए है
01:57उनने रहात की सांस ली
01:58finally I have arrived
02:03मैं कोई हूँ
02:04मेरी इतनी J rank है
02:05और मैं स्कूल का टॉपर हो गया रहा हूँ
02:07जो भी हूँ
02:09अब वो यहां अंदर आता है उपनी डिपार्टमें जाता है
02:11डिपार्टमें 240 लोग है
02:14समझे आ रही ये बात
02:17तुबे जी इसे वो जीत कर आ गया
02:19क्योंकि वो चौबे जी है
02:22यहां भीतर आता है तो पाता है कि यहां जितने हैं सब छब्बे जी हैं