00:00अगर तुम भारत से प्रेम करते हो तो फिर तुम्हें सरदार पटेल की और भी देखना ही पड़ेगा
00:06और फिर वो जाने जाते हैं भारत को राजनेतिक तोर पर एक हिकाई बनाने के लिए
00:13ये सब रजवाडे थे और अंग्रेजिन को छोड़के चले गए थे
00:16फिर सरदार पटेल ने जा करके उनके सब के दस्तकत लिए
00:19कभी कैसे कभी कैसे कभी बलपयोग भी करना पड़ा
00:22और फिर ऐसे करके उन्होंने भारत को एक संयुक्तिकाई बनाया
00:25ये जो सतंतरता संग्राम पूरा हुआ था भारत की आजादी के लिए
00:29ये वास्ताव में एक अध्यात्मे का अंदोलन था
00:32आदमी का सभाव नहीं ये गुलाम रहना
00:35इसलिए राजनेतिक तोर पर भी उसे गुलाम बनाया जाता है
00:38तो वो विरोध करता है
00:40तो सरदार वल्ला भाई प्रतेल की जो प्रतिमा है
00:43वो उसी विरोध का प्रतीक है उसी मुक्ति के अभियान का प्रतीक है
00:47तो भारत के प्रति अगर तुम में प्रेम हो तो पटेल के प्रति भी तो प्रेम हो गई होगा ना
00:54और भारत के प्रति प्रेम वास्तों में अध्यात्म के प्रति प्रेम है क्योंकि ये देश और कुछ है नहीं
01:01भारत की जान है अध्यात्म