00:00विदाई के समय पर ये ध्यानक महौल 20-40 औरते चाती पीट-पीट कर रो रही है, कोई दो-चार बिहोश हो गई है, ये हमेशा होता है, हो सकता है बड़े शहरों में होना बंद हो गया और छोटे शहरों में अभी भी होता होगा, पछाड खाखा के गिर रही है, महिलाएं, अ
00:30नहीं कठा कर पाते, तो आप जब देखते हो जवान हो रही है, तो दीरे-दीरे करके पहले से ही कठा करना शुरू कर देते हो, कभी एक चीज आती है, क्यों आया फ्रिज क्यों आया है, कोई बताता नहीं है, फिर आधी बुद्धी को दूना समय लगाकर समझ में आता, ये