00:00कृष्णाय वाशुदेवाय हरे परमात्मने रनता क्लेशन आशाय गोविन्दाय नमुनमाद।
00:06प्यार मित्रों जैश्यारं जैमाताद।
00:08मित्रों आज आज आप से चर्चा करते हैं, पित्र पक्ष के पामन परवे चालू होने वाले हैं।
00:13पूर्वजों का स्राद्य यदि नहीं किया जाता है, तो क्या होता है? पित्र देवता रुष्ट होते हैं, और क्या-क्या
00:20हमें समस्याय हो सकती हैं, इसी विशेफे करेंगी चर्चा।
00:24गरुण पूराण के अनुशार, पूर्वजों का स्राद्य कर्म न करने से पित्र दोष जैसी स्थितियां बनने लगती हैं।
00:34स्राद्य ना करने से घर में पित्र दोष लग जाता है, पूर्वज नाराज होते हैं, और बंसजों के काद्मियों में
00:43बाधाय आती हैं।
00:45म्रतक की आत्मा को शांती और मुक्ष प्राप्त नहीं होता है
00:50हिंदु धर्म में कई संस्कारों के बारे में बताया गया
00:55और इनका पालन करने की भी सलाह दी जाती है
00:58इनी में एक कर्म होता है जिसको हम लोग स्राध्य कर्म कहते
01:03जो सूला दिन का ये पावन पर्व मनाया जाता है
01:0726 सितंबर से प्रारंब हो करके 10 अक्तूबर 2026 तक ये स्राध्य का पावन पर्व रहेगा
01:16गरुल पुरान के अनुशार म्रतक के संसकार को न करने से कई तरह की बाधाया आती है
01:25जिसमें स्राध्य कर्म बहुत जरूरी है पिंडदान, स्राध्य कर्म, पित्र तरपण इत्यादी के कारण इन पित्र पक्षों में किये जाते
01:36है
01:36पूर्वजों के निमित तरपण करना अत्यदिक जरूरी बताया गया है
01:41यह वो पवित्र समय होता है जिसमें स्राद्ध, पिंददान और तरपण जैसे रीतियों का पूर्वजों का सम्मान किया जाता है
01:53कई लोग मृतक का स्राद्य करना जरूरी नहीं समझते हैं
01:59और उनसे जुड़े हुए जो रीती रिवाज हैं
02:01उनको करना भी जरूरी नहीं समझते हैं
02:04पुर्वजों का स्राद्य दी नहीं करते हैं
02:06तो समस्याएं क्या होती हैं
02:08पित्र देवता नाराज हो जाते हैं
02:24जिसमें कैरियर में रुकावट आने लगती हैं, हम बहुत चाह करके भी कादर करते, परंतु कादर संपन्य नहीं हो पाते
02:31हैं.
02:32स्वास्ट का खराब होना, घर में किसी ने किसी विक्ति का बीमारी का बनागी रहना, स्वास्ट अच्छा ना रहना.
02:39मेहनत के बाद भी सफलता हैं प्राप्त नहीं होना, मेहनत तो बहुत करते हैं, परंतु उसका जो लाब है, उसकी
02:44जो सफलता हैं, वो हमको प्राप्त नहीं होती हैं.
02:48बिवाह इत्यादी की समस्याएं, बालक और बालिका ब्याहक की योग्यों हो जाते हैं, परंतु उनके संबंद नहीं हो पाते हैं,
02:55संबंद होते हैं तो तलाग जैसी स्थितियां बन जाती हैं, घर में बिवाद जैसी स्थितियां बनी रहती हैं, परिवार में
03:02शंतान का श�
03:16अच्छा चलते चलते अचानक रुकावटें आ जाती हैं। भूमी का सुख भी आपको प्राप्त नहीं होता। बाहन का सुख आपको
03:23प्राप्त नहीं होगा। इस तरह की बहुत सी समस्याइं पित्रों से जुड़ी होती है। इसलिए हमें चाहिए पित्रपक्ष में पित्र�
03:31पित्रों का तरपण, पित्रों के लिए फिंड़ान अवस्याइब करना चाहिए। जिस दिन उनकी इम्रत्त हुली है, उसी दिन उनका स्राद्ध
03:40कर्म करना चाहिए। अगर आप चाहते हैं पित्र तरपण करना, पित्रों का पूजन करना, आप देश में रहते हैं, विदे
03:48इसमें रहते हैं, कहीं पर भी रहते हैं, आप शंपर करिएगा, मैं पुना मिलूँगा नए वीडियो में, तब तक के
03:54लिए आप सभी को, जैस्त्री कृष्णा