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पूरा वीडियो : धर्म के नाम पर जानवरों की हत्या || आचार्य प्रशांत (2020)
लिंक: https://youtu.be/V3ZrvCr3EFE
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कहते हैं कि बलि देवी को दी गई, या अल्लाह को दी गई। लेकिन असल में बकरा किसके पेट में जाता है? बलि के पीछे छिपा असली कारण यही है कि ज़ुबान को स्वाद चाहिए, और जब कोई और बहाना नहीं मिलता तो धर्म को बहाना बना लिया जाता है। सच ये है कि किसी भी धर्म में पशु-बलि का धर्म से कोई रिश्ता नहीं है, बल्कि वो धर्म के विपरीत है।
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00:09ये जो जरा सी जबान है ना दो इंच की चमडे की लपलपाती रहती है स्वाद के लिए किसी न
00:16किसी तरीके से स्वाद चाहिए कुछ न कुछ कह करके इसको महास मसाला चाहिए और कोई बहाना नहीं मिला तो
00:22धर्म का बहाना ही सही चलो काटो
00:24काट के क्या करते हो ये तो बताओ बता तो ये रहे हो कि तुमने बली देवी को दी है
00:29आलाह को दी है लेकिन बकरवा गया तो तुम्हारे पेट में पशु बली से धर्म का दूर दूर तक कोई
00:36रिष्टा नहीं है बलकि पशु बली धर्म के बिलकुल विपरीत है चाहिए वो क
00:43कोई भी धर्मू।

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