00:09ये जो जरा सी जबान है ना दो इंच की चमडे की लपलपाती रहती है स्वाद के लिए किसी न
00:16किसी तरीके से स्वाद चाहिए कुछ न कुछ कह करके इसको महास मसाला चाहिए और कोई बहाना नहीं मिला तो
00:22धर्म का बहाना ही सही चलो काटो
00:24काट के क्या करते हो ये तो बताओ बता तो ये रहे हो कि तुमने बली देवी को दी है
00:29आलाह को दी है लेकिन बकरवा गया तो तुम्हारे पेट में पशु बली से धर्म का दूर दूर तक कोई
00:36रिष्टा नहीं है बलकि पशु बली धर्म के बिलकुल विपरीत है चाहिए वो क
00:43कोई भी धर्मू।