00:00वो देखो कितना संदर न जा रहा है एक पेड़ है जिसको बाल दी गई है और उसी बाल के
00:05अंदर वो पेड़ भी है जिसको काटा गया है
00:07वो देखो जीवन और मौत एक साथ चल रहे है जो जो मृत्यू का लेंगन नहीं कर सकता उस ने
00:18जीवन को भी दूर धक्का दे दिया
00:30वो एक तरह से अंकार की प्रित्यों ही तो है अंकारी है तो मृत्यू सी तना घबराता है श्री तो
00:35घबराता नहीं तुम्हारा घुटना का भी मिला तो मैं रोता हुआ कि हाई मैं एक दिन मर जाओंगा और जलाया
00:39जाओंगा अंकारी है जो घबराता है और मृत्यू से अग
01:01वो खुद की ही वी अच्ची अधियाई से इनी खबराएगा, तो दोस्टाव में बाई वीदाई से क्या घबराएगा?
01:05और जण बास्तायां बात्से मांधने, शबन आफे की अच्छी आद्मी वि� lieutenant रुषिद इंदा्नी के तूम अच्छे आद्मी हूए।
01:30झाल झाल