00:00जब मैं ये तमाशेवाजी देखता हूँ कि चूडी पहनेंगे कि नहीं पहनेंगे, सिंदूर लगाएंगे कि नहीं लगाएंगे
00:06ये मुद्धा ही मुर्खता पूर्ण है ना
00:10तुम्हें भला लगता है पहन लो कोई निशानी तुम्हें भला नहीं लगता नहीं पहन लो कोई निशानी बात निशानी पहनने या ना पहनने की है ही नहीं मूल मुद्धा ये है ही नहीं मूल मुद्धा ये है कि तुम दोनों साथ होई क्यों और ये दिखाना आसान है क्यो
00:40फर्क पड़ता है कि तुम्हारी पत्नी मंगल सूत्र और चुडियां पहनती है कि नहीं पहनती बताओ ना मुझे
00:45दिन भर जिन्दगी जो मुझे ठोकरे देती है वो ठोकरे उन ठोकरों से मिले खाव कवाह हैं
00:51कि मैं कुछ नहीं जानता ना सोयम के बारे में ना जीवन के बारे में
00:54जब मैं कुछ नहीं जानता तो मैं यही कैसे जानता हूं कि मुझे किसी के साथ रहना चाहिए भी कि नहीं
01:01लेकिन इन मुद्दों पर हम विचार नहीं करेंगे
01:03हमारे लिए ये बहुत बड़ा मुद्दा है
01:05कि मैं सिंदूर पहनूंगी कि नहीं पहनूंगी